हलवा, जो बिना फ्रिज के भी 40 दिन रखा जा सके

By: | Last Updated: Wednesday, 25 November 2015 6:25 AM

 

नई दिल्ली : दिल्ली में किराए के कमरे या होस्टल में रहने वाले बैचलर्स की अच्छी खासी संख्या है. इसलिए जब वे दीवाली पर घर से लौटकर आते हैं तो उनकी पहली पसंद मां के हाथ के लड्डू होते हैं ताकि वे 10-15 दिन तक बिना फ्रिज में रखे भी खाए जा सकें.

 

लेकिन अब दीवाली को बीते कई दिन हो चले हैं और लोगों के घर से आई मिठाई खत्म होने के कगार पर पहुंच गई होगी. ऐसे में अगर बिना फ्रिज के भी 30-40 दिन आराम से रखी जा सकने वाली कोई मिठाई मिले तो फिर कौन मिठाइयों का दीवाना ऐसा होगा जो इस लेने से इंकार करेगा? आपकी इस समस्या का समाधान यहां प्रगति मैदान में चल रहे 35वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में कर्नाटक के मंडप में होगा जहां पर मैसूर के नसीरूद्दीन शाह आपको हलवा के लिए आवाज लगाते दिखेंगे.

 

देखने में यह हलवा आपको किसी केक की तरह लगेगा लेकिन हकीकत में यह हलवा है जिसमें सूखे मेवे, आटा, घी और कई अन्य स्वास्थ्यवर्धक चीजों का समावेश है.

 

नसीरूद्दीन ने ‘भाषा’ को बताया, ‘‘यह हलवा कर्नाटक के मैसूर की पंसदीदा मिठाई है. यह मूल रूप से गेहूं, चावल या मक्के के आटे का बनता है. साथ ही इसमें ढेर सारा घी, सूखा मेवा और फ्लेवर के लिए फलों का रस डाला जाता है.’’ उन्होंने बताया कि इसे बहुत देर तक पकाया जाता है इसी वजह से यह जल्दी खराब नहीं होता और 30-40 दिन तक बिना फ्रिज में रखे भी प्रयोग किया जा सकता है.

 

नसीरूद्दीन ने बताया कि इसे बनाने के लिए पहले एक दिन तक तो आटे को सिर्फ भिगो कर रखा जाता है. अगले दिन बाद में इसे बॉयलर में चीनी, फलों के रस, सूखे मेवों के साथ लगभग 24 घंटे तक पकाया जाता है. इसी दौरान इसमें घी या नारियल का तेल मिलाया जाता है. उन्होंने कहा कि यहां दिल्ली में लोग नारियल के स्वाद को कम पसंद करते हैं इसलिए वह यहां पर घी में बना हलवा ही लाते हैं. चौबीस घंटे तक पकाने के बाद यह हलवा अपना अल्पपारदर्शी रूप ले लेता है जिसे बाद में ठंडा करके केक के आकार में जमा लिया जाता है.

 

कर्नाटक मंडप में ही हलवे की एक अन्य दुकान चला रहे स्वामी ने बताया कि यहां दिल्ली में वह साल में एक बार ही आते हैं इसलिए कई लोग पांच-पांच किलोग्राम हलवा तक साथ ले जाते हैं. वैसे ज्यादातर संख्या आधा-एक किलोग्राम हलवा लेने वाले ग्राहकों की ही होती है. यहां पर आधा किलोग्राम हलवा की कीमत 150 रूपये है.

 

स्वामी ने बताया कि इसमें सिर्फ आटा, फलों का रस, घी या मेवा का ही प्रयोग किया जाता है इसलिए यह स्वास्थ्यवर्धक है. इसके अतिरिक्त सर्दियों में मेवा शरीर को गर्म रखने में मदद करता है. लोग इसे लेना पसंद करते हैं क्योंकि इसमें बड़ी मात्रा में काजू और बादाम का उपयोग किया जाता है.

 

कर्नाटक मंडप में यह हलवा आपको बादाम-अंजीर, अनन्नास, आम, संतरा, पिस्ता-बादाम के स्वाद में मिलेगा.

 

स्वामी के मुताबिक, इस हलवे को बिना फ्रिज के 40 दिन तक रखा जा सकता है.

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Web Title: Pudding, which can be kept for 40 days without a fridge also
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