धोनी के बचाव में आए गावस्कर, कहा- बनाया गया बलि का बकरा

By: | Last Updated: Tuesday, 13 October 2015 3:44 PM
gavaskar on dhoni

नई दिल्ली: साल 2015 में एक भी सीरीज नहीं जीतने वाले टीम इंडिया के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी इस वक्त आलोचकों के निशाने पर हैं. हर किसी ने धोनी पर हमला किया है लेकिन अब धोनी के बचाव में उतरे हैं पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर. गावस्कर ने धोनी का बचाव करते हुए कहा कि भारत के सीमित ओवरों के कप्तान को केवल बलि का बकरा बनाया जा रहा है और वह अभी तीन से पांच साल तक क्रिकेट खेल सकता है.

 

गावस्कर ने एनडीटीवी से कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उसे बलि का बकरा बनाया जा रहा है. कोई भी शिखर धवन, सुरेश रैना, विराट कोहली, बिन्नी के प्रदर्शन पर सवाल नहीं उठा रहा है. लगता है कि हर कोई गेंदबाजों के प्रदर्शन को भी नजरअंदाज कर रहा है. सारा दोष धोनी के उपर मढ़ दिया गया है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. मुझे लगता है कि वह अभी तीन से पांच साल तक क्रिकेट खेल सकता है.’’

 

कुछ पूर्व खिलाड़ियों जैसे पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन ने भारत के साउथ अफ्रीका के खिलाफ लगातार तीन मैच हारने पर धोनी की आलोचना की थी. उन्होंने कहा था कि वह अब पहले जैसा खिलाड़ी नहीं रहा. गावस्कर को लगता है कि धोनी अब भी खास खिलाड़ी है और उन्हें अपने फॉर्म में वापसी के लिये समय दिया जाना चाहिए. इस पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘मुझे याद है कि जब मैंने खेलना शुरू किया था तब संन्यास लेने की उम्र 33-34 साल हुआ करती थी. जब तक मैंने संन्यास लिया यह 37-38 साल हो गयी. सचिन तेंदुलकर ने तब संन्यास लिया जब वह 40 साल का था. इसलिए खिलाड़ी 40 साल तक खेल सकते हैं. हमें धोनी के मामले में संयम बरतने की जरूरत है. अभी उनमें काफी क्रिकेट बची हुई है. ’’

 

 

पूर्व स्पिनर ईरापल्ली प्रसन्ना ने हालांकि धोनी की आलोचना की. उन्होंने कहा कि उनका फुटवर्क अब पहले की तरह नहीं रहा और इससे उनकी टाइमिंग भी प्रभावित हो रही है. प्रसन्ना ने कहा, ‘‘यह धोनी के करियर के समापन की शुरूआत हो सकती है लेकिन निश्चित तौर पर अभी वह चुके नहीं हैं. वह अभी अगले दो से तीन साल तक खेल सकते हैं. लेकिन हां इस तरह से एक क्रिकेटर के करियर के अवसान की शुरूआत होती है. धोनी की टाइमिंग और फुटवर्क अब पहले जैसा नहीं रहा. ’’

 

गावस्कर भी इस चर्चा का हिस्सा थे और जब उनसे पूछा गया कि क्या टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के कारण धोनी का खेल प्रभावित हुआ है, उन्होंने कहा, ‘‘नहीं कतई नहीं. सचाई यह है कि वह अब नये जोश के साथ खेलेगा. टेस्ट क्रिकेट खेलने का मतलब है कि आपको लंबे समय तक विकेटों के पीछे खड़े रहना होगा और इससे खेल के अन्य पहलुओं पर प्रभाव पड़ता है. यह उनके लिये अच्छा है कि उन्होंने लंबी अवधि के प्रारूप से संन्यास ले लिया है. ’’

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