सरिता का समर्थन नहीं करते द्रविड़

By: | Last Updated: Tuesday, 20 January 2015 4:56 PM

नई दिल्ली: पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ का मानना है कि भारतीय महिला मुक्केबाज एल सरिता देवी ने पिछले साल अक्तूबर में इंचियोन एशियाई खेलों में कांस्य पदक स्वीकार करने से इनकार करने सही काम नहीं किया था.

 

सरिता विवादास्पद अंक प्रणाली के तहत दक्षिण कोरिया की जिना पार्क से सेमीफाइनल में हार गई थी और इसके अगले दिन उन्होंने पोडियम पर पदक स्वीकार करने से इनकार कर दिया था जिसके बाद एआईबीए ने उन पर एक साल का प्रतिबंध लगाया.

 

द्रविड़ ने यहां एक व्याख्यान के दौरान दर्शकों से बातचीत करते हुए कहा, ‘‘मुझे जानकारी नहीं है कि मुक्केबाजी में अंक प्रणाली कैसी है. लेकिन हां मुझे सहानुभूति है कि सेमीफाइनल में हारने के बाद वह कैसा महसूस कर रही होगी लेकिन मुझे नहीं लगता कि 24 घंटे बाद जब उसने पदक स्वीकार नहीं किया तो मैं उसका समर्थन करता. मुझे लगता है कि यह सही चीज नहीं थी.’’

 

द्रविड़ ने जब पूछा गया कि वह भारतीय क्रिकेट की अगली ‘दीवार’ किसे समझते हैं तो उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, ‘‘मैं दुआ करता हूं कि यह नाम किसी को नहीं मिले. मुझे लगता है कि मीडिया के किसी आदमी ने भविष्य के शीषर्कों को ध्यान रखते हुए मुझे यह नाम दिया. ‘दीवार’ इसके बाद ‘दीवार टूट रही है’ और ‘दीवार की एक ईंट और गिरी’ बन गई.’’

 

द्रविड़ ने कहा कि जब वह अपने निजी करियर में खराब दौर से गुजर रहे थे तो अभिनव बिंद्रा का बीजिंग ओलंपिक का स्वर्ण पदक उनके लिए प्रेरणा था. इस पूर्व भारतीय कप्तान ने इस दौरान एमसी मैरीकोम, साइना नेहवाल और किदांबी श्रीकांत की उपब्धियों की सराहना की और साथ ही इस बारे में भी बात की कि भारतीय खेल जगत कैसे अब भी सरकार की सहायता के बिना काम नहीं कर सकता.

 

उन्होंने कहा, ‘‘मैं देश को असली खेल देश देखने के लिए पांच बदलाव देखना चाहता हूं. सबसे पहले तो सरकार को एलीट खिलाड़ियों का तहेदिल से समर्थन करना चाहिए और विभिन्न खेल महासंघों को नियंत्रण की लड़ाई छोड़कर खेल को सार्वजनिक संपत्ति बनाना चाहिए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं खेल और शिक्षा को एक साथ जुड़ते देखना चाहता हूं जबकि कोचों और सहायक स्टाफ को भी प्रोत्साहित करना चाहिए जिससे नौकरी के मौके भी बनेंगे. महिलाओं का प्रतिनिधित्व भी अहम है.’’

 

द्रविड़ ने कहा, ‘‘साथ ही मैं चाहता हूं कि पैरा खेलों को भी बराबरी की अहमियत मिले जहां पैरा एथलीटों को भी सभी सुविधाएं मिले. राष्ट्रीय खेल नीति बनाई जानी चाहिए जिसमें सभी संबंधित पक्षों का सक्रिय प्रतिनिधित्व हो.’’

Sports News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: dravid on sarita
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Related Stories

टेनिस: सिनसिनाटी ओपन के क्वार्टर फाइनल में कोंटा
टेनिस: सिनसिनाटी ओपन के क्वार्टर फाइनल में कोंटा

बासिल: ब्रिटेन की स्टार महिला टेनिस खिलाड़ी योहाना कोंटा ने सिनसिनाटी ओपन टेनिस टूर्नामेंट के...

ENGvsWI: कुक और रूट के शतकों से पहले दिन इंग्लैंड मजूबत
ENGvsWI: कुक और रूट के शतकों से पहले दिन इंग्लैंड मजूबत

बर्मिंघम: पूर्व कप्तान एलिस्टेयर कुक और मौजूदा कप्तान जो रूट की शानदार शतकों की मदद से...

श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले धोनी ने नेट्स में दिखाया दम
श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले धोनी ने नेट्स में दिखाया दम

दाम्बुला: 20 अगस्त को श्रीलंका के खिलाफ शुरु...

'यो-यो' से हारे टीम इंडिया के युवराज
'यो-यो' से हारे टीम इंडिया के युवराज

नई दिल्ली: कैंसर को मात देकर क्रिकेट के मैदान पर वापसी करने वाले टीम इंडिया के सिक्सर किंग...

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017