'बूढ़ी और बीमार मां से मिलना थी याकूब की आखिरी इच्छा जो पूरी ना हो सकी'

By: | Last Updated: Friday, 31 July 2015 3:58 AM

नई दिल्लीः 1993 मुंबई ब्लास्ट के आरोपी याकूब  मेमन की जिंदगी के अंतिम पल रुहानीयत यानी आध्यात्मिकता से भरे थे. याकूब ने अपने अच्छे सुलूक से नागपुर सेंट्रल जेल के आफसरों का दिल ऐसा जीता था कि फांसी के वक़्त सभी अफसरों ने उसके अच्छे व्यवहार के लिए उसे धन्यवाद कहा.

 

अंग्रेजी अखबार ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, याकूब को आखिरी आखिरी पल पूरी उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट उसकी फांसी पर रोक लगा देगा, लेकिन मिली नाउम्मीद से वह काफी दुखी हो गया था.

 

याकूब को जब फांसी के फंदे की ओर ले जाया जा रहा था तो उस वक्त काले नकाब के अंदर वह कुरान की आयतें पढ़ रहा था. ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’  के मुताबिक याकूब की अंतिम इच्छा था कि वह अपनी मां से मिले लेकिन ऐसा हो नहीं सका. उसकी मां काफी बुजुर्ग हैं और उनकी तबीयत ठीक नहीं थी ऐसे में वह बेटे की आखिरी ख्वाहिश पूरी करने के लिए मुंबई से नागपुर तक का सफर नहीं कर सकती थीं.

 

इतना ही नहीं इस रिपोर्ट के मुताबिक याकूब ने फांसी के एक दिन पहले वाली रात 11 बजे देश के राष्ट्रपति को नई दया याचिका लिखी, उसने यह चिट्ठी जेल अधिकारी को सौंपी भी थी लेकिन जब तक वह चिट्ठी राष्ट्रपति तक पहुंचती उससे पहले वह फांसी के फंदे लटकाया चुका था. इस चिट्ठी का जवाब जीते जी याकूब को नहीं मिल सका.

 

याकूब को गुरुवार की सुबह सात बजे फांसी हुई, लेकिन जेल के बाकी कैदियों को इसकी जानकारी काफी देर बाद मिली. उस वक्त जेल में कई कैदी सो रहे थे. ये खबर जानकर सभी हैरान रह गए और जो कैदी याकूब के करीबी थे वे काफी दुखी भी हुए.

 

बताया जाता है की जेल में याकूब की बहुत इज्जत थी. लोगों के साथ उसका व्यवहार बहुत अच्छा था. याकूब का सुलूक इतना अच्छा था कि जेल में उसे सम्मान की नज़रों से देखा जाता था. कैदी तो कैदी, जेल अफसर भी उसके जादुई व्यवहार के मुरीद हो चले थे और उनके मन में भी याकूब के लिए हमदर्दी पैदा हो गई थी.

 

फांसी के पहले की रात वह सो नही पाया, उसने सुबह नाश्ता करने से भी इंकार कर दिया, इसके बाद उसका मेडिकल चकअप हुआ जिसमें उसने खुद कहा ‘मैं फिट हूं.’

 

फांसी की सारी औपचारिकताएं पूरी कर उसे फांसी के लिए ले जाया गया. ठीक सात बजे उसे फांसी दी गई और 7.10 पर उसे मेडिकल कॉलेज के डीनअभिमन्यु निशवाड़े ने मृत घोषित कर दिया. आपको बता दें जिस दिन याकूब को फांसी दी गई उसी दिन इसका 54वां जन्मदिन था.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: Yakub Memon wrote another, undelivered, mercy plea on the eve of his hanging
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: hang jail last wish meet mother Yakub yakub meman
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017