तमिलनाडु में यूपी से भी ज्यादा, 12 फीसदी घरों की मालकिन हैं विधवाएं

By: | Last Updated: Friday, 1 May 2015 3:37 AM
widows_head_household_india

PHOTO- www.saltnpeppa.me

चेन्नई/नई दिल्ली: दुनिया में महिलाएं हर जगह तेजी से पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं. दुनिया भर में महिला सशक्तिकरण की मुहिमें और अभियान चलाए जा रहे हैं. इस बीच 2011 की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक भारत के तमिलनाडु राज्य में 100 में 12 परिवारों का नेतृत्व विधवाएं करती हैं. जबकि देशभर में यह आंकड़ा 100 में से 9 है. वहीं सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में 100 में से 7 परिवारों की मुखिया विधवाए हैं.

 

जनगणना के वैवाहिक और पारिवारिक मुखिया के आंकड़ों के मुताबिक, देश भर में 2.23 करोड़ परिवार हर उम्र वर्ग की महिलाओं के द्वारा संचालित किए जाते हैं. यूपी में जहां 24.62 लाख परिवार तो तमिलनाडु में 22.32 लाख परिवारों की मुखिया और कर्ता-धर्ता विधवा महिलाएं ही हैं.

 

विशेषज्ञों की मानें तो इतने बड़े आंकड़ों में विधवाओं द्वारा परिवार के संचालन की वजह महिलाओं और उनके पति की उम्र में विशाल अंतर का होना है. विशेषज्ञों के मुताबिक विशेषतौर पर गांव में दूल्हा और दुल्हन की उम्र में 5 से 10 साल तक का अंतर होता है, जिसकी वजह से पति की मौत पत्नी से पहले हो जाती है और पूरे परिवार की जिम्मेदारी पत्नी पर आ जाती है. इसके अलावा दूसरा कारण महिलाओं में जीवन दर का बढ़ना भी एक बढ़ा कारण है.

 

ताजा वैवाहिक आंकड़ों के मुताबिक 2001 से अब तक विधवाओं की संख्या मे जबरदस्त बढ़ोत्तरी हुई है. 2011 में भारत की जनगणना 121 करोड़ थी जिसके मुताबिक भारत में 4.58 प्रतिशत यानी 5.55 करोड़ विधवाए हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि 2001 में जनगणना के समय 102 करोड़ की कुल जनसंख्या में 0.719 यानी 18.51 लाख महिलाएं ही विधवा थीं. लेकिन 2001 की तरह ही 2011 की जनगणना में भी शहरों की अपेक्षा ग्रामीण इलाकों में विधवाओं की संख्या ज्यादा पाई गई.

 

इसके अलावा इन आंकड़ों से पता चलता है कि केरल और तमिलनाडु में विधवाओं की संख्या अच्छी-खासी है. केरल में कुल जनसंख्या में 6.67 प्रतिशत जबकि तमिलनाडु में 6.39 प्रतिशत विधवाएं हैं.

 

बेहतर जीवन दर वाले राज्य तमिलनाडु में विधवाओं का परिवार का नेतृत्व करना बड़ी बात तो है लेकिन यूपी जैसे राज्य में जहां जीवन दर तमिलनाडु की अपेक्षा कम है, वहां विधवाओं का 24.62 परिवार की मुखिया होना वाकई बेहद चौंकाने वाला तथ्य है. 

 

अधिकतर परिवार जिनकी मुखिया एक विधवा है उनकी उम्र 60 से 69 के बीच है. लगभग 62.40 लाख परिवारों की मुखिया विधवाएं इसी उम्र वर्ग से आती हैं. लगभग 49,815 परिवार विधवाओं के द्वारा उनकी 20 वर्ष जैसी कम उम्र में ही संचालित किए जाते हैं. हमारे देश में लगभग 11.78 लाख परिवार 80 वर्ष या उससे ज्यादा उम्र की विधवाएं चलाती हैं.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: widows_head_household_india
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: ??????? CENSUS 2011 head household India widows
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017