हैप्पी बर्थ डे सचिन, जानें कुछ खास बातें

हैप्पी बर्थ डे सचिन, जानें कुछ खास बातें

By: | Updated: 24 Apr 2014 02:51 AM

नई दिल्लीः आज विश्व क्रिकेट के सर्वकालिन क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का 41वां जन्मदिन है. सचिन और उनके प्रशंसकों के लिए ये दिन कुछ खास है. क्रिकेट को धर्म बनाने वाले सचिन क्रिकेट इतिहास के वो बल्लेबाज हैं जिनके रिकॉर्ड के आगे सभी क्रिकेटर नतमस्तक हो जाते हैं.

 

टेस्ट और वनडे में शतकों का शतक लगाने वाले सचिन का क्रिकेट भले ही अब क्रिकेट के इतिहास में दर्ज हो गया हो, लेकिन क्रिकेट के भविष्य में जब कोई क्रिकेटर अपना परचम लहराएगा तो सचिन से ही उसकी तुलना की जाएगी. क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले चुके और इन दिनों आईपीएल में मुंबई इंडियंस टीम से आईकॉन के तौर पर जुड़े सचिन तेंडुलकर के जन्मदिन का मौका इस बार बेहद खास है. 

 

तो पेश है सचिन से जुड़ी कुछ खास बातें -

 

# सचिन तेंदुलकर भारत के पहले और एकमात्र क्रिकेटर हैं जिन्होंने अपने पहले रणजी, दिलीप और ईरानी ट्रॉफी मैच में शतक जमाया.

 

# अपने शुरूआती दिनों में सचिन तेंदुलकर टेनिस प्लेयर जॉन मैकनरों के जबरदस्त फैन थे और क्रिकेट से ज्यादा टेनिस के  प्रति  लगाव रखते थे और टेनिस  प्लेयर बनना चाहते थे.

 

# सचिन तेंदुलकर का नाम उनके पिता रमेश तेंदुलकर ने प्रसिद्द संगीतकार सचिन देव के नाम पर रखा था.

 

# सचिन जब अपने पहले रणजी का इंतजार कर रहे थे तो उस मैच से ठीक पहले मुंबई ने अपने खिलाड़ियों के बीच एक सीरीज खेला था. सचिन के पास     हैल्मेट नहीं था...सामने तेज गेंदबाज राजू कुलकर्णी कुछ ज्यादा ही एग्रेसिव बॉलिंग कर रहे थे. सचिन को बिना हैल्मेट के बैटिंग करते देख उन्हें लगा कि  छोटा बच्चा मेरा मजाक कर रहा है और उन्हेंने ताबड़तोड़ बाउंसर मारना शुरू कर दिया. सचिन आज भी उस दिन को याद करते हुए कहते हैं को वो गुस्सा  हो रहे थे और मैं भगवान से दुआ कर रहा था.

 

# सचिन तेंदुलकर को गाड़ियों के प्रति जबरदस्त क्रेज है और उनके लिए सबसे खास दिन वो रहा जब डॉन ब्रेडमेन के 29 शतक के बराबरी करने  पर उस  समय दुनिया में सबसे तेज माइकल शुमाकर ने फरारी 360 मोडिना उन्हें गिफ्ट किया था.

 

# 1995 में सचिन फिल्म रोजा देखने भेष बदल कर गए थे लेकिन एक समय अचानक उनका चश्मा गिर पड़ा और सबने उन्हें पहचान लिया    फिर तो सचिन की शामत ही आ गई.

 

# 1992 तक सचिन क्रिकेट की दुनिया में एक बड़ा नाम बन चुके थे. उस वक्त 4 माह लंबे ऑस्ट्रेलिया टूर के बाद जैसे ही वो घर लौटे उन्हें पता चला कि    कॉलेज टूर्नामेंट शुरू होने वाला है, सचिन ने किर्ती कॉलेज की तरफ से बल्लेबाजी करने का वादा किया था और उन्होंने ऐसा कर डॉउन टू अर्थ होने का   संकेत दे दिया था.

 

# जब सचिन अपने शीर्ष पर थे तो उस वक्त विश्व क्रिकेट में सबसे भारी बल्ले का प्रयोग सिर्फ वही करते थे, उनके बल्ले का बजन था 3.2 पौंड

 

# सचिन शुरूआती दिनों में तेज गेंदबाज बनना चाहते थे, इसके लिए सचिन चेन्नई एमआरएफ पेस फांउडेशन भी गए. लेकिन उनके कद को देखते हुए वहां के   मेंटर डेनिस लिली ने ये कहते हुए उन्हें वापस भेज दिया कि हाइट ज्यादा नहीं है जाओ बल्लेबाजी करो. सचिन के बाद सौरव गांगुली दूसरे ऐसे खिलाड़ी थे   जिन्हें वापास भेजा गया था.

 

# सचिन तेंदुलकर एक बार पाकिस्तान के तरफ से फील्डिंग कर चुके हैं. 1988 में मुंबई के ब्रैबॉर्न स्टेडियम में खेले गए वन डे प्रैक्टिस मैच में उन्होंने   पाकिस्तान की तरफ से एक सब्स्टीच्यूट खिलाड़ी का काम किया था.

 

# सचिन 19 साल की उम्र में काउंटी क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी थे.

 

# शतकों के बादशाह सचिन को अपने पहले वनडे शतक के लिए 79 मैचों तक इंतजार करना पड़ा था.

 

# टीवी अंपायार के द्वारा रन आउट होने वाले सचिन पहले खिलाड़ी बने थे. 92 में डरबन टेस्ट के दूसरे दिन सचिन जौंटी रोड्स के थ्रो पर आउट हुए और   फैसला टीवी अंपायार ने सुनाया.

 

# अपने कोच रमाकंता आचरेकर से क्रिकेट के गुर सीखने के लिए सचिन ने शारदाश्रम विद्यामंदिर स्कूल में नाम लिखाया था.

 

# विज्ञापनों के मामले में अव्वल सचिन पहली बार बूस्ट के विज्ञापन में कपिल देव के साथ दिखे थे.

 

# सचिन जब अपने फ्लो में होते थे कोई भी गेंदबाज उनके सामने नहीं टिक पाता था. और उन्हें आउट करने के लिए कई पैंतरे आजमाता था ऐसा ही एक   वाक्या उस वक्त हुआ था जब इंग्लैंड के तेज गेंदबाज एलेन मुलाली ने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था, मुलाली तेंदुलकर से परेशान हो चुके थे. और इतना   परेशान हुए कि उन पर झूठा आरोप मढ़ दिया कि वो नियम के विरूद्ध ज्यादा बड़ा बल्ला इस्तेमाल करते हैं. हालाकि ये बात सरासर झूठ निकली.

 

# 1996 तक सचिन के बल्ले पर किसी का स्पॉनसर नहीं था लेकिन विश्व कप के सचिन के पास प्रायजकों की लाइन लग गई थी

 

# सचिन अपने स्कूल टाइम में दबंग टाइप के बच्चे थे. किसी भी नए बच्चे को देखकर उनके दिमाग में लड़ने का ही ख्याल आता था.

 

# सचिन जब बल्लेबाजी की प्रैक्टिस किया करते थे तो अपने दोस्तों को टेनिस बॉल भिंगा कर गेंदबाजी करने को कहते थे ताकि वो ये देख सकें कि गेंद ने   बल्ले को कहां छुआ था.

 

# सचिन तेंदुलकर एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्हें राजीव गांधी खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार , पद्म विभूषण और भारत रत्न से नवाजा गया है.

 

# सचिन ने यॉर्कशायर के तरफ से काउंटी क्रिकेट भी खेला है. वो ऐसा करने वाले पहले विदेशी खिलाड़ी थे

 

# क्रिकेट के मैदान पर सचिन के अंधविश्वास के किस्से तो आपने सुने ही होंगे लेकिन क्या आप जानते हैं कि सचिन जब भी क्रीज पर होते थे तो उनकी   पत्नी अंजलि उपवास करती थी.

 

# चोट से प्यार करने वाले को आप क्या कहेंगे.? एक समय था जब सचिन को चोट से बहुत प्यार था. इसके पीछे बैंड एड्स के प्रति सचिन का अनोखा प्यार  था. उन्हें हलका चोट भी लगता तो वो पूरे चोट पर प्लास्टर करने से नहीं हिचकते थे.

 

# सचिन को घड़ी और पर्फ्युम कलेक्ट करने का शौक है.

 

# पाकिस्तान के विरूद्ध सचिन जब अपना पहला टेस्ट खेलने उतरे थे तो जो पैड उन्होंने पहना था वो सुनील गावस्कर ने उन्हें गिफ्ट किया था.

 

# 1992 में सचिन ने जब टेस्ट क्रिकेट में 1000 रन बनाए थे तो वो उस वक्त ऐसा करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी थे.

 

# 1989 से टेस्ट क्रिकेट का आगाज करने वाले सचिन टेस्ट क्रिकेट में पहली बार स्टंप आउट 2002 में हुए थे. जब वो शतक के काफी करीब थे.

 

# 20 साल के होने से पहले सचिन टेस्ट क्रिकेट में पांच शतक लगा चुके थे. ये रिकॉर्ड अभी तक सुरक्षित है.

 

# सचिन तेंदुलकर विश्व भर के 90 स्टेडियम में खेल चुके हैं. जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है.

 

# सचिन और सौरव गांगुली के नाम ओपनिंग जोड़ी के नाम पर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है. दोनों ने 128 मैच में 6271 रन बनाए.

 

# एक कैलेंडर साल में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड सचिन के नाम पर है. सचिन ने 1998 में 9 वनडे शतक लगाया था. इस साल सचिन ने 1894  रन बनाए थे जो एक खास रिकॉर्ड है.

 

# सचिन 2008 में ऑस्ट्रेलिया के एक रिएलिटी शो में भी आ चुके हैं.

 

# शतकों का शतक लगाने वाले सचिन क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स पर एक भी अंतरराष्ट्रीय शतक नहीं लगया. लेकिन प्रिंसेस डायाना की याद   में खेले गए एक मैच में सचिन ने शतक लगा कर अपना यह सपना भी पूरा कर लिया.

 

# एनजीओ अपनालय के द्वारा सचिन हर साल 200 बच्चों को स्पॉन्सर करते हैं.



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