इस बार 'जुआ' नहीं चल पाने से कप्तान धोनी निराश

By: | Last Updated: Monday, 12 October 2015 3:12 AM

कानपुर: भारतीय टीम को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में लक्ष्य तक पहुंचाने में नाकाम रहने वाले भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कल यहां अपने बचाव में कहा कि फिनिशर के रूप में उनका काम ‘जुआ’ है और जब वह नाकाम रहते हैं तो इसका दोष अपने उपर लेते हैं. भारत को आखिरी ओवर में 11 रन चाहिए थे लेकिन धोनी इसमें असफल रहे.

 

उन्होंने बाद में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हां जब आप बल्लेबाजी क्रम में नीचे आते हो तो फिर आपको हार का दोष स्वीकार करना होगा. जब आपने कई मैचों में टीम को जीत दिलायी हो तब लोग उन मैचों को याद करते हैं जिनमें आप नाकाम रहे हों.’’ धोनी और स्टुअर्ट बिन्नी दोनों ने 50वें ओवर में बड़े शॉट खेलने के प्रयास में कैच दिये और भारत पांच रन से हार गया.

 

धोनी ने अपनी भूमिका में नाकाम रहने के बारे में कहा, ‘‘फिनिशर की भूमिका में खेलना एक जुआ है. कई बार यह चलता है और कुछ अवसरों पर नहीं चल पाता. लेकिन टीम में यह मेरी भूमिका है. मुझे इंग्लैंड के खिलाफ एक मैच और श्रीलंका के खिलाफ राजकोट में एक मैच याद है जहां मैं टीम की मदद नहीं कर पाया था.’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘आपको बड़े शाट खेलने पड़ते हैं और यदि गेंद बल्ले पर आ रही हो तो आप गेंदबाज की तेजी का उपयोग कर सकते हो. लेकिन इस तरह के विकेट पर हिट करना मुश्किल होता है जहां औसत उछाल में भी गेंद नीचे रह रही थी. इसके अलावा जब आप बड़े शॉट खेलते हो तो इसके दोनों तरह के परिणाम हो सकते हैं. मैं यह भी कहना चाहूंगा कि आखिरी ओवर में शाट का चयन अच्छा नहीं था.’’

 

आखिरी ओवर में उनके दिमाग में क्या चल रहा था, इस सवाल पर धोनी का जवाब था, ‘‘मारो.’’ भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘हमारी बल्लेबाजी वास्तव में अच्छी है. रहाणे तीसरे नंबर पर और विराट चौथे नंबर पर. उनके बाद मैं, रैना और बिन्नी. यह काफी व्यवस्थित लाइनअप दिखती है जिसमें बड़े शॉट लगाने की ताकत और बड़े लक्ष्य हासिल करने का अनुभव है. इसलिए मैंने कहा कि रहाणे को बल्लेबाजी क्रम में उपर आना चाहिए. यह कागजों पर काफी मजबूत बल्लेबाजी दिखती है.’’

 

तेज गेंदबाज उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार और बिन्नी को एबी डिविलियर्स ने कड़ा सबक सिखाया और धोनी ने कहा कि भारत को डेथ ओवरों की अपनी गेंदबाजी में सुधार करने की जरूरत है.

 

उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक गेंदबाजी का सवाल है तो अश्विन के छह ओवरों की वास्तव में कमी खली. बीच के ओवरों में चीजें नियंत्रण में थी. रैना और बिन्नी ने रन लुटाये. इसके बाद डेथ ओवरों में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा. यह निराशाजनक है क्योंकि गेंद रिवर्स स्विंग ले रही थी. उन्हें अपनी रणनीति का सही तरह से इस्तेमाल करना चाहिए था. यार्कर का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है.’’

 

अश्विन की फिटनेस के बारे में धोनी ने कहा कि टीम प्रबंधन अब भी उनका आकलन कर रहा है. उन्होंने रोहित और रहाणे के बीच 149 रन की साझेदारी की भी तारीफ की.

 

उन्होंने कहा, ‘‘वे जिस तरह से बल्लेबाजी कर रहे थे उससे पिच बल्लेबाजी के लिये आसान दिख रही थी. उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से इस विकेट को आसान बना दिया था. ’’

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Web Title: Dhoni disappointed about ‘gamble’ not paying off
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