पीएम के ‘औरंगजेब राज’ वाली टिप्पणी पर बोली कांग्रेस, उन्हें ‘राहुल फोबिया’ क्यों हो गया? | Why PM Modi suffering from Rahul phobia asks Congress

पीएम के 'औरंगजेब राज' वाली टिप्पणी पर बोली कांग्रेस, उन्हें 'राहुल फोबिया' क्यों हो गया?

कांग्रेस नेताओं ने जहां बीजेपी के अध्यक्ष पद के चुनाव पर सवालिया निशान लगाये वहीं प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया कि उन्हें ‘‘राहुल गांधी का फोबिया’’ क्यों हो गया है?

By: | Updated: 04 Dec 2017 08:13 PM
Why PM Modi suffering from Rahul phobia asks Congress

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए सोमवार को राहुल गांधी की तरफ से नामांकन पत्र दाखिल करने के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पार्टी में वंशवाद और ‘औरंगजेबी राज’ को लेकर कांग्रेस पर तंज किया. इस पर कांग्रेस के कई नेताओं ने तीखा पलटवार किया. कांग्रेस नेताओं ने जहां बीजेपी के अध्यक्ष पद के चुनाव पर सवालिया निशान लगाये वहीं प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया कि उन्हें ‘राहुल गांधी का फोबिया’ क्यों हो गया है?


प्रधानमंत्री मोदी ने आज गुजरात के वलसाड में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे मणिशंकर अय्यर का कहना है ‘क्या मुगल काल में चुनाव होते थे ? जहांगीर के बाद शाहजहां आये, क्या कोई चुनाव हुआ था? शाहजहां के बाद औरंगजेब शासन करेगा, यह सभी जानते थे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्या कांग्रेस यह स्वीकार करती है कि वह एक परिवार की पार्टी है? हम यह औरंगजेब शासन नहीं चाहते.’’


कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्रीजी आजकल बहुत बौखलाए, घबराये और तिलमिलाए हुए हैं. बौखलाकर वह कभी चीन-पाकिस्तान पहुंच जाते हैं और कभी मुगलकाल में पहुंच जाते हैं.’’ उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल किया, ‘‘आपको राहुल गांधी जी का फोबिया क्यों हुआ है? उठते-बैठते, सोते-जागते आपको केवल एक ही व्यक्ति क्यों दिखता हैं.’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गुजरात चुनाव में राहुल गांधी के प्रचार से घबरा गये हैं.


वहीं राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव पर सवाल उठाने के लिए बीजेपी पलटवार किया. उन्होंने कहा कि भगवा दल अपने ही अंदर लोकतंत्र का पालन नहीं करता.


गुलाम नबीं आजाद ने बीजेपी द्वारा ईवीएम में छेड़छाड़ के कई विपक्षी दलों के आरोप को दोहराते हुए कहा, ‘‘जिन लोगों का वोट जीतने के लिए मशीनों पर भरोसा है, वे हमें लोकतंत्र के बारे में सिखा रहे हैं.’’ पार्टी के केन्द्रीय चुनाव प्राधिकरण के सदस्य मधुसूदन मिस्त्री ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव में पारदर्शिता के प्रश्न पर कहा, ‘‘जाकर बीजेपी से यह पूछना चाहिए कि उनके अध्यक्ष पद का चुनाव कैसे होता है. उसमें कितनी पारदर्शिता होती हैं.’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन चुनाव की प्रक्रिया पिछले तीन महीने से चल रही है.


शहजाद पूनावाला के कांग्रेस में ‘‘वंशवाद की राजनीति’’ के आरोप पर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा, ‘‘जब जहांगीर की जगह शाहजहां आया तो क्या तब चुनाव हुआ था. जब शाहजहां की जगह औरंगजेब आया तो क्या वहां चुनाव हुआ था. पहले यह सभी को मालूम था कि बादशाह का ताज बादशाह के वंशज को जायेगा. यदि वे आपस में लड़े तो अलग बात है.’’


अय्यर ने कहा, ‘‘किंतु आज समय बदल गया है. लोकतंत्र में चुनाव होते हैं और कोई भी लड़ सकता है. अब कोई भी कांग्रेसजन नामांकन पत्र दाखिल कर सकता है. हमने देखा कि जितेन्द्र प्रसाद, सोनिया जी के खिलाफ खड़े हुए और चुनाव लड़ा. आज भी यदि कोई चुनाव लड़ना चाहता है तो ऐसा करने के लिए उसका स्वागत है. यह लोकतंत्र की तरह एक आम चुनाव है.’’

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