चैपल,गंभीर और बेदी ने बीसीसीआई को घेरा

By: | Last Updated: Saturday, 5 December 2015 3:16 PM

नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल ने कहा कि बीसीसीआई में बहुत सारे राजनीतिज्ञ हैं और उनमें से कुछ को बाहर करने से यह अधिक पेशेवर हो जायेगा क्योंकि अपनी विश्वसनीयता बहाल करने के लिये अच्छी टीम रखना इसके लिये बहुत जरूरी है.

 

चैपल ने हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में आज कहा ,‘‘ बीसीसीआई में बहुत सारे राजनीतिज्ञ हैं. उनमें से कुछ को बाहर करना बुरा नहीं होगा.’’ चैपल के अलावा भारत के पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी, सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर और जस्टिस मुकुल मुद्गल भी परिचर्चा में मौजूद थे. सभी ने बीसीसीआई से अधिक जवाबदेही, पारदर्शिता और ईमानदारी की मांग की.

 

चैपल ने कहा कि भारतीय बोर्ड ‘ दबाव बनाने वाला ’ है और अपनी मांग मनवाने के लिये दूसरे बोर्डों पर दबाव बनाता है.

 

डीआरएस का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि क्रिकेट खेलने वाले हर देश के लिये नियम समान होने चाहिये लेकिन भारत द्विपक्षीय सीरीज में कभी इसका इस्तेमाल नहीं करता.

 

उन्होंने कहा ,‘‘ भारत के पास अब काफी ताकत है लेकिन ताकत के साथ जवाबदारी भी आती है. मैं भी डीआरएस पर भरोसा नहीं करता और मुझे लगता है कि यह बकवास व्यवस्था है लेकिन या तो सभी इसका इस्तेमाल करें या कोई नहीं करे.’’

 

चैपल ने कहा कि बीसीसीआई के पास देश में खेल को चलाने के पेशेवर टीम होनी चाहिये. उन्होंने कहा ,‘‘जिस तरह से टीम में सभी 11 बल्लेबाज या गेंदबाज नहीं हो सकते, उसी तरह क्रिकेट चलाने के लिये सारे क्रिकेटर नहीं हो सकते , कुछ प्रशासक भी चाहिये होते हैं.’’

 

बेदी ने पेशेवरपन के मामले में बीसीसीआई को एक से 10 के पैमाने पर सिफर बताया. उन्होंने कहा ,‘‘बीसीसीआई में विश्वसनीयता की भारी कमी है. जवाबदेही भी जीरो है.’’ उन्होंने कहा कि रसूखदार खिलाड़ियों को चाहिये कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलें. उन्होंने कहा ,‘‘ मैच फिक्सिंग या चकिंग जैसे मामलों में खिलाड़ियों की आवाज काफी अहम है. भारतीय क्रिकेट में दिग्गज हमेशा खामोश रहे हैं. उन्हें आवाज उठानी चाहिये.’’

 

गंभीर ने भी कहा कि बीसीसीआई को सही लोगों को नियुक्त करना चाहिये ताकि पारदर्शिता आये. उन्होंने कहा कि सिर्फ पेशेवरों की भर्ती करना ही उपाय नहीं है.

 

उन्होंने कहा ,‘‘बीसीसीआई में समस्या यह है कि राज्य संघों में भी सही लोग नहीं है. राज्य संघों में सही लोग होने पर बीसीसीआई पर भी उसका प्रभाव पड़ेगा.’’ जस्टिस मुद्गल ने कहा कि बीसीसीआई को कॉरपोरेट या उद्योग की तरह चलाना चाहिये जिसका एक सीईओ हो. उन्होंने कहा कि बीसीसीआई की तुलना में आईपीएल का संचालन बेहतर है जो एक कॉरपोरेट की तरह काम करता है.

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Web Title: BCCI has too many politicians: Chappell
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