दिल को छू लेगी इन विकलांग खिलाड़ियों की कहानियां

By: | Last Updated: Thursday, 24 April 2014 2:24 PM
दिल को छू लेगी इन विकलांग खिलाड़ियों की कहानियां

नई दिल्ली: देश को गौरव दिलाने वाले विकलांग खिलाड़ियों को लेकर न कहीं कोई चर्चा सुनने को मिलती है और न ही उन्हें कोई जानता है. गुमनाम रहते हुए देश का मान बढ़ाने वाले कुछ ऐसे ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की मार्मिक जीवनगाथा को एक पुस्तक में पिरोया गया है.

 

इस पुस्तक में उनके जीवन के संघर्ष भरे दिनों और उनके जीवन के छिपे हुए पहलुओं को बयां किया गया है.

 

रूपा प्रकाशन से आई इस पुस्तक ‘करेज बियोंड कम्पेयर’ में विस्मृत कर दिए गए देश के कुछ ऐसे ही अद्वितीय प्रतिभा के धनी खिलाड़ियों का जीवनचित्र उकेरा गया है. जीवन की कठिन परिस्थितियों से लड़कर खेलों में देश का गौरव बढ़ाने वाले कुछ ऐसे खिलाड़ियों की मर्मातक कहानी भी इस पुस्तक में संकलित की गई है, जो कभी अपने जीवन से इतने उब चुके थे कि खुदकुशी तक की कोशिश कर बैठे थे.

 

राष्ट्रीय चैम्पियन रह चुके संजय शर्मा और उनकी बेटी मेदिनी शर्मा द्वारा रची गई 258 पृष्ठ की इस पुस्तक में ऐसी 10 कहानियों को संकलित किया गया है और उन खिलाड़ियों के जीवन संघर्ष की अनूठी दास्तां से परिचित कराया गया है.

 

पुस्तक में इन विकलांग खिलाड़ियों के सामने आम जीवन के दौरान रोजाना आने वाली कठिनाइयों, साथियों द्वारा किए जाने वाले भेदभाव और जीवन में आए उन ‘कमजोर पलों’ का बहुत ही खूबसूरती से वर्णन किया गया है, जब कई ने खुदकुशी तक करने की कोशिश की, लेकिन बचा लिए गए.

 

देश के दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण ने पुस्तक के आमुख में लिखा है, “यह पुस्तक किसी खजाने के समान है. मैं तहेदिल से देश के हर नागरिक से इस पुस्तक को पढ़ने और हमारे देश में हुए कुछ अत्यंत प्रतिभाशाली लोगों से जीवन में कुछ सीखने की गुजारिश करूंगा. मैंने इस पुस्तक की हर कहानी को पढ़ने के बाद अद्भुत अहसास महसूस किया. मैं उम्मीद करता हूं कि मैं इन नायकों से कुछ सीख पाउंगा.”

 

पुस्तक के लेखक संजय शर्मा ने आईएएनएस से कहा, “मैंने उनकी कहानियों को सिर्फ उनके जीवन की अद्वितीय दास्तां को बयान करने के लिए नहीं लिखा है, बल्कि लोगों को यह सोचने पर मजबूर करने के लिए लिखा है कि आखिर हमारा समाज विकलांग लोगों के प्रति निष्ठुर क्यों रहता है.”

 

संजय ने आगे कहा, “हमें खुद से यह पूछने की जरूरत है कि जब देश में इतनी संख्या में विकलांग व्यक्ति हैं, तो वे आम लोगों की तरह सड़कों पर दिखाई क्यों नहीं देते? ऐसा सिर्फ इसलिए है, क्योंकि हमारे देश में विकलांग लोगों की सुविधा के लिए बुनियादी ढांचा ही तैयार नहीं किया गया है.”

Sports News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: दिल को छू लेगी इन विकलांग खिलाड़ियों की कहानियां
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017