असहिष्णुता के प्रति असहनशील होने की ज़रूरत: अमर्त्य सेन

By: | Last Updated: Saturday, 13 February 2016 7:57 AM
‘We have been much too tolerant with intolerance, this has to end’: Amartya Sen

नई दिल्ली: नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने कहा है कि भारतीय असहिष्णुता के मामले में काफी हद तक सहनशील रहे हैं. उन्होंने लोगों से सहिष्णुता और बहुलता की परंपरा को संरक्षित रखने के लिए कड़ी मेहनत करने का अनुरोध किया.

नई दिल्ली में एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि असहमति की असहिष्णुता मौजूदा सरकार से शुरू नहीं हुई है. इस अवधि ने सिर्फ कुछ प्रतिबंध जोड़े हैं जो पहले से ही थे.

उन्होंने आईपीसी की धारा 377 और धारा 295 ए जैसे औपनिवेशिक कानून की समीक्षा की मांग की. सेन ने कहा, ”समस्या यह नहीं है कि भारतीय असहिष्णु हो गए हैं. यह इसके उलट है. हम असहिष्णुता के मामले में काफी हद तक सहनशील रहे हैं. जब कुछ लोगों पर संगठित समूहों द्वारा हमला होता है तो उन्हें हमारे समर्थन की जरूरत होती है.”

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Web Title: ‘We have been much too tolerant with intolerance, this has to end’: Amartya Sen
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