अगर दिल्ली में चुनाव होता है तो जीत किसको मिल सकती है ?

By: | Last Updated: Monday, 3 November 2014 11:15 AM

नई दिल्ली : अब ये करीब-करीब तय हो चुका है कि दिल्ली में चुनाव होगा . दिल्ली की तीनों बड़ी पार्टियां चुनाव में जीत का दावा कर रही हैं लेकिन आंकड़े क्या कहते हैं ? आइए आंकड़ों के सहारे समझने की कोशिश करते हैं कि अगर दिल्ली में चुनाव होता है तो जीत किसको मिल सकती है ?

 

अगर दिल्ली में चुनाव होता है तो जीत किसको मिल सकती है ? 

 

दिल्ली में हर कोई जीत का दावा कर रहा है. जीत का दावा करना भी चाहिए . समर्थकों के साथ साथ खुद का भी मनोबल बढ़ा रहता है लेकिन अगर चुनावी मैच टाई नहीं हुआ तो जीत तो मिलेगी किसी एक को ही .

 

कौन है इस वक्त चुनावी रेस की दौड़ में सबसे आगे?

 

दिल्ली में विधानसभा की कुल 70 सीट है जबकि लोकसभा की 7 सीट . 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने सातों सीट पर जीत दर्ज की थी जबकि आप सभी सीटों पर नंबर दो थी. विधानसभा के हिसाब से बीजेपी 60 सीटों पर नंबर वन थी जबकि आप 10 सीटों पर सबसे आगे थी. मतलब लोकसभा के हिसाब से बीजेपी को 60 और आप को 10 सीट मिल सकती है.

 

आप और कांग्रेस का कहना है कि लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में फर्क होता है. तो चलिए, विधानसभा के आंकड़े के हिसाब से देखते हैं कि कौन पार्टी नंबर वन बन सकती है? 

2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी 68 सीटों पर लड़ी थी, 31 सीटों पर उसने जीत दर्ज की, 2 सीट पर उसकी जमानत जब्त हो गई थी जबकि कुल 33 फीसदी वोट उसके हिस्से में आये थे. बीजेपी की सहयोगी शिरोमणि अकाली दल 2 सीटों पर लड़ी थी, एक पर उसे जीत मिली और एक फीसदी वोट उसके हिस्से में आया था.

 

मतलब बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर कुल 70 सीटों पर लड़े थे, 32 सीटों पर उन्होंने जीत दर्ज की थी, 2 सीट पर उनकी जमानत जब्त हुई थी जबकि कुल 34 फीसदी वोट उनके हिस्से में आया था.

 

अब आइए आप के आंकड़ें पर. आप ने दिल्ली की सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे जिसमें से उसे 28 सीटों पर जीत मिली थी . 9 सीटों पर जमानत जब्त हुआ था जबकि उसे कुल 29 फीसदी वोट मिले थे.

 

आप की तरह ही कांग्रेस ने भी सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे लेकिन उसके हिस्से में आयी थी महज 8 सीटें . 11 सीटों पर जमानत जब्त हुआ हालांकि कांग्रेस का वोट प्रतिशत रहा 25 फीसदी .

 

बीएसपी 69 सीटों पर लड़ी थी लेकिन वह एक भी सीट नहीं जीत पायी उल्टे 63 सीटों पर उसका जमानत जब्त हो गया . बीएसपी को मात्र पांच फीसदी वोट मिले थे.

 

बीएसपी से अच्छी हालत रही जेडीयू की . जेडीयू ने 27 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे जिसमें से एक सीट पर उसने जीत दर्ज की थी जबकि 26 सीटों पर जमानत भी नहीं बचा पायी थी. उसे महज एक फीसदी वोट मिला था.  एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार रामबीर शौकीन ने जीत दर्ज की थी.

 

लेकिन ये आंकड़े हैं 8 दिसंबर 2013 के जिस दिन चुनाव नतीजे आये थे. तब से लेकर आज तक का राजनीतिक माहौल काफी बदल चुका है. कांगेस के सहयोग से बनी केजरीवाल की सरकार 49 दिनों में गिर चुकी है. दिल्ली की गद्दी पर मोदी सरकार काबिज हो चुकी है.हरियाणा और महाराष्ट्र में इतिहास की पहली बीजेपी सरकार बन चुकी है. जाहिर है बीजेपी खेमे में फीड गुड का अहसास कुछ ज्यादा है लेकिन आखिरी फैसला तो दिल्ली के एक करोड़ 15 लाख मतदाताओं को ही करना है.

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Web Title: who will delhi election?
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