टाटा ट्रकों में रफ्तार की कमी से नाखुश हैं ब्रिटिश चालक

टाटा ट्रकों में रफ्तार की कमी से नाखुश हैं ब्रिटिश चालक

By: | Updated: 22 Mar 2014 02:46 PM
ग्रेटर नोएडा: भारत में पहली बार आयोजित हो रही ट्रक रेसिंग चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने पहुंचे शीर्ष ब्रिटिश ट्रक चालकों ने टाटा के ट्रकों में रफ्तार की कमी को लेकर नाखुशी जाहिर की है.

 

रविवार को बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर होने वाली टाटा प्राइमा ट्रक चैम्पियनशिप के लिए उपयोग में लाए जाने वाले टाटा के ट्रक अधिकतम 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकते हैं लेकिन ब्रिटिश चालक इससे अधिक रफ्तार के ट्रकों को चलाने के आदी रहे हैं.

 

यूरोप में आयोजित होने वाली वाली ट्रक चैम्पियनशिप में उपयोग में लाए जाने वाले ट्रकों की रफ्तार टाटा के ट्रकों से काफी अधिक होती है और ब्रिटिश चालक अधिक रफ्तार पर ट्रकों को दौड़ने के आदी रहे हैं लेकिन यहां उन्हें सिर्फ 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से संतोष करना होगा.

 

मौजूदा ब्रिटिश चैम्पियन मैट समरफील्ड ने आईएएनएस से कहा, "यहां उपयोग में लाए जाने वाले नियम सभी चालकों के लिए हैं लेकिन बात को यहां बदलनी चाहिए, वह यह है कि ट्रकों की शक्ति बढ़ानी चाहिए. हम जिन ट्रकों को चलाने के आदी हैं, ये उनसे काफी धीमे हैं."



बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट की 5.14 किलोमीटर की परिधि में चालकों को दो रेसों के माध्यम से अपनी श्रेष्ठता साबित करनी है. टाटा ट्रकों को रेस के लायक बनाने के लिए 22 तरह के बदलाव किए गए हैं.

 

समरफील्ड कहते हैं कि सुरक्षा कारणों से यूरोप के ट्रकों की रफ्तार थोड़ी कम कर दी गई है लेकिन इसके बावजूद वे 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकते हैं.

 

चालक मानते हैं कि बीआईसी एक उन्नत रेसिंग ट्रैक है और अगर उन्हें अधिक शक्ति वाले ट्रक मिलते तो वे दर्शको का भरपूर मनोरंजन कर सकते थे.

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