'घटना को जलियांवाला बाग बताना रिपोर्ट को राजनीतिक पर्चा साबित करता है'

By: | Last Updated: Tuesday, 30 December 2014 3:46 AM
west bengal politics: tmc, cpi

फ़ाइल फ़ोटो

कोलकाता: युवा कांग्रेस की 1993 में हुई रैली पर पुलिस गोलीबारी के लिए गठित जांच आयोग की रिपोर्ट पर सवाल करते हुए, सीपीआई नेता सूर्यकांत मिश्र ने आज पूछा कि आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को क्यों तलब नहीं किया. राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता मिश्र ने कहा, ‘‘मैं रिपोर्ट के बारे में नहीं जानता हूं. मैंने रिपोर्ट नहीं देखी है. लेकिन मैंने सुना है कि उसमें कहा गया है कि गोलीबारी असंवैधानिक थी. लेकिन तब की विपक्ष की नेता ममता बनर्जी ने राइटर्स बिल्डिंग पर कब्जा जमाने के लिए जो कार्यक्रम चलाया था वह क्या संवैधानिक था.’’

 

मिश्र ने पूछा, ‘‘आयोग द्वारा उन्हें (ममता बनर्जी) क्यों तलब नहीं किया गया.’’ वाम मोर्चे के अध्यक्ष और सीपीआई के सचिव बिमान बोस ने भी रिपोर्ट पर सवाल खड़े किए और इस पर हैरत जताई कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में ‘सशस्त्र’ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राइटर्स बिल्डिंग पर जो हमला किया था क्या वो संवैधानिक था. रिपोर्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सीपीआई नेता मोहम्मद सलीम ने रिपोर्ट को ‘राजनीतिक पर्चा’ करार दिया और कहा कि इसे ‘स्वीकार’ नहीं किया जा सकता.

 

1993 का बंगाल गोलीकांड जलियांवाला बाग से भी भयानक: आयोग  

 

सलीम ने कहा, ‘‘एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश (रिटायर्ड जज) से ऐसी रिपोर्ट को स्वीकार नहीं की जा सकती.’’ वाम नेता ने कहा, ‘‘इस पर बहस हो सकती थी कि गोलीबारी इरादतन की गई या गैरइरादतन, लेकिन इस घटना की तुलना जलियांवाला बाग नरसंहार से करने का मतलब साफ है कि यह राजनीतिक पर्चा है.’’

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: west bengal politics: tmc, cpi
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017