पर्ल ग्रुप से तोहफे लेने पर फंस सकते हरभजन, युवराज और ब्रेट ली

By: | Last Updated: Tuesday, 12 January 2016 5:47 PM
CBI may be investigate stars in Pearls scam

नई दिल्ली: 45 हजार करोड के पर्ल ग्रुप की जांच तेज होने के साथ ही कई फिल्मी सितारों और क्रिकेटरों पर शिकंजा कस सकता है. घोटाले की जांच कर रहे ईडी और सीबीआई उन हस्तियों की लिस्ट तैयार कर रही है जिन्हें पर्ल कंपनी से फायदा मिला. इसमें कई बड़े नाम सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इन लोगों से पूछताछ की जाएगी.

हरभजन सिंह, युवराज सिंह, ब्रेट ली ये वो क्रिकेटर हैं जिनसे 45 हजार करोड के पर्ल ग्रुप घोटाले के मामले में सीबीआई पूछताछ कर सकती है. घोटाले की जांच कर रही सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय उन खिलाड़ियों और फिल्मी हस्तियों की सूची तैयार कर रही है जिन्हें पर्ल ग्रुप की तरफ से किसी भी तरह का फायदा मिला हो

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक की जांच के दौरान पता चला है कि पर्ल ग्रुप ने क्रिकेटर हरभजन सिंह को मोहाली में प्लॉट तोहफे में दिया था. इसी तरह क्रिकेटर युवराज सिंह को भी मोहाली में पर्ल ग्रुप की तरफ से प्लॉट दिया गया. ग्रुप ने ऑस्ट्रेलिया में होटल खरीदने और होटल व्यवसाय़ को बढ़ाने के लिए क्रिकेटर ब्रेट ली को अपना ब्रैंड एंबेसडर बनाया.

सूत्रों के मुताबिक अब तक जितने भी फिल्म स्टारों क्रिकेटरो और राजनेताओ के नाम सामने आए है उन्हे मिलने वाले पैसे की समीक्षा की जायेगी और उसके बाद जरूरत पडने पर उनसे पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए जायेगे औऱ फिर यह भी हो सकता है कि इन लोगो को मिले पैसे औऱ प्लाट वापस करने पडे जैसा कि सारदा घोटाले में फिल्म स्टार मिथुन चक्रवर्ती ने वापस किए थे.

पर्ल ग्रप के चेयरमैन निर्मल सिंह भंगू औऱ उनके तीन साथियों से जांच एजेंसियो ने पूछताछ की. इस पूछताछ में जांच एजेंसियों को पता चला है कि इस घोटाले के दौरान इकट्ठा की गई रकम से पर्ल ग्रुप ने आईपीएल 4 के अलावा सुपर फाइट लीग और गोल्फ प्रीमियर लीग में पैसे लगाए थे. इसके अलावा कबड्डी लीग में भी पैसे खर्च किए गए थे. इसके अलावा संबंध बनाने के लिए नेताओं और फिल्मी हस्तियों पर भी रकम खर्च की गई.

सीबीआई इस मामले की जांच आपराधिक षडयंत्र और धोखाधडी की धाराओ के तहत कर रही है जिसका मतलब है कि किस तरह नियम कानूनो को ताक पर रख कर और लोगो को धोखा दे कर उनसे पैसा वसूला गया. जबकि प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में मनी लांड्रिग एक्ट के तहत जांच कर रहा है कि अपराध के जरिए कमाया गया पैसा कहां कब कैसे और किसके पास गया

सुप्रीम कोर्ट के आदेशो के बाद सीबीआई ने पर्ल ग्रुप के खिलाफ मामला दर्ज किया था. आरोप है कि पर्ल ग्रुप ने प्लॉट के नाम पर निवेशकों के करीब 45 हजार करोड़ रुपए हड़प लिये. लोगों को ये झांसा देकर प्लॉट बेंचे जाते थे कि प्लॉट को विकसित करा कर वो दोगुनी रकम कमा सकते हैं. इस तरह एक ही प्लॉट कई लोगो को बेचा गया. इसी घोटाले के मामले में पर्ल ग्रुप के चेयरमैन निर्मल सिंह भंगु अपने तीन साथियों के साथ 10 दिनों की सीबीआई रिमांड में हैं.

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Web Title: CBI may be investigate stars in Pearls scam
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