मौत का सौदागर (किताब) : मैं अपने क्लाइंट से मिलना चाहता हूं | Read James Hadley Chase's story Maut Ka Saudagar

मौत का सौदागर (किताब) : मैं अपने क्लाइंट से मिलना चाहता हूं

तीस सौ डालरों के बदले में तो मैं इससे कहीं सख्त काम कर सकता था. मैं बोला-‘जरूर कर पाऊंगा-लेकिन क्या आप यहां तशरीफ नहीं ला सकते. मैं अपने क्लाइंट से मिलना चाहता हूं.’

By: | Updated: 20 Nov 2017 04:32 PM
Read James Hadley Chase’s story Maut Ka Saudagar

मौत के सौदागर


जेम्स हेडली चेइज


maut


मैं ऑफिस बन्द करने ही जा रहा था कि टेलीफोन की घंटी बज उठी. उस समय छः बजकर दस मिनट हुए थे. सारा दिन बड़ा बोर और बगैर कुछ कमाई किये गुजरा था-उस दिन न तो कहीं से कोई पत्र आदि ही आया था और न ही कोई मुलाकाती अतः सारा दिन मक्खियां मारते ही गुजरा था. अब जैसे ही टेलीफोन की घंटी बजी तो मैंने बड़ी आशावादी नजरों से उसे देखते हुए रिसीवर उठा लिया.


‘मि. रियान.’ एक पुरुष स्वर सुनाई पड़ा. ‘जी.’


‘आप प्राइवेट इनवेस्टीगेटर हैं.’


‘बिल्कुल सही समझे आप.’


कुछ क्षण लाइन पर चुप्पी छाई रही-मैंने उसे भारी-भारी सांसें लेते हुए सुना. फिर बोला-मेरे पास कुछ ही मिनटों का समय है. मैं एयरपोर्ट पर हूं. मैं आपकी सेवायें प्राप्त करना चाहता हूं.’


मैंने लिखने के लिए पैड अपनी ओर खींच लिया. ‘आपका नाम और पता?’ मैंने पूछा. ‘जान हार्डविक, 33 कनाट बोलेवर्ड.’


मैंने नाम और पता पैड पर लिख लिया-‘आप मुझसे क्या काम करवाना चाहते है मिस्टर हार्डविक?’ मैंने पूछा.


‘आपको मेरी पत्नी की निगरानी करनी होगी.’ कुछ क्षणों तक फिर चुप्पी छाई रही. चुप्पी के दौरान फिर मुझे हवाई जहाज के उड़ान भरने की आवाज सुनाई दी. उसने कुछ कहा, लेकिन हवाई जहाज के इंजन की गर्जना में मैं उसके शब्द स्पष्ट रूप से नहीं सुन सका.


‘मैं आपकी बात साफ-साफ नहीं सुन सका हूं मि. हार्डविक.’


जेट की आवाज खत्म हो जाने तक वह चुप रहा-फिर वह जल्दी-जल्दी कहने लगा, ‘अपने धंधे के सिलसिले में मुझे महीने में दो बार न्यूयॉर्क जाना पड़ता है. मुझे शक है कि मेरी अनुपस्थित के दौरान मेरी पत्नी मेरे प्रति वफादार नहीं रहती. मैं तुम्हारे द्वारा उसकी गतिविधियों की जांच करवाना चाहता हूं. मैं परसों शुक्रवार को वापस लौटूंगा. मैं जानना चाहता हूं कि मेरी गैरहाजिरी में वह क्या करती है. बताओ-कितना खर्च होगा?’


आमतौर पर ऐसे काम करने में मुझे कोई दिलचस्पी नहीं होती थी. कोई और वक्त होता तो मैं शायद इंकार कर देता, पर आज की बात दूसरी थी. अतः मैंने यह काम करना मंजूर कर लिया. कुछ न होने से तो यह अच्छा ही था.


‘आप क्या बिजनिस करते है मि. हार्डविक? मैंने पूछा.


‘मैं हैरोन की प्लास्टिक कम्पनी में हूं.’ यह तनिक बेसब्रेपन से बोला. हैरोन प्लास्टिक, पैस्फिक कोस्ट की बहुत बड़ी कंपनियों में से एक थी. पेस्साडोना शहर की समृद्धि में उसका बहुत बड़ा हाथ था. ‘पचास डॉलर रोज और बाकी का खर्च अलग.’ मैंने अपनी साधारण फीस से दस डालर बढ़ाकर बताई.


‘ठीक है.’ तीन सौ डालर मैं तुम्हें फौरन भेज रहा हूं-मैं चाहता हूं कि तुम मेरी पत्नी का साये की तरह से पीछा करते रहो. वह जहां जाये, तुम उसके पीछे लगे रहो. अगर वह घर पर ही रहती है तो तुम्हें यह देखना होगा कि उससे मिलने कौन-कौन आता है. कर सकोगे यह काम?’


तीस सौ डालरों के बदले में तो मैं इससे कहीं सख्त काम कर सकता था. मैं बोला-‘जरूर कर पाऊंगा-लेकिन क्या आप यहां तशरीफ नहीं ला सकते. मैं अपने क्लाइंट से मिलना चाहता हूं.’


‘मैं जरूर मिलता, लेकिन मैं फौरन न्यूयॉर्क रवाना हो रहा हूं और अपनी पत्नी की निगरानी करवाने का फैसला मैंने अभी किया है. मैं तुमसे शुक्रवार को मिलूंगा. तुम्हारी ओर से यह आश्वासन पाना चाहता हूं कि मेरे लौटने तक तुम मेरी पत्नी की निगरानी करते रहोगे.’


‘उसके लिए आप निश्चिंत रहिए.’ मैं बोला-फिर कुछ ठिठक गया, क्योंकि शायद दूसरी ओर फिर कोई जहाज उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था-‘मुझे आपकी पत्नी का हुलिया चाहिए मि. हार्डविक.’


‘तैंतीस, बोलेवर्ड.’ वह बोला-‘मेरी पुकार हो रही है-मैं चलता हूं वरना प्लेन छूट जायेगा.’


‘मैं तुमसे शुक्रवार को मिलूंगा.’ उसके बाद लाइन कट गई.


पिछले पांच वर्षों में प्राइवेट इनवेस्टीगेटर का कार्य कर रहा था और इस दौरान मुझे विभिन्न स्वभाव के सिरफिरे क्लाइंटों से वास्ता पड़ता रहा था. शायद यह हार्डविक भी कोई ऐसा ही क्लाइंट था, लेकिन बोल चाल के लहजे से तो वह किसी बोझ तले दबा आदमी मालूम होता था. शायद वह पिछले कई महीनों से अपनी पत्नी के चरित्र के प्रति चिन्तित था और अब फिर से सफर पर जाने से पहले उसे अचानक ही अपनी पत्नी की निगरानी कराने का विचार हो उठा था.


ऐसा हो सकता था-लेकिन फिर भी मुझे यह काम पसंद नहीं था. मैं गुमनाम ग्राहकों को पसंद नहीं करता था. मैं टेलीफोन पर अपने वाली आवाज से नहीं, क्लाइंट से आमने सामने बैठकर बात करना पसंद करता हूं. मुझे भी तो पता लगना चाहिए कि आखिर मैं काम किसके लिए कर रहा हूं.


अभी मैं सूचना पर विचार ही कर रहा था कि मैंने गलियारे में किसी के भारी कदमों की आहट सुनी. फिर मेरे दरवाजे पर दस्तक हुई-फिर दरवाजा खुला. एक ऐक्सप्रेस मैसेंजर ने अन्दर कदम रखा. उसने एक लिफाफा मेरी डेस्क पर रख दिया और मेरे हस्ताक्षर लेने के लिए अपनी साइन बुक आगे बढ़ा दी. वह एक चितकबरे चेहरे वाला कम उम्र का लड़का था. मेरे हस्ताक्षर करने के दौरान वह मेरे छोटे से गंदे कमरे का बारीकी से निरीक्षण करता रहा.


पूरी किताब फ्री में जगरनॉट ऐप पर पढ़ें. ऐप डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें.


(जेम्स हेडली चेइज के उपन्यास का यह अंश प्रकाशक जगरनॉट बुक्स की अनुमति से प्रकाशित)

फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title: Read James Hadley Chase’s story Maut Ka Saudagar
Read all latest Juggernaut News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story डिक्री के रुपये: साग-भाजी में काट-कपट करना पड़ता था