गांव के स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई की स्थिति अब भी बदतर: सर्वे

By: | Last Updated: Thursday, 16 January 2014 4:36 AM

नयी दिल्ली: एक नए सर्वे के नतीजे बताते हैं कि गांव के स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई की स्थिति अब भी बदतर है. सर्वे के मुताबिक ग्रामीण स्कूलों में पढ़ने वाले मात्र 40 फीसदी बच्चे पहली कक्षा में पढ़ाए जाने वाले पाठ का कोई पैराग्राफ सही से पढ़ पाते हैं और पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले करीब 25 फीसदी बच्चे ही गणित के भाग के साधारण सवाल हल कर पाते हैं.

 

‘प्रथम’ द्वारा जारी ‘शिक्षा की वाषिर्क स्थिति रिपोर्ट – 2013’ में कहा गया है कि सीखने का स्तर जहां कमोबेश पिछले साल की तरह ही बना रहा, वहीं निजी स्कूलों का प्रदर्शन सरकारी स्कूलों की तुलना में एक बार फिर बेहतर साबित हुआ.

 

निजी स्कूलों में दाखिले की दर में इजाफा जारी है. इस मामले में 69 फीसदी के साथ केरल सबसे उपर है. सर्वेक्षण में करीब 16,000 गांवों और 3 से 16 साल की उम्र के करीब 6 लाख बच्चों को शामिल किया गया था.

 

रिपोर्ट जारी किए जाने के मौके पर योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने कहा कि शिक्षा संबंधी ऐसे नतीजे ‘‘निराशाजनक’’ हैं.

 

आहलूवालिया ने कहा कि सर्वे में शहरी केंद्रों को भी शामिल करना चाहिए ताकि देश में शिक्षा की स्थिति का गहन विश्लेषण किया जा सके और यह पता चल सके कि शहरों के स्कूलों की तुलना में ग्रामीण स्कूल कहां खड़े हैं.

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Web Title: गांव के स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई की स्थिति अब भी बदतर: सर्वे
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