बादशाह की नाक के नीचे हर रोज कितनी बलि दी जाती हैः आजम खान

By: | Last Updated: Friday, 25 September 2015 1:07 PM
Why sacrifice animal on Bakrid?

नई दिल्लीः आज बकरीद के दिन इंदौर से बीजेपी विधायक उषा ठाकुर के बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. ऊषा ठाकुर ने कहा है कि ‘बकरे की सांकेतिक कुर्बानी देनी चाहिए’.  इस पर यूपी के मंत्री आजम खान ने कहा है कि ‘दक्षिण भारत के मंदिरों में जाकर देखें कि वहां जानवरों की कितनी कुर्बानी होती है. पांच-सितारा होटलों में भी कितने पशुओं की बलि दी जाती है, और बादशाह की नाक के नीचे दी जाती है.’

 

 सवाल ये है कि कुर्बानी या बलि हो ही क्यों?

 

इंदौर से बीजेपी विधायक ऊषा ठाकुर बकरीद के मौके पर बकरे की कुर्बानी को गलत ठहरा रही हैं. और सांकेतिक कुर्बानी की वकालत कर रही हैं.

 

कांग्रेस इसे देश को तोड़ने वाला बयान बता रही है, मुस्लिम धर्मगुरु ऊषा ठाकुर की सलाह को नकार रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी इन दिनों पत्रकार यूसुफ अंसारी का लेख चर्चा में है जिसमें दावा किया गया है कि ‘ईद-उल-अज़हा पर देश भर में करीब 2 करोड़ बकरों की क़ुर्बानी होगी. अगर एक बकरे की क़ीमत का औसत 10 हज़ार रुपए माना जाए तो इस बकरा ईद पर मुसलमान 20,000 करोड़ रुपए बकरों की कुर्बानी पर ख़र्च कर देंगे. अगर क़ुर्बानी का आधा पैसा मुसलमान ग़रीबों को रोज़गार मुहैया कराने और उनके बच्चों को शिक्षा पर ख़र्च कर दें तो मुसलमानों को अपने विकास के लिए सरकरों का मुंह ताकना नहीं पड़ेगा. 

 

 

बकरीद से एक दिन पहले ही एनजीटी ने दिल्ली सरकार को ये सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि खून यमुना में न बहाया जाए. बकरीद में बकरे की कुर्बानी दी जाती है. बकरे की खरीद बिक्री अब मंडियों से होकर इंटरनेट तक पहुंच चुकी है और 50-60 लाख रुपये से ज्यादा तक कीमत पहुंच चुकी है. सवाल ये है कि क्या बकरीद में बकरे की कुर्बानी जरूरी है.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: Why sacrifice animal on Bakrid?
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: animal Bakrid sacrifice
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017