फिल्म समीक्षा: खूब हंसाएगी ताज़गी से भरी बेपरवाह रोमांस की कहानी ‘हंसी तो फंसी’

By: | Last Updated: Thursday, 6 February 2014 5:12 PM
फिल्म समीक्षा: खूब हंसाएगी ताज़गी से भरी बेपरवाह रोमांस की कहानी ‘हंसी तो फंसी’

फिल्म: ‘हंसी तो फंसी’

रेटिंग: * * *

 

‘हंसी तो फंसी’ ताज़गी से भरी है. ये विशुद्ध रोमांटिक फिल्म है. परिणीति-सिद्धार्थ की मज़ेदार एक्टिंग और निर्देशक विनिल मैथ्यू के सधे हुए निर्देशन से बहुत समय बाद एक अच्छी रोमांटिक कॉमेडी सामने आई है. फिल्म की कहानी में काफ़ी नयापन है.  

 

केमिकल इंजीनियर मीता (परिणीति चोपड़ा) की बहन दीक्षा की शादी हो रही है. इसमें निखिल (सिद्धार्थ मल्‍होत्रा) मेहमान बनकर आया है. मीता अपनी बहन की शादी के दिन अपने ही घर से चोरी करके भाग जाती है. निखिल अंजाने में उसकी मदद कर देता है. इस पहली मुलाक़ात में ही दोनों में ख़ूब बातें होती हैं. लेकिन निखिल को पता नहीं चलता कि दुल्हन की बहन नीता है. इसके बाद सात साल गुज़र जाते हैं.

 

इस बीच निखिल की मुलाकात नीता की दूसरी बहन करिश्मा (अदा शर्मा) से होती है. दोनों में प्यार होता है और बात शादी तक पहुंच जाती है. मगर निखिल और करिश्मा की सगाई के दिन मीता अचानक लौट आती है. अब नीता चीन में साइंटिस्ट बन चुकी है. उसकी आदतें अजीबोग़रीब हैं और वो डिप्रेशन की दवाइयां खाती रहती है. करिश्मा निखिल से कहती है कि वो मीता को अपने ही घर के ऊपर वाले फ़्लैट में रख ले क्योंकि पूरा परिवार उसकी शक्ल तक नहीं देखना चाहता.

 

शादी को अभी भी सात दिन बचे हैं. निखिल और मीता की मुलाक़ातें बढ़ती हैं. इन सात दिनों में दोनों एक-दूसरे के क़रीब आ जाते हैं. उसे पता चलता है कि क्यों नीता अपने ही घर चोरी करके भागी थी? उसके अजीबोग़रीब बर्ताव की वजह क्या है? उसे ये भी अंदाज़ा होता है कि करिश्मा और वो एक-दूसरे से प्यार नहीं करते, बल्कि उसे नीता से प्यार हो गया है. 

 

फिल्म के किरदार और उनकी सोच नए ज़माने की है. कहानी में कई कमज़ोरियां होने के बावजूद किरदार असली और ईमानदार नज़र आते हैं. फिल्म की जान हैं परिणीति चोपड़ा. उनके हर सीन मज़ेदार हैं. हालांकि वो कुछ सीन में ओवरएक्टिंग का भी शिकार हुई हैं. लेकिन ऐसे सीन्स को सिद्धार्थ ने अपने मैच्यौर परफ़ॉरमेंस से बैलेंस कर दिया है. सिद्धार्थ फिल्म का सर्प्राइज़ पैकेज हैं. उनसे किसी को अच्छी एक्टिंग की उम्मीद नहीं थी लेकिन उन्होंने बाज़ी मार ली है. इस फिल्म के बाद लड़कियों में उनकी लोकप्रियता यकीनन बढ़ने वाली है.    

 

फिल्म की सपोर्टिंग कास्ट भी कमाल की है. ख़ासतौर पर शरत सक्सेना, मनोज जोशी और अनु मलिक की आवाज़ में गाना गाने वाले एक्टर ने बहुत म़जेदार अभिनय किया है. अदा शर्मा ने भी अपने रोल को बखूबी निभाया है.

 

फिल्म का संगीत खासतौर पर ज़हेनसीब और पंजाबी वेडिंग सॉन्ग फिल्म में बहुत अच्छे इस्तेमाल किए गए हैं. फिल्म के चार डायलॉग लिखने वालों में अनुराग कश्यप भी एक हैं. डायलॉग काफ़ी मजे़दार हैं. फिल्म में एक जगह हीरो परिणीति से कहता है- क्या गांरटी है कि हमारा प्यार कामयाब होगा? परिणीति जवाब देती है- मैं गांरटी देती हूं. मुझसे शादी कर लो. इस फिल्म में ऐसे कई डायलॉग हैं.

 

सबसे अच्छी बात इसमें हीरोइन वैज्ञानिक के रोल में है और वो अपने काम को लेकर बेहद गंभीर है. रोमांटिक बातों के साथ-साथ वो हीरो के सामने ये भी बयान करती है कि वो क्या प्रयोग कर रही है. उसका पूरा ध्यान लगातार अपने वैज्ञानिक प्रयोग को पूरा करने पर है. हिंदी फिल्मों की हीरोइनों में ऐसा देखने को कहां मिलता है. ये अच्छा बदलाव है. 

 

निर्देशक विनिल मैथ्यू इससे पहले नेस्कैफे और वोडाफोन के मशहूर विज्ञापन बना चुके हैं. ये उनकी पहली फिल्म हैं और उन्होंने नयापन दिया है. ‘हंसी तो फंसी’ करण जौहर निर्मित पिछली कई रोमांटिक फिल्मों से कहीं बेहतर है. वीकेंड पर इसे देखकर पछतावा नहीं होगा.

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Web Title: फिल्म समीक्षा: खूब हंसाएगी ताज़गी से भरी बेपरवाह रोमांस की कहानी ‘हंसी तो फंसी’
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