What will effect of cow slaughter ban?

What will effect of cow slaughter ban?

By: | Updated: 15 Mar 2015 01:22 PM

नई दिल्ली: हरियाणा सरकार ने गो मांस की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने बैल और सांड को मारने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था.

 

बीजेपी शासित राज्यों के फैसले पर कांग्रेस सवाल उठा रही है. सवाल ये है कि गो हत्या पर विवाद क्यों? और जानें गो मांस की ब्रिकी पर बैन का क्या असर पड़ेगा?

 

पिछली सरकार में डिब्बाबंद गोमांस वैध था जिसपर हरियाणा की बीजेपी सरकार ने बैन लगा दिया है. पिछले महीने ही महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार में गाय ही नहीं बल्कि गौवंश हत्या यानी बैल और सांड के मारे जाने को लेकर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के बाद हरियाणा सरकार ने गोहत्या और तस्करी को लेकर फैसला लिया है.

 

सिर्फ हरियाणा के 400 गोशालाओं में करीब तीन लाख गाये हैं, जबकि सड़कों पर करीब डेढ़ लाख गाय हैं और 18 लाख गायें लोगों ने पाल रखी हैं.

 

महाराष्ट्र में गोहत्या पर बैन था लेकिन आरोप लगते रहे कि बैल-बछड़े की आड़ में गोहत्या को अंजाम दिया जाता था जिसके बाद महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार ने गोवंश हत्या पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. यानी अब गाय के साथ बैल-बछड़े की हत्या को भी गैरकानूनी बना दिया गया है.

 

गोहत्या पर बीजेपी शासित राज्यों में बन रहे कठोर कानूनों पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं.

 

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि देश में गाय कटती नहीं है दिखाने के लिए सरकारें ऐसा कर रही हैं.

 

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भी बीजेपी शासित राज्यों में बन रहे कानूनों पर सवाल उठाते हुए कहा, जब हम लोगों को गाय या सुअर का मांस परोसने, बेचने या खाने से मना करते हैं तो उदारवाद पर सवाल उठते हैं.

 

गोमांस गरीबों का मांसाहार है. ये प्रोटीन का अच्छा स्रोत है. हिंदू धर्म में आस्था रखने वालों के अलावा अन्य धर्म के लोग गोमांस खाते हैं. युवा भारतीय खासकर विदेशों में रहने वाले युवा हैमबर्गर चाव से खाते हैं. सुअर का मांस भी यूरोप और पूर्वी एशिया में पसंद किया जाता है. जब बहुमत की एक छोटी संख्या, जो सरकार में है या तालिबान है गोमांस या सुअर के मांस पर रोक लगाती है तो ये उदारवाद के नियम के खिलाफ है.

 

सिर्फ 5 राज्यों में प्रतिबंध नहीं

 

देश के 29 में से 24 राज्यों में गोहत्या पर प्रतिबंध है. सिर्फ बिहार, केरल, पश्चिम बंगाल, मेघालय और नागालैंड में गोहत्या पर प्रतिबंध नहीं है.

 

बिहार में 500 गायों को रोजाना काटा जाता है जबकि पश्चिम बंगाल में दूसरे राज्यों से अवैध तरीके से गाय लाई जाती है.

 

पिछले चार सालों में बीफ यानी गौवंश मांस की खपत में करीब दस फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. 2011 में बीफ की खपत 20.4 लाख टन थी जो 2014 में बढ़कर 22.5 लाख टन हो गई. भारत बीफ के निर्यात में नंबर दो पर है.

 

कानून के जानकारों का कहना है कि संविधान में इस बात का जिक्र है कि राज्यों को गोहत्या के खिलाफ कानून बनाना चाहिए.

 

प्रतिबंध के बावजूद गोहत्या जारी

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक झारखंड, महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली, यूपी समेत 19 राज्यों में गोहत्या हो रही है. झारखंड में रोजाना 500 गायों की हत्या होती है तो 500-1000 गायों की तस्करी होती है. मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे बीजेपी शासित राज्यों में गोहत्या के मामले नहीं आए हैं.

 

हरियाणा-महाराष्ट्र राज्य सरकारों के फैसले पर आरएसएस ने कहा है कि सिर्फ कानून बनाने से नहीं होगा कड़ाई से सरकार को लागू भी करना होगा.

 

देश में 62 मान्यता प्राप्त स्लॉटर हाउस हैं इनमें सबसे ज्यादा 38 यूपी में हैं. इसके अलावा कई बूचड़खाने हैं. इनमें पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और अन्य राज्यों से रोजाना 300-400 गाय पहुंचाई जाती है.

 

जानकार मानते हैं कि गोहत्या पर प्रतिबंध से तस्करी बढ़ेगी और गोमांस पहले से ज्यादा महंगा बिकेगा.

फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title:
Read all latest India News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story पीएनबी घोटाले के लिए मनमोहन-मोदी दोनों सरकारें जिम्मेदार, आरबीआई भी रहा नाकाम