क्रिकेटर जो IPL7 के सहारे बदलना चाहेंगे अपना करियर

क्रिकेटर जो IPL7 के सहारे बदलना चाहेंगे अपना करियर

By: | Updated: 15 Apr 2014 06:13 AM

नई दिल्लीः सोलह अप्रैल से क्रिकेट के सबसे नायाब चम्तकार इंडियन प्रीमियर लीग का आगाज होने जा रहा है. सभी टीमें अपने नए धुरंधरों के साथ कमर कस चुकी है. कई महान बल्लेबाज संन्यास ले चुके हैं तो कई नए सितारे मैदान पर उतरने को बेताब हैं. लेकिन इन सब के बीच कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जिनपर क्रिकेट प्रशंसकों, आलोचकों और चयनकर्ताओं के साथ खुद को भी परखने का एक और मौका मिलेगा. एक नज़र ऐसे खिलाड़ियों पर जिनके करियर को आईपीएल बदल सकता है.

 

वीरेन्द्र सहवाग- इस लिस्ट में सबसे ऊपर हैं एक समय टीम इंडिया के जान रहे वीरेन्द्र सहवाग. वीरू अब तक दिल्ली के साथ थे लेकिन इस बार पंजाब के लिए खेलेंगे. टीम भले ही अलग हो लेकिन सबके जेहन में एक ही बात होगी कि वीरू का बल्ला कैसा चलता है. सहवाग खुद ही जता चुके हैं इस आईपीएल के सहारे टीम इंडिया में वापसी का रास्ता ढूंढ रहे हैं और अगर वीरू फ्लॉप रहते हैं तो फिर उनके करियर में अब कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखेगा.

 

केविन पीटरसन- एक समय इंग्लैंड टीम की जान रहे केविन अब टीम के साथ नहीं हैं. उन्हें दिल्ली ने अपना कप्तान बनाया है. इसमें कोई दोराय नहीं कि पीटरसन क्रिकेट जगत में एक हीरा हैं. लेकिन अपनी टीम के लिए कोई चमक पिछले साल नहीं दिखा पाए. क्रिकेट में फ्रीलांसर की भूमिका निभा रहे पीटरसन दिल्ली के लिए ट्रॉफी दिला सकते हैं या नहीं ये तो मैच दर मैच ही पता चलेगा लेकिन 9 करोड़ का जो बड़ा दांव दिल्ली डेयरडेविल्स ने उन पर लगाया है उससे कहीं न कहं ये तो लगता है कि इंग्लैंड से निकला ये खिलाड़ी दिल्ली के लिए किसी वरदान से कम नहीं. अगर केविन यहां हिट होते हैं तो उनके नए फ्रीलांसर वाले क्रिकेट करियर को नई पहचान मिल सकती है.

 

चेतेश्वर पुजारा- टीम इंडिया के टेस्ट टीम में जगह बना चुके पुजारा अब तक छोटे फॉर्मेट में ज्यादा कामयाब नहीं हुए हैं. टीम इंडिया की नीली जर्सी में दो मैच खेले हैं और आईपीएल के 4 सीजन मिलाकर 24 मैच. 1.9 करोड़ में पंजाब गए  पुजारा का स्ट्राइक रेट 103 का है और औसत 20 से भी कम. पिछले सीजन में पुजारा ने सिर्फ चार मैच खेले जिसमें 51 रन की एक पारी थी. लेकिन अभी भी पुजारा को छोटो फॉर्मेट में खुद को साबित करना है. अगर इस बार पुजारा टेस्ट वाले छाप को उतारने में सफल रहते हैं टीम इंडिया के एकदिवसीय टीम में जगह बना सकते हैं. हालाकि पुजारा ने खुद को इस छोटे फॉर्मेट में सफल करने के लिए बॉलिंग भी शुरू कर दी है. अब देखना ये होगा कि क्या उन्हें टीम में जगह दी जाती है.

 

युवराज सिंह- टी-20 विश्व कप में 23 गेंद खेलकर 11 रन बनाने वाले युवराज सिंह के पास अपने खोए फॉर्म को पाने का इससे बेहतर मौका कभी नहीं मिलेगा. कभी पंजाब तो कभी पुणे से खेलने वाले युवी को इस बार 14 करोड़ रुपये में खरीदा गया. विराट कोहली, एबी डिविलियर्स और क्रिस गेल जैसे धुरंधर के साथ रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए बल्लेबाजी करते नज़र आएंगे. ऐसे में उनपर ये प्रेशर कम होगा कि टीम उनके भरोसे है. तो उम्मीद की जा सकती है कि युवी एक बार फिर अपने पुराने फॉर्म में लौट कर प्रशंसकों को खुश होने का मौका दें और आलोचकों को करारा जवाब. यहां के प्रदर्शन से  युवराज के नीली जर्सी एक बार फिर पहनने का सपना पूरा हो सकता है.

 

गौतम गंभीर- दिल्ली के पुराने साथी वीरेन्द्र सहवाग के साथ टीम इंडिया के लिए ओपनिंग पेयर बनाने वाले गंभीर 2013 से टीम इंडिया के साथ नहीं हैं. वीरू की तरह इनका बल्ला भी स्ट्रोक के मामले में कमजोर हुआ और टीम इंडिया से छुट्टी हो गई. गंभीर ने घरेलू क्रिकेट में जम कर पसीना बहाया है जिसके कारण टीम में वापसी की मांग भी तेज होती जा रही है. कोलकाता नाइट राइडर्स को खिताब दिलाने वाले गंभीर इस पूरे टूर्नामेंट में अगर बल्लेबाजी की पुरानी धार वापस पा लेते हैं तो टीम इंडिया उन्हें जरूर वापस बुला लेगी.

 

हरभजन सिंह- टेस्ट क्रिकेट में 400 से ज्यादा विकेट लेने वाले हरभजन सिंह अचानक ही अपनी गेंदबाजी में फिरकीपन भूल गए और इनके स्थान पर आर अश्विन ने टीम में जगह बना ली. कभी मुंबई इंडियंस के लिए कप्तानी कर चुके भज्जी को अपना पुराना रूतबा पाने के लिए इस बार शानदार फिरकीबाज बनना होगा नहीं तो फिर टीम इंडिया में वापसी संभव नहीं दिखती.

 

इरफान पठान- एक समय टीम के स्विंग गेंदबाज रहे इरफान अचानक एक विदेशी कोच के कारण बल्लेबाजी पर ध्यान देने लगे. बॉलिंग में स्पीड कम हुई और बल्ले से रन बनने कम हो गए अंत में इन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. कभी-कभार टीम को इनकी याद आ जाती है लेकिन लंबे समय से चयनकर्ताओं ने इन्हें याद नहीं किया. इरफान अपना ऑलराउंड प्रदर्शन दिखा कर ही टीम में जगह बना सकते हैं. अगर इस बार भी इरफान कामयाब नहीं हो पाते हैं तो फिर आगे सिर्फ आईपीएल के भरोसे ही उम्र गुजारनी पड़ सकती है.

 

दिनेश कार्तिक- दिनेश कार्तिक उन क्रिकेटरों में शामिल हो गए जिनका प्रदर्शन किसी और बेहतरीन खिलाड़ी के प्रदर्शन के आगे दब गया. धोनी इरा में जन्मा यह विकेटकीपर बल्लेबाज अपने प्रदर्शन से ज्यादा धोनी के बाहर होने के कारण टीम में जगह बना पाता है. इस आईपीएल में सबसे मंहगे बिकने वाले खालाड़ियों में से एक कार्तिक के पास यह एक बेहतरीन मौका है कि अपने क्रिकेट को और सुधार सकें. हालाकि एशिया कप में विकेट के पीछे नाकामयाब रहने वाले कार्तिक को इस बार खुद को साबित करना होगा.

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