60% पेरेंट्स अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजकर हैं संतुष्ट

60% पेरेंट्स अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजकर हैं संतुष्ट

तकरीबन 60% पेरेंट्स अपने बच्चों को दिल्ली सरकार के स्कूलों में भेजने के फैसले पर संतुष्ट है लेकिन सुरक्षा और अवसंरचना पर निवेश करने की जरूरत है.

By: | Updated: 05 Oct 2017 11:44 AM

नयी दिल्ली: एसोचेम ने एक सर्वे में पाया है कि तकरीबन 60% पेरेंट्स अपने बच्चों को दिल्ली सरकार के स्कूलों में भेजने के फैसले पर संतुष्ट है लेकिन सुरक्षा और अवसंरचना पर निवेश करने की जरूरत है.


किसने किया सर्वे-
यह सर्वे एसोचेम की कोरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी इकाई ने किया है. इसने संतुष्टि का स्तर पता लगाने के लिए दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के करीब पांच हजार पेरेंट्स से बातचीत की.


सरकारी स्कूलों में भेजने का कारण-
एसोसिएटिड चैमबर्स ऑफ कामर्स आफ इंडिया (एसोचेम) द्वारा किए गए सर्वे में कहा गया है, ‘‘ करीब 60% पेरेंट्स अपने बच्चों को दिल्ली सरकार के स्कूलों में भेजने के फैसले पर संतुष्ट हैं.’’ इसने यह भी रेखांकित किया है कि अधिकतर पेरेंट्स ने सरकारी स्कूलों द्वारा शिक्षा सुधार और अपने बच्चों के समग्र विकास को अहमियत देने की प्रशंसा की. इसके विपरीत अधिकतर निजी स्कूलों की चिंता फीस में बढ़ोतरी पर होती है और उनका ध्यान पाठ्यक्रम के बजाय गतिविधियों पर होता है.


सर्वे के मुताबिक, कुल मिलाकर करीब 30% ने कहा कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में सुरक्षा उपकरणों में अवसंरचना में बढ़ोतरी करने की काफी गुंजाइश है.


पब्लिक स्कूलों में भेजने का कारण-
सर्वे के अनुसार, 70% पेरेंट्स ने अपने बच्चों को पब्लिक स्कूलों में भेजने का कारण बच्चों के लिए सीखने का बेहतर माहौल, कक्षाओं का छोटा आकार, बेहतर छात्र-शिक्षक अनुपात, ज्यादा उत्तरदायी शिक्षक और प्रशासन, बेहतर अनुशासन और पेरेंट्स-शिक्षकों में अक्सर संवाद बताया.


नोट: ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.

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