खत्म हो गया हरभजन का टेस्ट करियर?

By: | Last Updated: Tuesday, 18 August 2015 1:00 PM
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नई दिल्लीः दो साल बाद आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह  दो टेस्ट खेलने के बाद ही अब टेस्ट क्रिकेट से बाहर होते दिख रहे हैं. कई दिग्गजों ने उनकी वापसी पर पहले ही सवाल उठाए थे अब उनके वापसी करने के बाद भी सवाल उठ रहे हैं.

 

श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में गॉल की स्पिनिंग ट्रैक पर भी एक विकेट लेने वाले हरभजन सिंह अब टीम की जरूरतों पर खरे उतरते नहीं दिख रहे हैं. न तो उनका अनुभव काम आ रहा है और न ही उनकी गेंदबाजी में पैनापन है. उसी ट्रैक पर अश्विन विकेट निकाल ले गए, अमित मिश्रा को भी विकेट मिला लेकिन भज्जी सिर्फ गेंद फेंकते रह गए. अब जब मुकाबला कोलंबो में होने जा रहा है जहां स्विंग गेंदबाजों को मदद मिलती रही है वहां भज्जी टीम में फिट बैठते नहीं दिख रहे. टीम मैनेजमेंट ने भी आनन फानन में 16वें खिलाड़ी के रूप में ऑलराउंडर स्टुअर्ट बिन्नी को टीम में लेकर भज्जी के सपनों को विराम देने की ओर कदम बढ़ा दिया है.

 

कोलंबो में स्विंग के रिकॉर्ड को देखते हुए टीम डायरेक्टर रवि शास्त्री प्रैक्टिस सेशन में बिन्नी से लगातार गेंदबाजी कराते दिखे. कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें दूसरे टेस्ट में खिलाया जा सकता है. कप्तान विराट कोहली अपने पांच गेंदबाजों की रणनीति के बारे में पहले ही कह चुके हैं ऐसे में इस बार तीन तेज गेंदबाज और दो स्पिनर के साथ उनके उतरने की तैयारी है.  अगर ऐसा हुआ तो हरभजन सिंह ही टीम से बाहर जाएंगे. अगर ऐसा हुआ तो उनके करियर के लिये बेहद नुकसानदेह हो सकता है.

 

टेस्ट में 400 से ज़्यादा विकेट ले चुके हरभजन को बांग्लादेश दौरे पर विराट की गुज़ारिश पर टीम में शामिल किया गया था. बारिश से बाधित होने के कारण वो श्रीलंका दौरे पर भी वह अपना स्थान बरकरार रखने में सफल रहे. गॉल में उनके पास सुनहरा मौका था लेकिन भज्जी ने मौका गंवा दिया. मैच की पहली पारी में उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला. दूसरी पारी में उन्होंने एक महत्वपूर्ण साझेदारी तोड़ी.

 

लेकिन जिस मैदान पर 40 विकेट में से 31 विकेट स्पिनरों ने लिए हों, उस मैदान पर भज्जी का खराब प्रदर्शन सवाल उठाता है. हालांकि मैच के बाद कप्तान ने हरभजन के खराब प्रदर्शन का बचाव करते हुए बात को दिनेश चंडीमल की पारी की ओर मोड़ दिया था. उनके पास इसके अलावा कोई चारा भी नहीं था क्योंकि भज्जी उनके कहने पर ही टीम में आए थे.

 

भारत के पूर्व स्पिनर वेंकटपति राजू का मानना है कि यह अनुभवी ऑफ स्पिनर वापसी में अपनी उपयोगिता साबित करने के लिये ‘अतिरिक्त प्रयास’ करने के चक्कर में फ्लॉप रहा.

 

इन सबके बाद यही सवाल उठता है कि अगर 35 साल के हरभजन अगर अब भी फ़ॉर्म हासिल नहीं कर पाते हैं, तो श्रीलंका सीरीज के बाद उनका टीम में बने रहना मुश्किल होगा. जिससे उनके टेस्ट करियर पर भी विराम लग सकता है.

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