क्या कांग्रेस के साथ गांधी का सिर्फ नाम जुड़ कर रह जायेगा?

By: | Last Updated: Tuesday, 8 September 2015 4:13 PM

नई दिल्ली: ये सवाल इसलिए क्योंकि पटेल के बाद अब बीजेपी की कोशिश है गांधी को भी अपनाने की. इसी कवायद में संस्कृति विभाग ने साढ़े सात करोड़ की राशि गांधी स्मृति और दर्शन समिति को देने का फैसला किया है.

 

इस पैसे का बड़ा हिस्सा इसी साल 2 अक्टूबर के पहले, गांधी स्मृति और दर्शन समिति की सूरत बदलने में लगाया जायेगा. पिछले 10 सालों में जब यूपीए की सरकार थी, गांधी स्मृति, को ग्रांट के तौर पर मिलने वाली ये सबसे बड़ी रकम है. गांधी स्मृति और दर्शन समिति जो भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंदर आता है उसका एक हिस्सा,  5 तीस जनवरी मार्ग, नई दिल्ली पर है.

 

इसे ओल्ड बिरला हाउस भी कहा जाता है. यही पर महात्मा गांधी ने अपने अंतिम दिन गुज़ारे थे और यहीं पर उन्होंने अंतिम सांस ली थी. इसका दूसरा हिस्सा गांधी दर्शन समिति राजघाट पर बापू के समधी स्थल के पास है. 5 तीस जनवरी मार्ग की हालात आज जर्जर है.  संस्कृति मंत्रालय के मुताबिक, जो लोग सबसे ज्यादा खुद को महात्मा गांधी से जुड़े बताते है, उन्होंने उनके स्थल को सुधरने के लिए कुछ नहीं किया.

 

आज वह जर्जर अवस्था में है, और अब संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार ने उसका उद्धार करने का बीड़ा उठाया है. इतना ही नहीं, केंद्र सरकार इस बार 2 अक्टूबर, को गांधी जी के जन्म दिवस को खास रूप में मानाने भी जा रही है. इस साल बिहार में चंपारण सत्याग्रह के नेतृत्व को सौ साल पूरे हो रहे है. 1917 में गांधी जी चंपारण के नेतृत्व में अहम् भूमिका को अब इस वर्ष गांधी स्मृति की मैन थीम  बनाया जायेगा.

 

इस मौके को ज्यादा यादगार और अहम् बनाने के लिए चंपारण के बुनियादी विद्यालय से 70 छात्रों को खास तौर पर प्रोग्राम के लिए दिल्ली बुलाया गया है. इस बुनियादी विधालय की स्थापना खुद गांधी जी ने की थी. आम दिनों में गांधी स्मृति और दर्शन को देखने आने वाले 2000 से 3000 लोग होते हैं.

 

सरकार इस साल इस संख्या को 5000 तक पहुँचाना चाहती है. 2 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम में भी तकरिबन देश भर से 5000 लोगो  को आमंत्रित किया जायेगा. इतना ही नहीं, दिल्ली में गांधी से जुडी जितनी जगह है उनको एक साथ सैलानी पैकेज में दर्शन कर सके इसकी भी कोशिश संस्कृति मंत्रालय कर रहा है.

 

इसमें सबसे अहम् बात ये कि देश के संस्कृति मंत्री ही पर्यटन मंत्री भी है इसलिए इसमें दिक्कत नहीं आएगी. सरकार ने ऐसे सात जगहों की शिनाख्त की है.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: With Congress Gandhi will be binding only in name
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017