ग्रीन पार्क के लिये आईपीएल, डे नाइट मैच की मेजबानी अभी भी दूर की कौड़ी

By: | Last Updated: Friday, 5 June 2015 11:41 AM
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कानपुर: प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ (यूपीसीए) को ग्रीनपार्क स्टेडियम एक करोड़ रूपये सालाना किराये की लीज पर तीस साल के लिये देने के लिये एमओयू तो साइन कर लिया है लेकिन अभी भी यहां आईपीएल और डे नाइट के क्रिकेट मैच होना आसान नहीं है.

इन मैचों के लिये स्टेडियम में पर्याप्त लाइट और प्रकाश की व्यवस्था नही है और अगर आज से भी लाइट लगाने का काम शुरू कर दिया जायें तो इस काम में कम से कम छह महीने लगेंगे. यूपीसीए के सीईओ ललित खन्ना ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार और यूपीसीए के बीच दो दिन पहले तीन जून को लखनऊ में एमओयू साइन होने के बाद सोमवार आठ जून को प्रदेश सरकार की प्रमुख सचिव खेल ग्रीन पार्क का दौरा करने आ रही है . वह ग्रीन पार्क का दौरा कर यहां के काम का जायजा तो लेंगी ही साथी ही साथ वह यूपीसीए के पदाधिकारियों से भी वार्ता करेंगी .

 

उन्होंने कहा कि अगर प्रमुख सचिव खेल आज से भी ग्रीन पार्क में लाइट लगाने का काम शुरू करवा दे तो इसे पूरा होने में छह महीने लग जायेंगे लिहाजा ग्रीन पार्क में अभी केवल टेस्ट मैच ही हो पाना संभव है . इस लिये डे नाइट मैच और आईपीएल मैच की बात करना ही अभी जल्दबाजी होगी .

 

वैसे यूपीसीए के अधिकारी 1995 के बाद अब दूसरी बार एक बार फिर ग्रीन पार्क लीज पर मिलने पर काफी खुश है क्योंकि उसका मानना है कि उसे बीसीसीआई से अंतरराष्ट्रीय वनडे और टेस्ट मैच की मेजबानी मिलने में खड़ी बाधा दूर हो गयी है और अब ग्रीन पार्क को नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच मिलते रहेंगे . ग्रीन पार्क में अंतिम बार भारत और वेस्टइंडीज के बीच 27 नवंबर 2013 को एक दिवसीय क्रिकेट मैच हुआ था .

 

उसके बाद पिछले साल भी भारत और वेस्टइंडीज का एक अभ्यास मैच मिला था लेकिन चूंकि वेस्टइंडीज का दौरा बीच में ही रद्द हो गया इस लिये यहां मैच नही हो पाया . खन्ना ने बताया कि प्रदेश सरकार ने सात अप्रैल 2015 को कैबिनेट मीटिंग में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम ग्रीन पार्क यूपीसीए को तीस साल के लिये लीज पर देने का फैसला किया था और इस पर यूपीसीए और प्रदेश सरकार के बीच तीन जून को एमओयू पर हस्ताक्षर भी हो गये . इसके तहत यूपीसीए प्रत्येक वर्ष प्रदेश सरकार को एक करोड़ रूपया देगा और कोई भी अंतरराष्ट्रीय एक दिवसीय या टेस्ट मैच होने पर 15 लाख रूपये अलग से प्रति मैच देगा . स्टेडियम के ग्राउंड का रखरखाव यूपीसीए के जिम्मे होगा जबकि स्टेडियम की बिल्डिंग का निर्माण काम और रखरखाव का जिम्मा उत्तर प्रदेश सरकार का होगा .

 

खन्ना ने बताया कि वैसे तो अभी ग्रीन पार्क स्टेडियम में आईपीएल के मैच और डे नाइट के मैच होना संभव नही है क्योंकि स्टेडियम में जो फ्लड लाइट लगी है वह खराब है . अगर उत्तर प्रदेश सरकार ने लाइट की व्यवस्था ठीक कर दी और ग्रीन पार्क को डे नाइट मैच या आईपीएल मैच मिले तो उस दशा में यूपीसीए प्रति मैच 25 लाख रूपये प्रति मैच उत्तर प्रदेश सरकार को देंगी .

 

खन्ना ने कहा कि यूपीसीए को लीज पर ग्रीन पार्क मिलने के बाद उसकी भूमिका केवल केयर टेकर की होगी, निर्माण आदि का काम तो प्रदेश सरकार को ही कराना है . इस साल अक्टूबर में भारत में होने वाली क्रिकेट सीरीज का एक मैच कानपुर को मिला है . ग्रीन पार्क स्टेडियम पहली बार यूपीसीए को लीज पर नही मिला है बल्कि इससे पहले 1975 में ग्रीन पार्क को प्रदेश सरकार ने यूपीसीए को 20 साल के लिये लीज पर दिया था .

 

लीज की अवधि 1995 में खत्म हो गयी तब यूपीसीए ने बहुत कोशिश की लेकिन बात नही बनी . अब 20 साल बाद एक बार फिर यूपीसीए को प्रदेश सरकार ने लीज पर दिया है . इन बीस सालों में ग्रीन पार्क में जितने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच हुये उसके लिये उत्तर प्रदेश सरकार प्रति एक दिवसीय मैच एक करोड़ रूपया और टेस्ट मैच के लिये पचास लाख रूपया किराया लेती थी . लेकिन अब जब लीज हो गयी तो यूपीसीए को यह किराया नही देना पड़ेगा .

 

जहां तक यूपीसीए के स्टेडियम की बात है उसके लिये पिछले दस साल से जमीन तलाशी जा रही है .

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