आईपीएल फाइनल में वे चमके, जिनसे नहीं थी उम्मीद

By: | Last Updated: Monday, 2 June 2014 2:06 PM
आईपीएल फाइनल में वे चमके, जिनसे नहीं थी उम्मीद

नई दिल्लीः रोमांच से भरपूर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के सातवें संस्करण के फाइनल मुकाबले में रविवार को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में प्रतिष्ठित खिलाड़ियों के विपरीत कुछ ऐसे खिलाड़ियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया जिनसे इस तरह के प्रदर्शन की उम्मीद तक नहीं की जा रही थी.

 

आईपीएल के चाहने वालों को कुछ सितारा खिलाड़ियों से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन इस अहम मैच में उम्मीदों के विपरीत एक भी सितारा खिलाड़ी चमक बिखेरने में नाकाम रहा. वहीं कुछ ऐसे खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से चिन्नास्वामी स्टेडियम को झकझोर कर रख दिया, जिनकी लोकप्रियता दर्शकों के बीच इस मैच से पहले तक बहुत कम थी.

 

रिद्धिमान साहा: पहले बल्लेबाजी करने उतरे किंग्स इलेवन पंजाब के लिए करिश्माई बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल, एक मैच पहले ही चिर परिचित अंदाज में शतक लगाने वाले वीरेंद्र सहवाग या डेविड मिलर जैसा धुरंधर बल्लेबाज जहां कुछ नहीं कर सके, वहीं रिद्धिमान साहा ने अपनी शतकीय पारी से सभी खेल दर्शकों का दिल जीत लिया.

 

साहा ने आईपीएल के किसी भी संस्करण के फाइनल मैच में सर्वाधिक रन बनाने का कीर्तिमान भी रचा. हालांकि किंग्स इलेवन साहा की 55 गेंदों में खेल गई नाबाद 115 रनों की शतकीय पारी का फायदा उठाने में असफल रहे.

 

मनीष पांडेय: कोलकाता नाइट राइडर्स रविवार को जब किसी भी आईपीएल के फाइनल में मिले सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरे तो उन्हें लगातार 10 पारियों से 40 से अधिक का स्कोर करते आ रहे रोबिन उथप्पा और आईपीएल का सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले यूसुफ पठान से सर्वाधिक उम्मीदें थीं. कप्तान गौतम गंभीर से एक बेहतरीन पारी का आशा की जा रही थी, लेकिन नाइट राइडर्स के संकट मोचक बनकर उभरे आईपीएल का पहला शतक ( भारतीय) लगाने वाले मनीष पांडेय.

 

मनीष ने अपेक्षा के विपरीत 94 रनों की जिस आतिशी पारी का नजारा पेश किया, उसे देख सभी आईपीएल प्रशंसक उनके मुरीद हो गए. मनीष जिस निडरता से बल्लेबाजी कर रहे थे, उसे इसी से समझा जा सकता है कि उन्होंने चार बार विकेट गिरने के ठीक बाद वाली गेंदों पर बाउंड्री लगाई.

 

अक्षर पटेल, करनवीर सिंह: नाइट राइडर्स के लक्ष्य का पीछा करने के तूफानी अंदाज में किंग्स इलेवन का कोई गेंदबाज यदि थोड़ा लगाम लगाता दिखा, तो वह आस्ट्रेलियाई स्पीडस्टर मिशेल जॉनसन या अनुभवी लक्ष्मीपति बालाजी नहीं बल्कि अक्षर पटेल और करनवीर सिंह जैसे युवा स्पिन गेंदबाज थे.

 

अक्षर आईपीएल-7 में सबसे किफायती गेंदबाज रहे, और उन्हें इमर्जिग प्लेयर पुरस्कार से भी नवाजा गया. सिर्फ एक मैच के अनुभवी करनवीर सिंह ने भी सर्वाधिक चार विकेट चटकाकर मैच को भरपूर रोमांचक बनाए रखा.

 

मनन वोहरा : किंग्स इलेवन की तरफ से जहां सहवाग, मैक्सवेल और जॉर्ज बैले जैसे खिलाड़ी साहा का साथ तक नहीं निभा सके, वहीं आईपीएल-7 में अधिकांश मैचों से बाहर रखे गए मनन वोहरा ने दूसरे छोर को शांत नहीं रहने दिया. साहा के साथ वोहरा भी दूसरे छोर से लगातार गेंदों को बाउंड्री का रास्ता दिखाते रहे. वोहरा की 67 रनों की नायाब पारी उनकी अदम्य प्रतिभा की गवाही देती है.

 

आईपीएल-7 का फाइनल हमेशा इन पांच कमतर माने जाने वाले खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन के लिए याद रखा जाएगा.

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