CRICKET KATHA: पहले विश्वकप के चार यादगार लम्हे

By: | Last Updated: Monday, 24 November 2014 5:34 PM

नई दिल्ली: आज हम खास आपके लिए लाए हैं पहले विश्व कप के कुछ यादगार पल. आईये एक नज़र डालते हैं विश्व कप के यादगार लम्हों पर.
 

-विश्व कप का पहला यादगार लम्हा 

इंग्लैंड में एजबेस्टन का मैदान.

11 जून 1975 की तारीख.
 

मैच वेस्ट इंडीज बनाम पाकिस्तान.

विश्वकप में ये वेस्टइंडीज और पाकिस्तान की पहली भिड़ंत थी. पाकिस्तान के जावेद मियादांद को आज आप पहचानते हैं ये उनका मैच था. वहीं वेस्टइंडीज टीम के कप्तान क्लाइव लॉयड की कप्तानी में वेस्टइंडीज विश्वकप की प्रबल दावेदार थी. दुनिया के बेहतरीन ओपनरों में नाम शामिल कराने वाले वेस्टइंडीज के गॉर्डन ग्रीनिज के लिए भी ये विश्वकप का पहला मैच था.

 

वेस्टइंडीज ने टॉस जीता और फिर पहले फिल्डिंग का फैसला किया. कप्तान माजिद खान, मुश्ताक मोहम्मद और वसीम राजा के अर्धशतकों की मदद से पाकिस्तान ने 260 रन का स्कोर खड़ा कर लिया. उन दिनों 60 ओवरों के मैच में 260 बनाना चुनौती पूर्ण था. लेकिन अपने शानदार बैटिंग लाइनअप के लिए पहचाने जाने वाली वेस्टइंडीज की टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई. 36 पर तीन, फिर 99 पर पांच और 203 पर 9. वेस्टइंडीज की हार तय लग रही थी.

 

वेस्टइंडीज के आठवें नंबर के बल्लेबाज डेरेक मुर्रे आखिरी बल्लेबाज एंडी रॉबर्ट्स के साथ क्रीज पर थे. पाकिस्तान लाख कोशिशों के बाद भी इस जोड़ी को क्रीज से हटा नहीं पाया मैच आखिरी ओवर तक खिंचा. जिसमें

वेस्टइंडीज ने बाजी मारी.

 

-पहले विश्व कप का दूसरा यादगार लम्हा

 

लंदन में ओवल का मैदान

वेस्टइंडीज बनाम आस्ट्रेलिया

14 जून 1975 वेस्टइंडीज ने टॉस जीता और पहले फिल्डिंग का फैसला किया.  ऑस्ट्रेलिया के कप्तान इयान चैपल हुआ करते थे. ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी 53.4 ओवरों में कुल 192 रन बना पाए. वेस्टइंडीज के फ्रेडरिक्स और गोर्डन ग्रीनिच की सलामी जोडी मैदान में उतरी. स्कोर था 29 रन पर एक विकेट. गोर्डन ग्रीनिच के आउट होने के बाद कालीचरण मैदान में आए.

 

कालीचरण का कद था महज पांच फुट चार इंच. उस वक्त की तस्वीरें दिखाती हैं कि सिर पर बिना हेलमेट पहने, शर्ट के खुले बटनों के ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज डेनिस लिली का सामना करने उतरे कालचीरण.

 

उसके बाद जो हुआ वो क्रिकेट के इतिहास के रोमांचक पलों में शामिल है. क्रिकेट के स्कोरकार्ड में दर्ज है कि कैसे दस गेंदों में 35 रन बनाए थे और वो भी उस जमाने में जब क्रिकेट आज की तरह तेज नहीं हुआ करता था. ये दस गेंद देखिए 4,4,4,4,4,1,4,6,0,4. हालांकि कालीचरण ने 83 गेदों में 78 रन की पारी खेली और लिली का ही शिकार हुए. पर जाने से पहले वो वेस्टइंडीज की जीत तय कर गए. वेस्टइंडीज ने करीब 14 ओवर रहते ही जीत हासिल कर ली और वो भी सात विकेट से. 

 

पहले विश्व कप का तीसरा यादगार लम्हा

पहला सेमीफाइनल

लीड्स में हेडिंग्ले का मैदान

18 जून 1975

ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड का मुकाबला

 

ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीता और पहले फिल्डिंग करने का फैसला लिया. ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज गैरी गिल्मॉर और मैक्स वॉल्कर के आगे इंग्लैड की बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई. पहले विश्वकप के पहले मैच में भारत के खिलाफ ताबडतोड़ शतक बनाने वाले एमिस सिर्फ 2 रन पर निपट गए.

 

इंग्लैंड की पूरी टीम 36.2 ओवरों में 93 रन पर सिमट गई. सिर्फ दो दहाई का आंकड़ा पार कर पाए. गिल्मोर ने 12 ओवरों में 6 मेडन डाले 14 रन दिए और 6 विकेट हासिल किए. वहीं वाल्कर ने 9.2 ओवरों में 22 रन देकर तीन विकेट हासिल किए. 

 

अपने दर्शकों के सामने इंग्लैंड की दुर्गति हो चुकी थी लेकिन इंग्लैंड की टीम पलटवार में सक्षम थी. जवाब में ऑस्ट्रेलिया की शुरूआत भी खास नहीं रही. ऑस्ट्रेलिया के 6 विकेट 39 रन पर निपट गए. जब विकेटकीपर बल्लेबाज मार्श आउट हुए तो लगा कि ऑस्ट्रेलिया विश्वकप के फाइनल में पहुंचने से चूक गया.

 

लेकिन ऑस्ट्रेलिया के पांचवे नंबर के बल्लेबाज वॉल्टर्स की मदद से 6 विकेट लेने वाले गिल्मोर ने बाजी संभाल ली. गिल्मोर ने 28 गेदों पर 28 रन बनाए और मैच जिता दिया. प्लेयर ऑफ द मैच तो बनना ही था.

 

पहले विश्व कप का चौथा यादगार लम्हा

फाइनल मैच

लंदन में लॉर्डस का मैदान

21 जून 1975

 

ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीता और पहले फिल्डिंग चुनी. फाइनल मैच किसी फिल्मी ड्रामे से कम नहीं था. मैच का पहला विकेट गिरा रोय किल्फटन फ्रेडरिक्स के तौर पर. वो विश्वकप के पहले हिटविकेट होने वाले बल्लेबाज बने.

 

लेकिन वेस्टइंडीज ने कप्तान क्लाइव लॉयड के शानदार शतक की बदौलत 291 रन का स्कोर खड़ा कर लिया था. लेकिन वेस्टइंडीज ने ये मैच शतक की वजह से नहीं जीता बल्कि जीता फिल्डिंग की वजह से. वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों ने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के पांच खिलाड़ियों को रनआउट किया.

 

लिस्ट देखिए

टर्नर  को 40 रन पर रिचर्ड्स ने रनआउट किया

इयान चैपल को 62 रन पर क्लाइव लॉयड और रिचर्ड्स ने रनआउट किया

ग्रैग चैपल को 15 रन पर रिचर्डस ने

वाल्कर को 7 रन पर होल्डर ने

और थॉमसन को 21 रन पर मुर्रे ने रनआउट किया.

 

पहले विश्वकप में सबक ये मिला की जीतता वही है जो मैदान पर दम दिखाता है. वेस्टइंडीज की इस विजयगाथा में बैटिंग भी है और बॉलिंग भी और सब से बढ़कर फिल्डिंग जिसके बाद भी भारतीय टीम भी विश्वकप में जीत हासिल नहीं कर सकती.

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