कोर्ट ने पूछा- श्रीनिवासन को दरकिनार करने का क्या होगा असर

By: | Last Updated: Tuesday, 16 December 2014 4:52 PM

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से पूछा है कि यदि एन. श्रीनिवासन से चेन्नई सुपर किंग्स का स्वामित्व ले लिया जाए तो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और चैम्पियंस लीग पर क्या प्रभाव पड़ेगा. न्यायमूर्ति टी. एस. ठाकुर और न्यायमूर्ति फकीर मोहम्मद इब्रामिह कलिफुल्ला की पीठ को जब बीसीसीआई ने बताया कि आईपीएल में वाणिज्यिक हित का मामला हितों के टकराव के मामले से अलग है तो न्यायालय ने पूछा, “अगर आपके (बीसीसीआई) अध्यक्ष किसी टीम के स्वामी नहीं रहते तो आईपीएल और चैम्पियंस लीग पर क्या असर पड़ेगा? अगर उनसे स्वामित्व छीना जाता है तो क्या प्रतियोगिताएं समाप्त हो जाएंगी.”

 

वरिष्ठ वकील सी.ए. सुंदरम ने न्यायालय को बताया कि श्रीनिवासन के अलावा बोर्ड के किसी अधिकारी के आईपीएल से वाणिज्यिक हित नहीं जुड़े हैं.

 

अदालत ने अधिकारियों को आईपीएल और चैम्पियंस लीग में वाणिज्यिक हित रखने की अनुमति देने वाले बीसीसीआई के नियमों को खत्म करने पर प्रभावित होने वाले लोगों की सूची मांगी.

 

अदालत ने कहा, “लाखों लोग इस खेलों पूरी तरह साफ सुथरा और निष्पक्ष समझकर लुत्फ उठाते हैं. अगर इस सार्वजनिक समारोह के निष्पक्ष होने में आप गड़बड़ी करते हैं तो उसके लिए आप जिम्मेदार होंगे. क्या बोर्ड में कोई ऐसा व्यक्ति है जिसके वाणिज्यिक हित हों और हितों के टकराव की स्थिति पर भी वही फैसला लेता हो.”

 

सुंदरम ने स्वीकार किया कि बीसीसीआई सार्वजनिक दायित्व के कार्यक्रमों का आयोजन करता है और उनमें से कुछ की न्यायिक समीक्षा की जा सकती है. सुंदरम ने अदालत को यह भी बताने की कोशिश की कि यदि बोर्ड की आंतरिक कार्यप्रणाली में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता, जब तक कि तमिलनाडु सोसायटी पंजीकरण अधिनियम-1975 प्रावधानों का उल्लंघन नहीं होता.

 

इस पर न्यायालय ने कहा, “आपके नियम आपके लिए पवित्र होंगे, हमारे लिए नहीं. नहीं तो आप हमें संतुष्टि दें कि सार्वजनिक नीति के आधार पर कानूनन हितों का टकराव सही है. न्यायालय के क्षेत्राधिकार को निजि लोगों तक सीमित करके आप कुछ भी साबित कर सकते.”

 

न्यायालय ने आगे कहा, “आपको न्यायालय की भूमिका पता होनी चाहिए. कानून का पालन आपको या किसी अन्य व्यक्ति के हितों को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जाता. यह खेल की पवित्रता को बढ़ावा देने के लिए होता है. अगर आप बोर्ड के नियम 6.2.4 पर अपनी स्थिति को साबित करना चाहते हैं तो हमें उससे सुंतष्ट करें.”

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