महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का क्या होगा!

By: | Last Updated: Thursday, 16 October 2014 5:09 AM

नई दिल्ली: महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनाव प्रचार में राहुल गांधी सिर्फ हाजिरी लगाने पहुंचे थे लेकिन जितनी हाजिरी लगाई उसका भी कोई असर नहीं दिखा. पोल्स के नतीजों की माने तो दोनो ही राज्यों में अब मुख्य विपक्ष भी नहीं पाएगी कांग्रेस.

 

ऐसी स्थिति में सवाल यह उठता है कि लगातार नीचे की ओर जा रही कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी का अब क्या होगा? एबीपी-नीलसन के सर्वे के मुताबकि लोकसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र और हरियाणा चुनाव में भी जनता ने राहुल गांधी के नेतृत्व को नकार दिया है.

 

महाराष्ट्र और हरियाणा में कांग्रेस के हाथ से सत्ता तो जा ही रही है साथ ही दोनों ही राज्यों में कांग्रेस तीसरे पायदान पर लुढकती नजर आ रही है. महाराष्ट्र में पृथ्वीराज चव्हाण की स्वच्छ छवि के बावजूद कांग्रेस पार्टी बीजेपी और शिवसेना के बाद तीसरे नंबर पर दिखाई दे रही है.

 

यही नहीं हरियाणा में भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा की दस साल पुरानी सरकार को भी राहुल गांधी बचाने में नाकामयाब दिखाई दे रहे हैं. यहां कांग्रेस बीजेपी और आईएनएलडी के बाद महज 10 सीटों से अपनी साख बचाती दिखाई दे रही है.

 

19 अक्टूबर को आने वाले नतीजों में भी अगर यही तस्वीर रहती है तो ये कांग्रेस और राहुल गांधी को लिए बड़ा झटका होगा. खासकर तब जब कांग्रेस लोकसभा चुनाव की करारी हार से अब तक उबर नहीं पाई हो.

 

मई में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पर मोदी लहर की ऐसी मार पड़ी थी कि पार्टी महज 44 सीटों पर सिमट कर रह गई थी और उसे लोकसभा में नेता विपक्ष के पद से भी हाथ धोना पड़ा था.

 

यही नहीं अगर महाराष्ट्र और हरियाणा में बीजेपी कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने में कामयाब होती है तो पूरे देश में कांग्रेस शासित राज्यों की संख्या ग्यारह से नौ रह जाएगी.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: what will be the future of congress vice president rahul gandhi
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017