हार में भी ‘सकारात्मक’ चीजें ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं धोनी

By: | Last Updated: Wednesday, 20 January 2016 8:54 PM
Dhoni tries to find “positives” after defeat

कैनबरा: निराश भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 25 रन की शिकस्त की जिम्मेदारी ली लेकिन साथ ही सिर्फ 46 रन पर नौ विकेट गंवाने के बावजूद इस हार से ‘सकारात्मक’ पक्ष ढूंढने का प्रयास किया.

धोनी ने टीम के एक समय बेहद मजबूत स्थिति में होने के बावजूद हार के बाद कहा, ‘‘यह मेरा विकेट था (मैच का टर्निंग प्वाइंट) क्योंकि टीम में यह मेरी भूमिका है कि उस स्थिति से हम मैच खत्म करते. हमने काफी विकेट गंवाए लेकिन भूमिका और टीम में जिम्मेदारी को देखते हुए मुख्य रूप से यह मेरा विकेट था.’’ लेकिन सबसे हैरानी भरा यह रहा कि इस तरह की हार के बावजूद कप्तान ने सकारात्मक पक्ष ढूंढने की कोशिश की.

धोनी ने टीम के बचाव में कहा, ‘‘निश्चित तौर पर हम निराश है लेकिन हम सकारात्मक चीजें देखना चाहते हैं. मेरा विकेट गंवाने के बाद भी अगर हम बेहतर बल्लेबाजी करते तो यह मैच 46वें या 47वें ओवर में खत्म हो जाता. आप इसे इस तरह देख सकते हो. मुझे लगता है कि आज के मैच में काफी सकारात्मक पक्ष रहे, विशेषकर बल्लेबाजी में. रोहित की पारी ने अच्छी शुरूआत की और इसके बाद विराट (कोहली) और शिखर (धवन) के बीच अगली साझेदारी शानदार थी.’’

धोनी ने स्वीकार किया कि अजिंक्य रहाणे की चोट का भी नुकसान हुआ. धोनी ने कहा, ‘‘हां, रहाणे की चोट से नुकसान हुआ. उसे कुछ टांके लगे थे और उसे एनेस्थीसिया देना पड़ा. हमें उसे बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतारना पड़ा जिससे कि उसके हाथ में संवेदना वापस आ जाए. इसके बाद ही वह बल्लेबाजी कर सकता था.’’

उनसे जब एबीपी न्यूज़ के पत्रकार कुंतल चक्रवर्ती ने पूछा कि क्या आपके टीम में ऐसा कोई खिलाड़ी है जिनमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का दम नहीं हैं. धोनी ने इसके बाद ऋषि धवन और गुरकीरत सिंह जैसे युवा खराब शॉट खेलकर आउट हुए लेकिन धोनी ने उनका बचाव किया. उन्होंने कहा, ‘‘दबाव आपके साथ ऐसा ही करता है. उनमें से कुछ ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला है. समय के साथ वह महसूस करेंगे कि उन्हें साझेदारी बनानी होगी और विकेट की गति और उछाल का अंदाजा लगने के बाद आप बड़े शॉट खेल सकते हो.’’

धोनी ने कहा, ‘‘वह शुरूआती मैच खेल रहे हैं और अपने करियर में पहली बार दबाव में हैं इसलिए उम्मीद करता हूं कि वे सीखेंगे.’’ भारतीय कप्तान ने हालांकि रविंद्र जडेजा की आलोचना की क्योंकि यह ऑलराउंडर निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए स्ट्राइक रोटेट नहीं कर पाया.

धोनी ने कहा, ‘‘निचले क्रम के बल्लेबाजों में वह सबसे अधिक अनुभवी था. आपको सिर्फ बल्लेबाजी नहीं करनी होती. आपको अपने साथ बल्लेबाजी कर रहे लोगों को बताना होता है कि उस समय गेंदबाजी क्या कर सकता है और बल्लेबाजों को क्या करना चाहिए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए निश्चित तौर पर थोड़े संवाद से मदद मिलती. मुझे नहीं लगता कि वह ऐसा खिलाड़ी है जो काफी बात करता है. इसलिए इस पर भी ध्यान देना होगा.’’

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Web Title: Dhoni tries to find “positives” after defeat
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