क्रीज पर टिके रहने का मानक तय कर दिया है हाशिम नें: बावुमा

By: | Last Updated: Sunday, 6 December 2015 3:16 PM
Hashim has set the benchmark on survival: Bavuma

नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीका के सलामी बल्लेबाज तेंबा बावुमा का मानना है कि उनके कप्तान हाशिम अमला ने क्रीज पर टिके रहने के लिये मानक तय कर दिये हैं. जिससे वे चौथे टेस्ट क्रिकेट मैच में भारतीय स्पिनरों द्वारा बनाये गये दबाव को झेलने में सफल रहे. अमला ने 207 गेंदों पर नाबाद 23 रन बनाये जिससे दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज में 3-0 की हार से बचने की अपनी कवायद में अपनी दूसरी पारी में 72 ओवर में दो विकेट पर 72 रन बनाये हैं.

 

बावुमा से पूछा गया कि क्या वे बेहतरीन फॉर्म में चल रहे भारतीय स्पिनरों को परेशान करने में सफल रहे, उन्होंने कहा, ‘‘मैं परेशान नहीं कहूंगा लेकिन उन्होंने हम पर जो दबाव बनाया हम उसे झेलने में सफल रहे. ईमानदारी से कहूं तो यह विकेट अन्य तीन मैचों के विकेट से बेहतर है. मैं अन्य तीन मैचों में नहीं खेला लेकिन मैंने बाहर से उन्हें देखा और यह विकेट बेहतर है. उम्मीद है कि कल हम पूरे दिन बल्लेबाजी करने में सफल रहेंगे. ’’

 

उनका मानना है कि अन्य बल्लेबाजों को भी अमला और एबी डिविलियर्स की रणनीति अपनायी चाहिए हालांकि अगले 90 ओवर तक रक्षात्मक बल्लेबाजी करना बेहद मुश्किल है. इस 25 वर्षीय बल्लेबाज ने कहा, ‘‘यह मुश्किल है. किसी बल्लेबाज से 90 ओवर तक खेलना और वह भी पांचवें दिन जबकि विकेट और खराब हो सकता है. लेकिन हमारे पास अनुभवी खिलाड़ी है और हमारे पास कौशल है. हाशिम ने मानक तय कर दिया है. एबी अभी खेल रहा है और हमारे पास फाफ डु प्लेसिस और डेन विलास है. हम निश्चित तौर पर कल क्रीज पर टिके रहकर मैच ड्रॉ कराने की कोशिश करेंगे. ’’

 

बावुमा हालांकि मध्यक्रम के बल्लेबाज हैं लेकिन वह टीम के लिये कोई भी भूमिका निभाने के लिये तैयार है विशेषकर इंग्लैंड के खिलाफ आगामी घरेलू सीरीज में. उन्होंने कहा, ‘‘मैं आगे भी पारी का आगाज करने को लेकर उत्सुक हूं. मुझे टीम खिलाड़ी बनना पसंद है. इसलिए जब भी मौका मिले या जब भी टीम को लगे कि मैं यह भूमिका निभा सकता हूं तो मैं इसे निभाने के लिये तैयार हूं. यदि मुझे सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिये कहा जाता है तो मैं ऐसा करूंगा. यदि मुझे पारी की शुरूआत करने के लिये कहा जाता है तो मैं ऐसा करूंगा. ’’

 

बावुमा ने कहा कि रक्षात्मक रूप से खेलना उनकी बल्लेबाजी शैली नहीं है और जब कोई इसमें बदलाव चाहता है तो यह काफी मुश्किल काम बन जाता है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं हमेशा सकारात्मक बने रहना और स्कोर बनाने की कोशिश करता रहा हूं विशेषकर स्पिनरों के खिलाफ. जब आप अपने नैसर्गिक खेल के विपरीत खेलते हो तो यह काफी मुश्किल होता है. इस मैच में रन बनाना ही सब कुछ नहीं है. क्रीज पर टिके रहना महत्वपूर्ण है. ’’

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Web Title: Hashim has set the benchmark on survival: Bavuma
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