याकूब ने बचने के लिए चली ये गहरी चाल!

By: | Last Updated: Thursday, 23 July 2015 11:28 AM

नई दिल्ली: मुंबई हमले के दोषी याकूब मेमन को 30 जुलाई को फांसी पर चढ़ाया जाना था लेकिन कानूनी पेचीदगियों की वजह से याकूब को कुछ और दिन की मोहलत मिल जाएगी. याकूब ने महाराष्ट्र के राज्यपाल के पास दया याचिका दी है. इसके अलावा उसने टाडा कोर्ट से जारी डेथ वारंट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की है.

 

मुंबई हमले के दोषी याकूब मेमन से मिलने के लिए उसका परिवार नागपुर सेंट्रल जेल पहुंचा था. बुधवार को याकूब के वकीलों ने भी उससे मुलाकात की थी और उनसे सलाह मशविरा करने के बाद याकूब मेमन ने सजा से बचने के लिए फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

 

याकूब मेमन ने टाडा कोर्ट से जारी डेथ वॉरंट को चुनौती देते हुआ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की. याचिका में कहा कि क्यूरेटिव पिटिशन की सुनवाई पूरी होने से पहले डेथ वारंट जारी होना गलत है.

 

हालांकि सुप्रीम कोर्ट पहले ही क्यूरेटिव पिटिशन को खारिज कर चुका है. ऐसे में यही लग रहा है कि याकूब फांसी से बचने के लिए चाल चल रहा है. याकूब ने महाराष्ट्र के राज्यपाल के पास भी दया याचिका दी है. अगर राज्यपाल उसकी दया याचिका को खारिज कर देते हैं तो भी सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश की वजह से 30 जुलाई को याकूब मेमन को फांसी नहीं दी जा सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल चंदन चस्कर वीरप्पन के साथियों की फांसी को उम्रकैद में बदलते हुए कहा था कि फांसी की सूरत में पहले दोषी को दया याचिका खारिज होने की सूचना दी जाएगी और फिर उस सूचना के कम से कम 14 दिन बाद ही फांसी दी जाएगी ताकि इस बीच में वो खुद को सजा के लिए मानसिक तौर पर तैयार कर ले और अपने परिवार से आखिरी मुलाकात कर ले.

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Web Title: Yakub Memon
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