शर्मनाक हार के बाद उठ रहा है ये सवाल, धोनी की कप्तानी क्यों नहीं छिनी जा रही है?

By: | Last Updated: Tuesday, 18 February 2014 12:52 PM

नई दिल्ली. वेलिंग्टन टेस्ट में जीती हुई बाजी ड्रॉ हो गई. लेकिन भारतीय टीम को विदेश में एक और सीरीज में शर्मनाक हार मिली. न्यूजीलैंड 1-0 से भारत को टेस्ट सीरीज में हरा दिया. धोनी की कप्तानी पर सवाल उठ रहे हैं.

 

 

इस ड्रॉ में भी हार है. वजह जीता हुआ टेस्ट महेंद्र सिंह धोनी और टीम इंडिया ने ड्रॉ करवा दिया. वजह विदेश में फिर हारे सीरीज. वजह टेस्ट रैंकिग में नंबर 8 न्यूजीलैंड से भी हार गए. विदेश में लगातार मिल रही हार के कप्तान धोनी सबसे बड़े गुनहगार हैं . क्योंकि कामयाबी और नाकामी दोनों में सबसे पहली उंगली कप्तान पर उठती है.

 

विदेश में धोनी की कप्तानी फिर फेल रही. 2011 जून से लेकर अब तक धोनी ने विदेश में कोई टेस्ट नहीं जितवाया. न्यूजीलैंड में भी नाक कटावा दी. लेकिन धोनी बार-बार हार के बाद भी टीम में हुए सुधार की धुहाई दे रहे हैं.

 

ऐसे में धोनी की कप्तानी सवालों के घेरे में है. पहला सवाल ये कि उनकी कप्तानी क्यों नहीं छिनी जा रही? दूसरा सवाल कि चयनकर्ता और बीसीसीआई धोनी को इतने मौके क्यों दे रहे हैं? तीसरा सवाल यह है कि क्या धोनी का कोई और विकल्प नहीं है.

 

न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंग्टन टेस्ट में भी धोनी की कप्तानी काफी डिफेंसिव रही जिसकी वजह से जीता हुआ टेस्ट ड्रॉ हुआ. वेलिंग्टन टेस्ट तीसरे दिन ही भारत की पकड़ में था. दूसरी पारी में 100 रन से पहले न्यूजीलैंड की आधी टीम आउट हो गई थी.

 

 

तीसरे दिन न्यूजीलैंड का स्कोर 5 विकेट पर 94 रन था. भारत की 246 की बढ़त से न्यूजीलैंड 152 रन पीछे था. लेकिन इसके बाद भारत पांचवे दिन तक न्यूजीलैंड को ऑल आउट नहीं कर पाया और उसने 680 रन बना दिए.

 

 

गेंदबाजों की नाकामी को दोगुना किया धोनी की खराब कप्तानी ने.  न्यूजीलैंड ने भारत को 435 रन का लक्ष्य दिया. मैक्कुलम ने तिहरा शतक लगाते हुए जीती हुई बाजी को भारत से छीन लिया . वॉटलिंग और नीशम ने भी शतक लगाकर घावों पर नमक छिड़क दिया.

 

3 कैच छोड़ना 300 रन महंगा पड़ा

 

मैक्कुलम के 3 कैच छोड़ने की वजह से भी ये टेस्ट ड्रॉ हुआ. 9 रन पर कोहली ने मैक्कुलम को पहला जीवनदान दिया था. इसके बाद 34 रन पर कप्तान धोनी ने भी मैक्कुलम का मुश्किल कैच छोड़ा. लेकिन जब कप्तान गलती करेगा तो टीम को कैसे संभालेगा . इसके बाद 36 रन पर ईशांत ने भी मैक्कुलम का कैच छोड़ा. मैक्कुलम ने 302 रन बना दिए जो न्यूजीलैंड के किसी भी बल्लेबाज का पहला तिहेरा शतक है.

 

विदेश में फिर हारे सीरीज

 

2011 में इंग्लैंड. 2012 में ऑस्ट्रेलिया 2013 में दक्षिण अफ्रीका और अब 2014 की शुरुआत भी न्यूजीलैंड में भी भारत को हार मिली. विदेश में धोनी टीम की नाकामी को रोकने में सक्षम ही नहीं लग रहे हैं.

 

भारत के लिए ये हार इसलिए भी शर्मनाक है क्योंकि टेस्ट रैंकिंग में नंबर दो टीम इंडिया अब तीसरे पायदान पर फिसल सकती है. और उससे भी बड़ी बात ये कि भारतीय टीम नंबर 8 टीम न्यूजीलैंड से हारी जो अब नंबर सात पर पहुंच गई है. लेकिन धोनी और टीम को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता दिख रहा है.

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