क्या है नेशनल एनक्रिप्शन पॉलिसी, अगर लागू होता तो आप कैसे चुटकी में चले जाते जेल?

By: | Last Updated: Tuesday, 22 September 2015 9:22 AM
What is National Encryption Policy and its Controversies?

नई दिल्ली : मोदी सरकार ने नेशनल एनक्रिप्शन पॉलिसी का ड्रॉफ्ट वापस लेने का एलान तो कर दिया, लेकिन उससे पहले इस पर अच्छा-खासा विवाद खड़ा हो गया.

 

आइए जानते हैं कि ये विवाद क्यों हुआ?

 

मोदी सरकार ने नेशनल एनक्रिप्शन पॉलिसी का जो ड्राफ्ट तैयार किया था, उसमें कहा गया था कि

 

  1. हर तरह के इलेक्ट्रॉनिक संदेशों को नब्बे दिन तक सुरक्षित रखना और उन्हें पुलिस या किसी जांच एजेंसी के मांगने पर मुहैया कराना ज़रूरी होगा.
  2. . अगर ये प्रावधान लागू हो जाता तो व्हाट्सऐप, ट्विटर, फेसबुक से लेकर ईमेल तक किसी भी माध्यम से भेजे गए संदेश आपको 90 दिन तक सुरक्षित रखने पड़ते.
  3.  अगर गलती से भी ये मैसेज डिलीट हो जाते तो आपको जेल तक की सज़ा हो सकती थी.  इस तेज़ दौड़ती भागती जिंदगी में दोस्तों की हल्की फुल्की बातों से लेकर माता-पिता के नसीहत भरे मैसेज को 90 दिनों तक संभालकर रखना किसी सजा से कम नहीं होता. और अगर ये सजा काटने में आप थोड़ी भी गलती कर जाते तो आपकी जगह जेल होती.
  4.  
  5.  सरकार के इस प्रस्ताव की जानकारी मिलते ही इसका चौतरफा विरोध शुरू हो गया.
  6.  सरकार ने पहले तो सफाई दी कि व्हाट्सऐप, फेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल वेबसाइट्स और ऐप्स को इस पॉलिसी के दायरे में नहीँ रखा जाएगा. लेकिन इसके बाद भी विरोध नहीं थमा तो सरकार को पॉलिसी का ड्राफ्ट वापस लेने का एलान करना पड़ा.

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Web Title: What is National Encryption Policy and its Controversies?
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