राजस्थान के साथ करीबी मुकाबले में 7 रन से जीता चेन्नई, जडेजा का ऑलराउंड प्रदर्शन

राजस्थान के साथ करीबी मुकाबले में 7 रन से जीता चेन्नई, जडेजा का ऑलराउंड प्रदर्शन

By: | Updated: 23 Apr 2014 06:03 PM

दुबई: रविंद्र जडेजा के आलराउंड प्रदर्शन से चेन्नई सुपरकिंग्स ने उतार चढ़ाव से भरे मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए राजस्थान रॉयल्स को सात रनों से हरा दिया. चेन्नई सुपरकिंग्स को पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलना पसंद नहीं आया. उसके शीर्ष क्रम के पांच बल्लेबाजों में केवल ड्वेन स्मिथ ही दोहरे अंक में पहुंचे. उन्होंने 28 गेंद पर छह चौकों और तीन छक्कों की मदद से 50 रन बनाये.

 

जडेजा 11वें ओवर में बल्लेबाजी के लिये उतरे और 33 गेंदों पर 36 रन बनाकर नाबाद रहे जिससे चेन्नई छह विकेट पर 140 रन तक पहुंचने में सफल रहा. राजस्थान रॉयल्स के सामने बड़ा लक्ष्य नहीं था लेकिन स्पिनरों के सामने उसने शुरू से ही नियमित अंतराल में विकेट गंवाये और आखिर में उसकी टीम 19.5 ओवर में 133 रन पर सिमट गयी. जडेजा ने 33 रन देकर चार विकेट लिये.

 

राजस्थान का जीत के लिए संघर्ष

रॉयल्स की तरफ से दसवें नंबर के बल्लेबाज धवल कुलकर्णी ने सर्वाधिक नाबाद 28 रन और रजत भाटिया ने 23 रन बनाये. भाटिया ने इससे पहले गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 13 रन देकर दो विकेट लिये थे. चेन्नई से इस जीत से रायल्स पर अपना दबदबा भी बनाये रखा. उसकी आईपीएल में यह 14 मैच में नौवीं जीत है.

 

आईपीएल सात में उसके तीन मैचों में अब चार अंक हो गये हैं और वह दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. रॉयल्स की तीन मैचों में यह दूसरी हार है. रॉयल्स को कप्तान शेन वाटसन पर भरोसा था लेकिन वह भी जडेजा की गेंद पर छक्का जड़ने के बाद सीमा रेखा पर कैच दे बैठे. जडेजा ने अगली गेंद पर सैमसन का रिटर्न कैच लेकर स्कोर चार विकेट पर 44 रन कर दिया. सात रन के अंदर तीन महत्वपूर्ण विकेट गंवाने से रॉयल्स बैकफुट पर चला गया. अगले चार ओवर तक गेंद सीमा रेखा तक नहीं गयी. स्टुअर्ट बिन्नी (8) और स्टीवन स्मिथ (19) हाथ खोलने की कोशिश करते इससे पहले उन्होंने फाफ डु प्लेसिस को आसान कैच थमाकर चेन्नई का काम आसान कर दिया. अब जेम्स फाकनर (4) से किसी चमत्कारिक पारी की उम्मीद थी लेकिन वह आयाराम गयाराम साबित हुए. भाटिया ने जडेजा पर पहले छक्का और फिर चौका जड़कर उनका गेंदबाजी विश्लेषण बिगाड़ने की कोशिश की. कुलकर्णी ने अश्विन पर दो छक्के लगाये लेकिन इससे वह हार का अंतर ही कम कर पाये.

 

चेन्नई की लड़खड़ाती पारी

इससे पहले चेन्नई के सलामी बल्लेबाजों स्मिथ और ब्रैंडन मैकुलम ने एक दूसरे के विपरीत अंदाज में बल्लेबाजी की. स्मिथ ने शुरू से ही रन बनाने का जिम्मा उठाया जिससे चेन्नई पावरप्ले में एक विकेट पर 51 रन बनाने में सफल रहा. मैकुलम (6) ने निराश किया. उन्होंने स्मिथ की राह पर चलने के प्रयास में गेंद हवा में लहरायी और स्टीवन स्मिथ ने दौड़कर उसे खूबसूरत कैच में बदल दिया.

 

स्मिथ ने स्टुअर्ट बिन्नी की पहली गेंद छह रन के भेजकर 27 गेंद पर अपना पचासा पूरा किया, लेकिन गेंदबाज अगली गेंद पर हिसाब बराबर करने में सफल रहा. स्मिथ धीमी गेंद को नहीं समझ पाये और उन्होंने मिड ऑफ पर कैच थमा दिया. इसके बाद चेन्नई की रन गति धीमी पड़ गयी और नियमित अंतराल में विकेट गंवाने से स्थिति और बिगाड़ दी. सुरेश रैना (4) भी भाटिया की धीमी गेंद के झांसे में आकर थर्ड पर कैच दे बैठे. डुप्लेसिस (7) और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (5) भी ज्यादा देर तक नहीं टिक पाये. धोनी का करारा शाट भाटिया की उंगलियों को चूमता हुआ नानस्ट्राइकर छोर पर विकेटों से लग गया जिससे डुप्लेसिस रन आउट हो गये.



चेन्नई के कप्तान ने प्रवीण ताम्बे के अगले ओवर में डीप स्क्वायर लेग पर कैच दिया. चेन्नई 15वें ओवर में 100 रन के पार पहुंचा जिसके तुरंत बाद उसने मिथुन मन्हास (10) के रूप में छठा विकेट गंवाया, जो दोहरे अंक में पहुंचने वाले तीसरे बल्लेबाज थे. इस बीच वाटसन ने भी टूर्नामेंट में पहली बार गेंदबाजी की. जडेजा ने आखिर तक एक छोर पर टिके रहकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया.

 

 

 

 

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