किताब में भारत के 1950 विश्व कप से हटने के मिथक का खुलासा

By: | Last Updated: Monday, 9 June 2014 12:22 PM
किताब में भारत के 1950 विश्व कप से हटने के मिथक का खुलासा

नई दिल्ली: आमतौर पर ऐसा माना जाता रहा है कि भारत ने 1950 विश्व कप से इसलिये हटने का फैसला ‘नंगे पैर’ खेलने की वजह से किया था जबकि फीफा के नियम के अनुसार जूते पहनकर ही मैच खेला जा सकता था, लेकिन एक फुटबाल विशेषज्ञ ने हाल में जारी किताब में लिखा कि यह एक ‘गलत धारणा’ है.

 

नोवी कपाड़िया की किताब ‘द फुटबाल फैनेटिक एसेंशियल गाइड’ में पाठकों को विश्व कप का इतिहास जानने का मौका मिलेगा जिसकी शुरूआत उरूग्वे में 1930 में हुई थी और चार साल पहले दक्षिण अफ्रीका में इसका 19वां चरण खेला गया था.

 

मशहूर कमेंटेटर और लेखक कपाड़िया ने लिखा है कि भारतीयों के फुटबाल जूते नहीं पहनने की बात को इतना बढ़ा चढ़ा कर पेश किया गया है कि यह अब मिथक बन गया है जबकि यह सिर्फ ‘मौका चूकने’ की बात थी.

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Web Title: किताब में भारत के 1950 विश्व कप से हटने के मिथक का खुलासा
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