धोनी के गलत फैसलों के बाद अब कप्तानी पर उठे सवाल

By: | Last Updated: Tuesday, 12 August 2014 11:43 AM

नई दिल्लीः महेन्द्र सिंह धोनी के नेतृत्व वाली टीम इंडिया ने लॉर्डस में 28 साल बाद जीत दर्ज करके पांच मैचों की वर्तमान श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बनायी थी लेकिन इसके बाद उसे साउथेम्पटन और मैनचेस्टर में करारी हार का सामना करना पड़ा और अभी वह सीरीज में 1-2 से पीछे चल रही है. भारतीय उपमाद्वीप में बेहतरीन खेल दिखाने वाले टीम इंडिया के चमत्कारी कप्तान देश से बाहर जाते ही फ्लॉप हो जाते और जब बात इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों की बात करें तो फिर हाथ में हार के सिवा कुछ और नहीं दिखता. धोनी भारतीय उपमाद्वीप के बाहर 13 टेस्ट मैच हारने वाले एकमात्र कप्तान हैं. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में 4-0 के बाद दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड में भी हार मिली. अब एक बार फिर कप्तान की टीम ऐसे ही मोड़ पर खड़ी है. इन हारों ने धोनी की रणनीति पर सवालों खड़े कर दिए हैं.

 

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प्लेइंग इलवेन को लेकर सवाल

धोनी की सबसे बड़ी समस्या टीम सेलेक्शन है. कई पूर्व खिलाड़ी इस मामले पर सवाल खड़े कर चुके हैं. कई बार धोनी ऐसे खिलाड़ी को टीम को हिस्सा बना लेते हैं जिनसे टीम को कोई फायदा नहीं होता. इस दौरे पर भी धोनी ने पहले बिन्नी को टीम का हिस्सा बनाया लेकिन मैदान पर विकेट स्पिनर समेट रहे थे. फिर पंकज सिंह टीम में आए जो शर्मनाक गेंदबाजी का अलग ही रिकॉर्ड बना डाले. लॉर्ड्स की भूल को धोनी ने ट्रेंट ब्रिज में भी दोहराया. दो टेस्ट मैचों में धोनी ने बिन्नी से केवल दस ओवर कराए. वहीं पंकज सिंह को प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनाना भी कई सवाल खड़ा करता है.

 

टॉस के बाद फैसले पर सवाल

चौथे टेस्ट में मैनचेस्टर के ऊपर बादल थे, आउटफील्ड गीले थे इसके बाद भी धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया.  नतीजतन पहले ही दिन बल्लेबाजी ढेर हो गई और तीसरे ही दिन तक टीम को हार स्वीकार करनी पड़ी. 

 

गेंदबाजों के बदलाव पर सवाल

इस पूरे सीरीज में गेंदबाजी को लेकर धोनी के कई फैसले किए जो अजीब रहे.  ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में एंडरसन और जॉय रूट की बल्लेबाजी के दौरान नजदीकी फिल्डर लगाना घातक साबित हुआ. इसका फायदा उठाते हुए दोनों बल्लेबाजों ने रिकॉर्ड 198 रनों की पार्टरनरशिप कर ली. लॉर्ड्स टेस्ट में बिना किसी वाजिब कारण के भुवनेश्वर कुमार के गेंदबाजी छोर में परिवर्तन कराया गया. जबकि वह नर्सरी एंड से तीन विकेट ले चुके थे.

 

स्पिन खेलने पर सवाल

भारतीय खिलाड़ियों को स्पिन का बेहतरीन प्लेयर माना जाता रहा है. लेकिन इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों ने इंग्लिश स्पिन गेंदबाज मोइन अली के सामने शर्मनाक तरीके से सरेंडर किया. उससे कप्तान के तौर पर धोनी के रवैये पर सवाल उठते हैं. मैच में जिस समय धोनी को मोईन पर अटैक करना चाहिए था तब उनके बल्लेबाज बैकफुट पर खेल रहे थे. जिसके कारण मोईन इस सीरीज में खासा सफल रहे.

 

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Web Title: doubts raised over mahendra singh dhoni as captain
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