कामकाजी महिला भी है गुजाराभत्ता पाने की हकदार: अदालत

By: | Last Updated: Wednesday, 24 June 2015 3:09 PM
working women

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने कहा है कि आमदनी में अंतर पर गौर किये बगैर कामकाजी महिला भी अलग रह रहे पति से गुजाराभत्ता पाने की हकदार है.

 

अदालत ने पति की इस दलील को भी अस्वीकार कर दिया कि केवल वही महिला अंतरिम गुजाराभत्ता पाने की हकदार होती है जो भुखमरी और गरीबी के कगार पर हो.

 

अदालत ने कहा कि गुजारेभत्ते की राशि इतनी होनी चाहिए कि पत्नी पति के साथ वाले ‘‘औहदे और जीवनशैली’’ को ध्यान में रखते हुए ‘‘तार्किक सहजता’’ के साथ रह सके.

 

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मोनिका सरोहा ने कहा कि अंतरिम गुजाराभत्ता शिकायतकर्ता (महिला) को केवल गरीबी और भुखमरी से बचाने के लिए नहीं दिया जाता, बल्कि यह उस स्थिति में भी देने का फैसला सुनाया जाता है जहां पत्नी पति के साथ शादी के कारण एक खास स्तर का जीवन जीने की आदी हो गई है इसलिए उसे ऐसे ऐशोआराम की जिंदगी से वंचित नहीं किया जा सकता जिसकी वह आदी हो गई है.

 

अदालत ने एक घरेलू हिंसा मामले में अलग रह रहे पति से अंतरिम गुजाराभत्ता मांगने की मांग वाली महिला की याचिका पर फैसला सुनाते हुए ये टिप्पणियां कीं.

 

अदालत ने पत्नी को 35 हजार रूपये मासिक अंतरिम गुजाराभत्ता देने का आदेश दिया.

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Web Title: working women
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