'मारपीट' के बाद आप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण की छुट्टी

By: | Last Updated: Saturday, 28 March 2015 1:16 AM
Yadav, Bhushan shown the door by AAP’s National Council

नई दिल्ली: योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण को आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकाल दिया गया है. प्रोफेसर आनंद कुमार और अजीत झा की भी छुट्टी कर दी गई है. योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने केजरीवाल गुट पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इनका आरोप है कि राष्ट्रीय परिषद में उनके समर्थक के साथ बैठक में मारपीट की गई. हालांकि आम आदमी पार्टी का कहना है कि मारपीट के आरोप गलत हैं.

 

नाटकीय घटनाक्रम में करीब 300 सदस्यीय राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पारित एक प्रस्ताव पर 230 सदस्यों ने दोनों असंतुष्ट नेताओं को हटाने का पक्ष लिया. केजरीवाल ने बैठक के दौरान भावुक भाषण दिया और मनीष सिसोदिया की ओर से दोनों नेताओं को हटाने का प्रस्ताव पेश किये जाने से पहले ही आप प्रमुख बैठक स्थल से रवाना हो गए.

 

इस घटनाक्रम से क्षुब्ध दिख रहे योगेन्द्र यादव ने कहा, “इस बैठक में लोकतंत्र की हत्या हुई है. यहां हमारे साथ मारपीट की गई है. नेशनल काउंसिल के मेंबर रमजान चौधरी के साथ बैठक के बीच में से घसीटकर लात मारी है. इनके हड्डी में चोट पहुंची है. अरविंद के भाषण के बीच में ही पार्टी के विधायक अनिल मिश्रा, नितिन त्यागी ने भाषण के बीच में खड़े होकर ‘गद्दारों को बाहर करो’ के नारे लगाने शुरू कर दिए. पहले से पूरी स्क्रिप्ट बना रखी थी.”

 

योगेंद्र यादव ने  कहा, ”अरविंद ने भाषण दिया उसके बाद तुरंत कहा कि गोपाल राय अध्यक्ष बनेंगे. विरोध को सुना नहीं गया. लोकपाल को बैठक में आने नहीं दिया गया. अगले एक मीटिंग में चेयरमैन बना दिया गया. अगले दूसरे मिनट में प्रस्ताव पेश किया गया.  हमने कहा कि इस प्रस्ताव में चर्चा होना चाहिए इस पर कहा कि लिख कर दीजिए. इसके बाद मनीष सिसौदिया खड़े होकर वोटिंग करवाने लग गए.”
 

बैठक में लोकतंत्र की हत्या हुई- योगेंद्र यादव
 

योगेन्द्र यादव ने आरोप लगाया कि प्रस्ताव का विरोध करने वाले राष्ट्रीय परिषद के कई सदस्य घायल हो गए क्योंकि बाउंसरों एवं बाहरी गुंडों ने उनसे धक्कामुक्की की .

 

बैठक को प्रशांत ने फर्जी करार दिया

प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान फर्जी वोटिंग हुई और केजरीवाल हमें पार्टी से बाहर निकालने के लिए पूरी तरह से तैयार होकर आए थे.  उन्होंने कहा, ‘‘ कल स्टिंग के दौरान केजरीवाल को जो कुछ कहते सुना गया था, उसपर आज की बैठक में पूरी तरह अमल किया गया . सदस्य एवं अन्य में कोई फर्क नहीं किया गया. बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई, कोई गुप्त मतदान नहीं हुआ और न ही मतदान को प्रदर्शित ही किया गया.’’

 

प्रशांत भूषण ने बैठक में पार्टी के आंतरिक लोकपाल एडमिरल एल रामदास को आने की अनुमति नहीं देने के पार्टी नेतृत्व के निर्णय पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है. उन्होंने कहा, ‘‘ लोकपाल को अंदर आने की अनुमति नहीं दी गई. यह पूरी तरह से पुर्वनियोजित था. उन्होंने आज जो कुछ किया, उसने सभी सीमाओं को पार कर दिया. यह केजरीवाल और उनके चाटुकरों की मानसिकता को दर्शाता है.’’

 

बैठक से बाहर आकर प्रोफेसर आनंद कुमार ने कहा- ना छोड़ेंगे ना तोड़ेंगे सुधरेंगे और सुधारेंगे.

 

मारपीट नहीं हुई, प्रशांत, योगेंद्र का ड्रामा है- आशीष खेतान

जबकि आम आदमी पार्टी के नेता आशीष खेतान ने एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए बताया, ”योगेंद्र यादव के इस आरोप को झूठा करार देते हुए कहा है कि ये यब योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण का ड्रामा है. बैठक में नारेबाजी हुई लेकिन मारपीट नहीं हुई है.”

 

बैठक से कुछ घंटे पहले योगेन्द्र यादव ने पार्टी नेतृत्व को रामदास की ओर से लिखे गए पत्र को सार्वजनिक किया जिसमें पूर्व नौसेना प्रमुख ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया था कि पार्टी ने संघर्ष की स्थिति से बचने के लिए उनसे बैठक में हिस्सा नहीं लेने को कहा है. अपने पत्र में रामदास ने आप महासचिव पंकज गुप्ता से प्राप्त एसएमएस का जिक्र किया जिसमें पार्टी ने बैठक में उनसे हिस्सा नहीं लेने को कहने के लिए कई कारण बताये थे.

 

केजरीवाल के विश्वस्त आशुतोष ने योगेन्द्र पर आरोप लगाया कि वह यह झूठ फैला रहे हैं कि बैठक में सदस्यों को पीटा गया.

 

उन्होंने ट्विट किया, ‘‘वाईवाई (योगेन्द्र यादव) झूठ फैला रहे हैं कि बैठक में सदस्यों को पीटा गया. कोई हाथापाई या धक्कामुक्की नहीं हुई. यह सहानुभूमि बटोरने के लिए फैलाया जा रहा है.’’

 

एक अन्य ट्विट में आशुतोष ने कहा, ‘‘ केवल कुछ दर्ज सदस्यों ने उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारणी से हटाने का विरोध किया और कुछ ने वाकआउट किया. भारी बहुमत उन्हें निष्कासित करने के पक्ष में रहा.’’

 

योगेंद्र यादव ने अपने और प्रशांत भूषण के निष्कासन के बाद आरोप लगाया कि राष्ट्रीय परिषद की बैठक के दौरान इस बात की कोई पहचान नहीं थी कि कौन मतदान करने योग्य हैं और कौन नहीं. यादव ने कहा, ‘केजरीवाल ने धमकी दी कि अगर राष्ट्रीय परिषद के सदस्य मुझे और भूषण को पार्टी की कार्यकारणी में रखना चाहते हैं तो वह पार्टी के सभी पद छोड़ देंगे.’

 

बैठक से पहले बड़ा ड्रामा हुआ

योगेंद्र यादव जब बैठक के लिए पहुंचे तो उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई. मुर्दाबाद के नारे लगे. योगेंद्र यादव बाहर धरने पर बैठ गए और आरोप लगाया कि उनके समर्थकों को बैठक में जाने से रोका गया. करीब घंटे भर बाहर धरना देने के बाद वो बैठक में गए.

 

विरोध पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए योगेंद्र यादव ने कहा, ”कभी सोचा नहीं था कि  पार्टी में ऐसे दिन देखने को मिलेगा कि मुर्दाबाद के नारे लगेंगे. इस पार्टी के तमाम शुभचिंतको को कहूंगा कि यहां ना आएं.”

 

आपको बता दें कि योगेंद्र और प्रशांत की पार्टी की राजनीतिक मामलों की कमेटी से पहले ही छुट्टी हो चुकी है.सूत्रों का कहना है कि केजरीवाल धड़ा यादव और भूषण को इस आरोप के तहत पार्टी से बाहर करने के लिए बैठक में एक प्रस्ताव ला सकता है कि इन दोनों ने केजरीवाल को आप के राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटाने के लिए कथित तौर पर साजिश रची.

 

पार्टी के दोनों धड़ों के बीच चल रहे तीखे वाक युद्ध के बीच शुक्रवार को नया आडियो टेप सामने आया जिसमें केजरीवाल पार्टी के एक स्वयंसेवी से बातचीत करते हुए भूषण और यादव के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. इस टेप में केजरीवाल नयी पार्टी बनाने की धमकी देते नजर आ रहे हैं. आप ने इसे केजरीवाल को बदनाम करने की एक और साजिश करार दिया.

 

भूषण और यादव के करीबी लोगों का कहना है कि दोनों नेता यह टेप सुनकर हैरान रह गए और इस नतीजे पर पहुंचे कि बातचीत जारी रखने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि केजरीवाल पहले ही उन्हें पार्टी से बाहर करने का फैसला कर चुके हैं.

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