YEAR ENDER 2017: दिल्ली की अदालतों में 2G केस का फैसला रहा सबसे चर्चित | YEAR ENDER 2017: 2G case verdict became the most popular decision in delhi's courts

YEAR ENDER 2017: दिल्ली की अदालतों में 2G केस का फैसला रहा सबसे चर्चित

पिछली एनडीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे दिलीप राय पर भी कोयला घोटाला मामले में सुनवाई हुई. यह मामला 1999 में झारखंड में एक कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितता बरतने का है.

By: | Updated: 30 Dec 2017 05:08 PM
YEAR ENDER 2017: 2G case verdict became the most popular decision in delhi’s courts

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली: राजनीतिक रूप से संवदेनशील टूजी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और दूसरे आरोपियों का साल के अंत में बरी होना 2017 में दिल्ली की निचली अदालतों का सबसे चर्चित फैसला रहा. टूजी मामले में अभियोजन अपना आरोप साबित करने में नाकाम रहा, जिसने कोयला घोटाला में अभियोजन को मिली सफलता फीकी कर दी. दरअसल, कोयला घोटाला में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को तीन साल की कैद की सजा और पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता को ऐसे दो मामलों में अलग-अलग अवधि की सजा सुनाई गई.


विशेष जज ओपी सैनी ने साल की शुरूआत में पूर्व दूरसंचार मंत्री और डीएमके नेता दयानिधि मारन को एयरसेल - मैक्सिस मामले में बरी कर सीबीआई को झटका दिया था. केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरूण जेटली और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच मानहानि का मामला और वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाला की सुनवाई करने में भी अदालतें व्यस्त रहीं.


मेडिकल कॉलज में कथित भ्रष्टाचार के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट पूर्व जज आईएम कुद्दीसी का मामला भी दिल्ली की अदालत में चला. उन्हें सात दिनों के लिए जेल भेजा गया था. कांग्रेस नेता और उद्योगपति नवीन जिंदल को भी कोयला घोटाले में अदालत की नाराजगी का सामना करना पड़ा. मध्य प्रदेश में एक कोयला ब्लॉक हासिल करने के लिए कथित तौर पर गलत तथ्य देकर सरकार को गुमराह करने को लेकर उनके और दूसरे के खिलाफ एक नया आरोपपत्र दाखिल किया गया.


पिछली एनडीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे दिलीप राय पर भी कोयला घोटाला मामले में सुनवाई हुई. यह मामला 1999 में झारखंड में एक कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितता बरतने का है. इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के हाई प्रोफाइल मामले की सुनवाई में भी अदालत व्यवस्त रही. उन पर करीब 10 करोड़ रूपये की आय से अधिक संपत्ति रखने का एक मामला चल रहा है.


हाल ही में, तमिलनाडु के विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल करने वाले टीटीवी दिनाकरण की गिरफ्तारी का मामला भी सुर्खियों में रहा. दरअसल, अन्नाद्रमुक के चुनाव चिह्न ‘दो पत्ती’ के उपयोग के लिए निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को रिश्वत देने की कोशिश करने का उन पर आरोप लगाया गया था.


इसके अलावा आतंकवाद से जुड़े मामलों में कश्मीरी अलगाववादी शबीर शाह, हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के दामाद अलताफ अहमद शाह और दुनिया भर में वांछित आतंकी सैयद सलाहुद्दीन के बेटे सैयद शाहिद युसूफ को जेल भेजा जाना भी अदालती फैसलों के रूप में सुर्खियों में रहा.


वहीं, धन शोधन के मामले में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशाल ने एक आरोपपत्र दाखिल किया.

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