chennai open

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By: | Updated: 11 Jan 2015 02:37 PM

चेन्नई: स्टेनिसलास वावरिंका ने चेन्नई ओपन में अपनी बादशाहत कायम रखते हुए अलजाज बेदेने को सीधे सेटों में हरा कर तीसरी बार खिताब अपने नाम कर लिया. बेदेने ने टूर्नामेंट में अब तक शानदार प्रदर्शन किया था लेकिन विश्व में चौथे नंबर के स्विस खिलाड़ी वावरिंका ने उन्हें 6-3, 6-4 से आसानी से पराजित कर दिया. स्लोवानिया के खिलाड़ी बेदेने की हालांकि टूर्नामेंट में कुछ अच्छी यादें जुड़ी रही और उन्होंने फाइनल में पहुंचने की राह में विश्व रैंकिंग में शीर्ष 20 में शामिल खिलाड़ियों को भी पराजित किया.

 

मौजूदा चैंपियन और पिछले साल के ऑस्ट्रेलियाई ओपन विजेता वावरिंका को एक बार भी ब्रेक प्वाइंट का सामना नहीं करना पड़ा और उन्होंने केवल एक घंटे दस मिनट में जीत दर्ज की. वावरिंका ने चेन्नई में अपना पहला खिताब 2011 में जीता था और फिर वह 2014 में विजेता बने थे. दिलचस्प बात यह है कि ये दोनों खिलाड़ी इससे पहले केवल इसी टूर्नामेंट में एक दूसरे से भिड़े थे. बेदेने ने 2013 में वावरिंका को हराया था लेकिन स्विस खिलाड़ी ने पिछले साल उस हार का बदला चुकता कर दिया था.

 

वावरिंका ने मैच के बाद कहा, ‘‘ट्राफी के साथ साल की शुरूआत करना खास होता है. ऑस्ट्रेलियाई ओपन में मौजूदा चैंपियन के रूप में जाना अलग तरह का अहसास है. पहले मैं इस ट्रॉफी का लुत्फ उठाना चाहता हूं. यहां फिर से खिताब जीतकर अच्छा लग रहा है. ’’ उन्होंने कहा, ‘‘यहां का माहौल शानदार है और यही वजह है कि मैं यहां आना पसंद करता हूं. यहां खेलकर अच्छा लगता है. मैं सात साल से यहां खेल रहा हूं. ’’

 

बेदेने पिछले दस दिन के अपने प्रदर्शन से खुश थे. वह चेन्नई ओपन के फाइनल में पहुंचने वाले पहले क्वालीफायर बने. उन्होंने कहा, ‘‘यह शानदार सप्ताह रहा. सभी का आभार. मुझे कड़ी मेहनत का फल मिला. मेरी टीम का शुक्रिया. आपने बहुत अच्छी भूमिका निभायी. अब यह मेरा पसंदीदा टूर्नामेंट है और मैं यहां अगले साल आना पसंद करूंगा. शाबास स्टैन. उसने आज शानदार खेल दिखाया. ’’

 

बेदेने ने बेसलाइन से आक्रामक खेल दिखाया लेकिन महत्वपूर्ण अंकों पर गलतियों के कारण उन्होंने मौके गंवाये. दूसरी तरफ वावरिंका का अपने शाट पर शानदार नियंत्रण था. उन्होंने अपनी सर्विस आसानी से बचाये रखी. दूसरे सेट में बेदेने ने अच्छी चुनौती पेश की लेकिन वावरिंका को जो भी मौका मिला उन्होंने उसे भुनाने में कसर नहीं छोड़ी. उन्हें सातवें गेम में ब्रेक प्वाइंट का मौका मिला लेकिन उनका बैकहैंड लाइन के बाहर चला गया लेकिन जल्द ही उन्होंने फोरहैंड विनर लगाकर ब्रेक प्वाइंट ले लिया. बेदेने ने अपनी सर्विस बचाये रखी लेकिन वावरिंका ने अपनी सर्विस पर फोरहैंड विनर जमाकर मैच और खिताब अपने नाम किया.

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