WT20: 2007 और 2011 का अनुभव 2016 में दिलाएगी टीम को जीत

By: | Last Updated: Friday, 5 February 2016 3:11 PM
Dhoni’s Experienced Squad for 2016 WT20

नई दिल्ली: साल 2007 में जब राहुल द्रविड़ की अगुवाई वाली भारतीय टीम वेस्टइंडीज़ में खेले गए क्रिकेट विश्वकप के पहले राउंड में ही हारकर बाहर हो गई थी तभी देश के करोड़ों क्रिकेटप्रेमियों के अंदर क्रिकेट की आशाओं का दिया एक बार फिर से जिस कप्तान ने जलाया था वो कोई और नहीं बल्कि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ही थे. साल 2007 में धोनी ने देश को 1983 के 24 साल बाद विश्वविजेता का ताज़ पहनाया और अब एक बार फिर धोनी को एक ऐसी टीम सुपुर्द की गई है जो कि विश्व विजय होने का पूरा दम रखती है.

 

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई भारतीय टीम में बीसीसीआई ने कोई खास बदलाव नहीं करते हुए एक विनिंग क़म्बिनेशन बनाने का प्रयास किया है. कप्तान धोनी की इस टीम में अनुभव की बिल्कुल कमी नहीं है और भारतीय टीम एक बार फिर से विश्व विजेता बनेगी ऐसा हम इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि कप्तान धोनी 2007 और 2011 विनिंग टीम के खिलाड़ियों को बेहतरीन कॉम्बिनेशन सौंपा गया है.

 

आइये नज़र डालें उन खिलाड़ियों पर जो विश्व विजेता टीम का हिस्सा रहे हैं:

MS Dhoni: साल 2007 और 2011 में टीम को विश्व विजेता बनाने वाली टीम के कप्तान एमएस धोनी ही थी. इस बार भी धोनी के हाथों में टीम की कमान सौंपी गई है. टी20 स्पेशलिस्ट कप्तान एम एस धोनी ने 55 टी20 मुकाबले खेले हैं जिसमें उन्होनें 48 के बेस्ट स्कोर के साथ 899 रन बनाए हैं. हालांकि ये आंकड़े उनकी काबीलियत को बिल्कुल भी बयां नहीं करते क्योंकि जब भी टीम संकट में हो तो कप्तान धोनी हमेशा संकटमोचन बनकर सामने आते हैं.

 

Virat Kohli: देश की सबसे बड़ी उम्मीद और बेहतरीन फॉर्म में चल रहे टीम इंडिया के उप-कप्तान विराट कोहली भी वर्ल्ड टी20 में देश की जीत की नींव रखेंगे क्योंकि 2011 विश्व विजेता टीम में भी कोहली का लक टीम के साथ था. विश्वकप के दौरान विराट का अहम रोल पारी को जाकर संभालना और टीम के स्कोर को बड़े स्कोर की तरफ बड़ाना होगा. विराट ने देश के लिए खेले 33 टी20 मुकाबलों में 12 अर्धशतकों के साथ 1215 रन बनाए हैं. हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर विराट ने 5 वनडे मुकाबलों में 381 रन बनाए थे. वहीं टी20 फॉर्मेट में भी विराट मैन ऑफ द सीरीज़ रहते हुए 199 रन बनाने में कामयाब रहे थे.

 

Rohit Sharma: साल 2007 ही नहीं 2011 में भी रोहित टीम के साथ जुड़े थे. वर्ल्ड टी20 से ठीक पहले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अपना दम दिखाकर दुनियाभर के गेंदबाज़ों में खौफ पैदा करने में कामयाब रहे रोहित शर्मा के कंधो पर इस बार सहवाग वाली ज़िम्मेदारी होगी. रोहित को बतौर ओपनर टीम को एक मजबूत और तूफानी शुरूआत देनी होगी जिससे टीम विरोधियों को शुरूआती ओवरों में ही पटकनी दे सके. रोहित ने अब तक खेले 47 टी20 मुकाबलों में 1010 रन बनाए हैं. जिसमें 1 शतक और 9 अर्धशतक भी शामिल हैं.

 

Yuvraj Singh: घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन कर लंबे समय बाद उस फॉर्मेट में टीम में वापसी की जिस फॉर्मेट का उन्हें किंग माना जाता है. साल 2007 में जब भारत ने टी20 विश्व कप जीता था तब भी युवराज ने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच जिताऊ पारियां खेल टीम की जीत की नींव रखी थी. 6 गेंदों पर 6छक्के लगाने का कारनामा भी युवराज ने 2007 विश्वकप में ही किया था. वहीं विश्वकप 2011 में भारत में होने वाले विश्वकप में युवराज ने गेंद और बल्ले से विरोधियों पर अकेले ही हमला बोल दिया था. युवराज अगर इस बार भी देश के लिए कमाल कर पाते हैं तो फिर टीम इंडिया एक बार फिर से 3 अप्रेल को जश्न मनाने के लिए तैयार रहेगी.

 

R Ashwin: 2011 विश्वकप में ब्लू 15 का हिस्सा रहे थे अश्विन. इस बार का विश्वकप भारतीय सरज़मीं पर खेला जाना है और जब मुकाबला भारत में हो तो अश्विन से बड़ा कोई मैच विनर नहीं होता. आर अश्विन पर स्पिन अटैक की पूरी ज़िम्मेजारी होगी जो कि वो हाल में बेहतरीन तरीके से निभाते रहे हैं. अश्विन ने भारत के लिए 31 मैचों में 33 विकेट हासिल किए हैं. जबकि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी उन्होनें 6 विकेट झटके हैं.

 

Harbhajan Singh: टीम इंडिया में लंबे समय से बने हुए हरभजन सिंह 2007 और 2011 दोनों विश्वविजेता टीम का हिस्सा रहे हैं. भले ही हरभजन सिंह को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका ना मिला हो लेकिन हाल ही में अपनी बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हरभजन को बतौर अनुभव टीम के साथ जोड़ा गया है. हरभजन सिंह टीम के सबसे अनुभवी गेंदबाज़ हैं और उन पर टीम के स्पिन अटैक को धार देने का काम करना होगा. हरभजन ने खेले 27 मैचों में 24 विकेट हासिल किए है.

 

Ashish Nehra: पूरे 4 साल बाद यानि 2011 के बाद टीम में चुने गए आशीष नेहरा 2007 और 2011 दोनों विश्व विजय करने वाली टीमों का हिस्सा रहे हैं. अनुभव से परिपूर्ण, कप्तान धोनी का भरोसा, बीते वर्ष आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन और अब ऑस्ट्रेलिया में अच्छे गेंदबाज़ी के बाद आशीष नेहरा को एक बार फिर से वर्ल्ड टी20 टीम में चुना गया है. साल 2003 और 2011 विश्वकप में देश के लिए जी जान लगाने वाले नेहरा ने देश के लिए 11 टी20 मुकाबलों में 15 विकेट हासिल किए हैं. नेहरा इस टीम में देश के सबसे अनुभवी गेंदबाज़ हैं और युवा गेंदबाज़ों को समजाने के साथ ही खुद को लय में रखना इनके लिए जरूरी होगा. नेहरा के 4 ओवरों का अनुभव सीरीज़ में टीम इंडिया के हर अगले कदम को तय करेगा.

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