Advantages of Co-education for boys|छात्राएं होंगी ज्यादा तो लड़कों का प्रदर्शन होगा बेहतर

छात्राएं होंगी ज्यादा तो लड़कों का प्रदर्शन होगा बेहतर

क्या आप अपने लड़के के खराब शैक्षणिक प्रदर्शन को लेकर चिंतित हैं? अगर हां तो अब उसका दाखिला एक ऐसे स्कूल में कराएं जहां अधिकांश छात्राएं हों.

By: | Updated: 11 Nov 2017 09:21 PM
Advantages of Co-education for boys

लंदनः क्या आप अपने लड़के के खराब शैक्षणिक प्रदर्शन को लेकर चिंतित हैं? अगर हां तो अब उसका दाखिला एक ऐसे स्कूल में कराएं जहां अधिकांश छात्राएं हों.


क्या कहती है रिसर्च-
एक नए अध्ययन से पता चला है कि लड़के उन स्कूलों में बेहतर प्रदर्शन करते हैं, जहां छात्राओं की संख्या अधिक होती है. स्कूल में सीखने का माहौल लड़कियों और लड़कों दोनों के अकादमिक प्रदर्शन को प्रभावित करता है, इसलिए स्कूल में लड़कियों की उच्च संख्या से लड़कों को लाभ होने की संभावना है.


लड़कों पर पड़ता है सकारात्मक प्रभाव-
शोधकर्ताओं ने पाया, विशेष रूप से लड़कियों में शैक्षणिक व्यवहार से संबंधित विशेषताएं जैसे उच्च स्तर की एकाग्रता और अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता लड़कों के शैक्षिक प्रदर्शन पर सकारात्मक प्रभाव डालती है.


कैसे की गई रिसर्च-
शोधकर्ताओं ने करीब 15 साल के दो लाख से अधिक विद्यार्थियों पर अध्ययन किया और पता चला कि जिन स्कूलों में लड़कियां 60 प्रतिशत से अधिक थी वहां लड़कों का प्रदर्शन काफी बेहतर था.


ऐसी जगहों पर प्रर्दशन होता है खराब-
स्कूल प्रभावशीलता और स्कूल सुधार में प्रकाशित अध्ययन से पता चला है कि स्कूलों में लड़कियों की संख्या अधिक होगी तो सीखने के माहौल में अधिक उत्पादकता होगी. यह भी सुझाव दिया गया है कि ब्वॉोयज या गर्ल्स स्कूलों या फिर व्यावसायिक शिक्षा संस्थानों में कुछ विषयों को अक्सर एक विशेष लिंग के लिए बनाया जाता है, ऐसा करना लड़कों के प्रदर्शन के लिए लाभकारी नहीं हो सकता है.


नोट: ये एक्सपर्ट के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.

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