एस्ट्रोजन के स्तर का पता लगाएगा ये उपकरण

By: | Last Updated: Wednesday, 2 December 2015 9:37 AM
Estrogen’s Effects on the Female Body

 

नई दिल्ली : महिलाओं में एस्ट्रोजन हॉर्मोन का पता लगाने में मदद के लिए वैज्ञानिकों के एक दल ने एक सेंसर उपकरण विकसित किया है. एस्ट्रोजन की उपस्थिति होने पर यह उपकरण सिग्नल भेजता है, और उसके बाद शारीरिक द्रव्यों जैसे लार में एस्ट्रोजन के स्तर की माप कर सकता है.

 

साथ ही यह जल के स्रोतों विभिन्न जैसे तालाब आदि एस्ट्रोजन या इससे मिलते-जुलते रसायन से संक्रमित है या नहीं, इसका भी पता लगाता है, जो मानवों व पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है.

 

एस्ट्रोजेन हॉर्मोन महिलाओं की प्रजनन प्रणाली को नियंत्रण करने में अहम भूमिका निभाता है.

 

यह मानव प्रजनन क्षमता पर नजर रखने के साख ही पशुओं के प्रजनन चक्र को भी नियंत्रण करता है.

 

इस सेंसर उपकरण का निर्माण वेलिंग्टन की विक्टोरिया युनिवर्सिटी के शोधार्थियों ने किया है. इसे कम बिजली में इलेक्ट्रॉनिक निगरानी तंत्र के साथ जोड़ा जा सकता है.

 

इस उपकरण में एस्ट्रोजन अणुओं को बांधने के लिए डीएनए के छोटे टुकड़ों का भी इस्तेमाल किया गया है. इनका नाम ‘एप्टामर्स’ है. ‘एप्टामर्स’ पेप्टाइड अणु होते हैं, जो किसी भी लक्षित अणुओं को बांधने का काम करते हैं.

 

नैनोमैट्रिकल डिवाइस फैब्रिकेशन के अध्ययनकर्ता नटाली प्लैंक का कहना है, “एप्टामर्स बहुमुखी और चयनात्मक गुणों के साथ सेंसर के लिए बेहद शक्तिशाली हथियार होते हैं.”

 

डीएनए और आरएनए के विविध न्यूक्लियोटाइड्स में से सर्वश्रेष्ठ अणुओं के द्वारा इस प्रक्रिया को कई पीढ़ियों पर दोहराया गया है. इसके बाद टीम की योजना अधिक जटिल सेट-अप में उपकरण का परीक्षण करने की है.

 

यह रिपोर्ट ‘वैक्यूम साइंस एंड टेक्नालॉजी बी’ पत्रिका में प्रकाशित हुए है.

 

इसका निष्कर्ष पत्रिका ‘फ्रंट्यिर्स इन साइकोलॉजी’ में प्रकाशित हुआ है.

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Web Title: Estrogen’s Effects on the Female Body
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