संगठन कौशल के धनी मनोहर लाल खट्टर के पिता-दादा मजदूर थे

By: | Last Updated: Tuesday, 21 October 2014 10:51 AM

चंडीगढ़: सुखिर्यों से दूर रहकर चुपचाप लोगों के बीच काम करने के लिए मशहूर मनोहर लाल खट्टर की ख्याति बीजेपी में साफ छवि वाले एक ऐसे व्यक्ति की है जो कस कर काम लेते हैं और निर्थक बातों में नहीं पड़ते.

 

संगठन कौशल के धनी माने जाने वाले 60 वर्षीय खट्टर कभी डाक्टर बनना चाहते थे. उनकी छवि काफी साफ है और उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का करीबी माना जाता है जिनके साथ वे पहले काम कर चुके हैं.

 

खट्टर अविवाहित हैं और पहली बार विधायक बने हैं. उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के तौर पर 40 साल तक काम किया है.

 

राजनीतिक सूझबूझ के लिए जाने जाने वाले खट्टर ने अपनी पार्टी के लिए कई चुनावों में रणनीति तैयार करने और उसे सफलतापूर्वक अंजाम देने में अहम भूमिका निभायी. इसका उदाहरण 2014 के लोकसभा चुनाव में भी हरियाणा में देखने को मिला था जब उन्होंने चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष के रूप में काम किया था.

 

मनोहर लाल खट्टर ने 1996 में मोदी के साथ काम करना शुरू किया था जो उस समय हरियाणा के प्रभारी थे. 2002 में मनोहर लाल को जम्मू कश्मीर के प्रदेश चुनाव का प्रभार दिया गया था.

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव का प्रचार चार अक्तूबर को करनाल से शुरू किया था. इस सीट पर खट्टर ने जबर्दस्त जीत दर्ज की है. सामान्य कृषक पृष्ठभूमि से आने वाले मनोहर लाल खट्टर का परिवार विभाजन के बाद पाकिस्तान से हरियाणा आया था और रोहतक जिले के निंदाना गांव में बस गया.

 

मजदूर थे पिता और दादा
 

आजीविका चलाने के लिए उनके पिता और दादा ने मजदूरी की और इससे जमा की गई रकम से एक छोटी सी दुकान खोली . निंदाना गांव में ही 1954 में मनोहर लाल का जन्म हुआ.

 

खट्टर 1980 में आरएसएस में पूर्णकालिक प्रचारक के रूप में शामिल हुए और बाद में उन्हें बीजेपी में भेजा गया. 1994 में वह हरियाणा में पार्टी महासचिव बनाये गए.

 

1996 में बीजेपी ने बंसी लाल के नेतृत्व वाली हरियाणा विकास पार्टी से राज्य में सरकार बनाने के लिए गठजोड़ किया. बाद में जब उन्होंने पाया कि गठबंधन पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है और सरकार अलोकप्रिय हो रही है तब उन्होंने समर्थन वापसी का पक्ष लिया. हरियाणा विकास पार्टी का बाद में कांग्रेस के साथ विलय हो गया था.

 

बीजेपी ने इसके बाद ओम प्रकाश चौटाला को बाहर से समर्थन देने का निर्णय किया. बाद में इनेलो के साथ इस गठबंधन ने 1999 के लोकसभा चुनाव में हरियाणा की सभी 10 सीटें जीत ली. हालांकि 1998 में गठबंधन को दो सीट ही मिली थी.

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Web Title: who is Manohar lal Khattar?
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