हमारे तेज गेंदबाजों को कम घरेलू मैच खेलने चाहिए: धोनी

By: | Last Updated: Friday, 27 March 2015 11:13 AM
dhoni on indian bowler

मेलबर्न: टीम इंडिया के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने विश्व कप में भारतीय गेंदबाजों के बेहतरीन और यादगार प्रदर्शन के बाद कहा है कि उमेश यादव, मोहम्मद शमी और मोहित शर्मा की तिकड़ी को घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने के लिए बाध्य नहीं करना चाहिए. जिससे कि यह सुनिश्चित हो सके कि वे थके नहीं.

 

 

 

भारतीय गेंदबाजों ने विरोधी टीमों के जो 77 विकेट चटकाए उसमें से 48 यादव (18 विकेट), शमी (17 विकेट) और मोहित (13 विकेट) ने हासिल किए. इन तीनों ने अपनी गति, उछाल और नियंत्रण से सभी को हैरान किया.

 

धोनी का मानना है कि बीसीसीआई को इन मुख्य गेंदबाजों का सतर्कता के साथ निखारना चाहिए और संबंधित राज्यों संघों को इन पर रणजी ट्रॉफी में खेलने के लिए दबाव नहीं डालना चाहिए.

 

कप्तान धोनी ने तो बड़ी सहजता से इस बात को बोल गए लेकिन वो यह क्यों भूल जाते हैं कि भारतीय खिलाड़ियों के थकान के पीछे सिर्फ रणजी ट्रॉफी या घरेलू मुकाबले ही नहीं हैं लगभग 2 महीने लगातार आईपीएल में खिलाड़ी जी जान लगा देते हैं. क्या वो अपने ही टीम में उस तेज गेंदबाज को नहीं लेंगे जो इस वक्त विश्व कप टीम में थे औऱ लगातार भारतीय टीम में आगे खेल सकते हैं. 

 

जब धोनी से यह पूछा गया कि कैसे मौजूदा खिलाड़ियों को निखारा और बचाया जा सकता है, धोनी ने कहा, ‘‘पिछले कुछ समय से हमारे ढांचे में यह समस्या है. तेज गेंदबाज के अंतरराष्ट्रीय दौरा पूरा करके लौटने पर स्थानीय राज्य संघ उसे घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजी के लिए कहता है. उन्हें कितने ओवर फेंकने को कहा जा रहा है इस पर नजर नहीं रखी जाती और ना ही संतुलन रखा जाता है.’’

 

कई दिग्गजों की राय रहती है कि हर खिलाड़ी अपनी कमी से निकलने के लिए घरेलू मैच खेले ताकि पिच पर खिलाड़ी के विरूद्ध अपनी कमियों को पूरा कर सकें.

 

धोनी ने कहते हैं कि,‘‘अगर तेज गेंदबाज घरेलू मैच खेलने से इनकार कर देता है तो स्थानीय संघ नाराज हो जाता है और कहता है कि ‘अब तुम भारत के लिए खेल रहे हो तो इसका मतलब हुआ कि हमारे लिए नहीं खेलोगे.’ यहीं समस्या है.’’ भारतीय कप्तान ने बीसीसीआई से अपील की कि वे इस गेंदबाजी इकाई पर करीब से नजर रखे क्योंकि वे भविष्य के विदेशी दौरों पर भारत की सफलता में अहम होंगे.

 

धोनी ने कहा, ‘‘अगर हम भारतीय क्रिकेट के हितों को देखना चाहते हैं तो हमें तेज गेंदबाजों की प्रगति पर नजर रखनी होगी कि वे कितने ओवर फेंक रहे हैं और उन पर कितना बोझ है. साथ ही हमारे गेंदबाजों को भारतीय घरेलू क्रिकेट में अधिक मैच नहीं खेलने चाहिए. उन्हें बीच बीच में मैच खेलने चाहिए.’’ धोनी ने साथ ही बताया कि वे क्यों चाहते हैं कि तेज गेंदबाजों को कम घरेलू मैच खिलाने की योजना को लागू किया जाए.

 

भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘ये गेंदबाज (उमेश, शमी, मोहित, भुवनेश्वर) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगभग सभी प्रारूपों में खेल रहे हैं. वे वनडे , टी20  और टेस्ट मैच खेल रहे हैं जहां काफी प्रयास की जरूरत होती है.’’

 

धोनी ने कहा, ‘‘अगर अन्य टीमों पर नजर डालें तो उन्हें दो महीने का स्पष्ट ब्रेक मिलता है लेकिन हमने पूरे साल में भी दो महीने का ब्रेक नहीं मिलता. मुझे पता है कि यह मुश्किल है लेकिन अगर संबंधित राज्य संघ थोड़ा समझौता करने को तैयार हों तो हम इन्हीं गेंदबाजों के साथ लंबे समय तक चल सकते हैं.’’ भारतीय कप्तान साथ ही उन गेंदबाजों से नाखुश हैं जो तेज गेंदबाज के रूप में शुरूआत करते हैं लेकिन बाद में मध्यम गति से गेंद करने लगते हैं.

 

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