खिलाड़ियों को सम्मान देने में हरियाणा आगे, पंजाब पीछे

By: | Last Updated: Tuesday, 5 August 2014 12:42 PM

चंडीगढ़: पंजाब भले ही हमेशा हरियाणा के बड़े भाई जैसा व्यवहार करता हो लेकिन इस बार खिलाड़ियों को सम्मानित और पुरस्कृत करने के मामले में पंजाब कहीं पीछे रह गया.

 

शायद यही कारण है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक हासिल करने वाले पंजाब के खिलाड़ी खुद को हरियाणा के खिलाड़ियों की अपेक्षा कमतर महसूस कर रहे हैं.

 

पंजाब के खिलाड़ी पड़ोसी राज्य हरियाणा के खिलाड़ियों से अपनी तुलना इसलिए भी करने पर मजबूर हुए हैं, क्योंकि हरियाणा के खिलाड़ियों पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने पर इनामों की बौछार लग जाती है.

 

हरियाणा सरकार अपने पदक विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार में महंगी गाड़ियों, स्मार्ट मोबाइल फोन और दूसरे उम्दा पुरस्कारों के साथ-साथ उन्हें अच्छी नौकरियां भी मुहैया करा रही है. यहां तक कि हरियाणा के पदक विजेता खिलाड़ियों को देशी घी आपूर्ति की व्यवस्था भी की गई है, जिसके कारण उन्हें आगे भी पदक जीतने की प्रेरणा और उत्साह मिलता है.

 

पिछले कुछ वर्षो में भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार ने पदक जीतने वाले अपने राज्य के खिलाड़ियों को दिल खोलकर पुरस्कार बांटे हैं.

 

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों की महिला कुश्ती स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाली नवजोत कौर का भी मानना है कि पंजाब सरकार को खिलाड़ियों को प्रेरित करने की कला सीखनी चाहिए.

 

नवजोत अमृतसर के नजदीक तरन तारन जिले के एक गांव से ताल्लुक रखती हैं. उनका मानना है कि पंजाब में खिलाड़ियों को वैसा सम्मान नहीं मिलता जैसा कि हरियाणा में खिलाड़ी पाते हैं.

 

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों ने कुल 10 पदक जीते जिसमें स्वर्ण और रजत शामिल हैं.

 

पंजाब के एथलीट इस बात से निराश हैं कि राज्य सरकार उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिह बादल की रुचि के कारण हर साल कबड्डी में तो करोड़ों रुपये खर्च करती है लेकिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले एथलीटों के लिए उनके पास कोई योजना नहीं है.

 

हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर बॉलीवुड सितारों को कबड्डी प्रतियोगिता के उद्घाटन और समापन समारोह में बुलाया जाता है.

 

नवजोत नाराजगी भरे लहजे में कहती हैं, “अगर पंजाब खिलाड़ियों को बढ़ावा नहीं देना चाहता तो मैं हरियाणा का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हूं.”

 

ग्लासगो राष्ट्रमंडल में ही रजत जीतने वाले जूडो खिलाड़ी नवजोत चाना भी सरकारी रवैये से खुश नहीं हैं.

 

चाना ने कहा, “तमाम कोशिशों के बावजूद मुझे उपयुक्त स्थान नहीं मिला. मैं अब भी पुलिस में एएसआई (सहायक उपनिरीक्षक) के पद पर हूं जबकि अगर मैं हरियाणा में होता तो डीएसपी बन गया होता.”

 

खिलाड़ियों की इस नाराजगी पर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि जल्द ही सभी खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा.

 

वैसे, हरियाणा में इसी वर्ष विधान सभा चुनाव भी होने हैं, और इसलिए भी हुड्डा खिलाड़ियों के सम्मानित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं.

 

गौरतलब है कि हाल ही में हरियाणा सरकार ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को मिलने वाली इनामी राशि में भी इजाफा किया है.

 

हुड्डा ने हालांकि बताया, “हम खेल संस्कृति को युवाओं में और लोकप्रिय बनाने चाहते हैं और इसलिए हमने पुरस्कारों की राशि बढ़ाई.”

 

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