अमन की मौत का जिम्मेदार कौन?

By: | Last Updated: Tuesday, 15 September 2015 11:35 AM

नई दिल्ली: दिल्ली में डेंगू का इलाज नहीं मिलने से एक मासूम की फिर मौत हो गई है. इस घटना के बाद दिल्ली की सरकार आज हरकत में दिख रही है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली के अस्पतालों का दौरा करने निकले जहां उन्होंने कहा है कि प्राइवेट अस्पताल अपने मुनाफे के लिए डेंगू के मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि वो ये सुनिश्चित करेंगे कि कहीं पर भी बेड या डॉक्टर की कमी ना हो.

 

केजरीवाल ने कहा है कि निजी अस्पतालों के मनमाने पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली सरकार नया कानून बनाने की तैयारी कर रही है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि लगातार स्थिति पर उऩकी नजर है. प्राइवेट अस्पतालों ने अगर बीते 15 दिनों में पैसे बढ़ाए हैं तो फिर उन पर कार्रवाई होगी.

 

दिल्ली में डेंगू से एक और मौत, वक्त पर इलाज नहीं मिलने से 6 साल के बच्चे ने दम तोड़ा. डेंगू के मरीज को वक्त पर इलाज नहीं मिलने का ये शर्मनाक वाकया राजधानी दिल्ली के श्रीनिवासपुरी इलाके का है. 6 साल के बच्चे अमन के माता पिता सफदरजंग से लेकर मूलचंद और मैक्स अस्पताल तक दौड़ते रहे लेकिन हर जगह से उन्हें निराशा हाल लगी. अंत में होली फैमिली अस्पताल में उन्हें जगह मिली, लेकिन तबतक देर हो चुकी थी. वक्त पर इलाज नहीं मिलने के कारण रविवार रात करीब 8.30 बजे बच्चे ने दम तोड़ दिया.

दिल्ली: बिना इलाज डेंगू से बच्चे की मौत, सरकार ने मांगी निजी अस्पतालों से रिपोर्ट 

इससे पहले लाडो सराय में भी वक्त पर इलाज नहीं मिलने से डेंगू से एक बच्चे की मौत हुई थी. उसके माता-पिता ने सदमे में खुदकुशी कर ली थी.

 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने डेंगू से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि डेंगू से निपटने की कोशिशों में केंद्र सरकार पूरी मदद करेगी.

 

स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक अस्पतालों को कहा गया है कि वो डेंगू के किसी भी मरीज को भर्ती करने से इनकार न करें. उन्होंने निजी अस्पतालों में इलाज के लिए गैर-वाजिब पैसे वसूले जाने पर कड़ी कार्रवाई की बात भी कही है.

 

यूपी के गाजियाबाद में अस्पतालों में जबरदस्त भीड़ से मरीज परेशान हैं. घंटों इंतज़ार के बाद भी डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं. गाजियाबाद के सरकारी अस्पताल में डेंगू, मौसमी बुखार और दूसरी बीमारियों की वजह से भारी भीड़ हो रही है. लेकिन घंटों लाइन में लगने पर भी मरीजों को डॉक्टरों के दर्शन नहीं हो रहे. कई मरीज तो दो दिन से आ रहे हैं, लेकिन डॉक्टर से मुलाकात नहीं हो पा रही. सबसे बुरा हाल अस्पताल आने वाली महिलाओं और बच्चों का है.

 

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वो डॉक्टरों की कमी के कारण लाचार हैं, अस्पताल में जितने डॉक्टर होंगे, उतने ही तो इलाज करेंगे.

 

वजह कुछ भी हो, लेकिन खामियाजा तो उन मरीजों को भुगतना पड़ रहा है, जिनका इलाज करने वाला कोई नहीं है.

 

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Web Title: who is responsible for aman’s death?
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