दिल्ली क्रिकेट में इससे बुरा समय नहीं देखा: रजत भाटिया

By: | Last Updated: Thursday, 24 September 2015 3:06 PM
Have not seen a worse time in Delhi cricket: Rajat Bhatia

नई दिल्ली: रणजी ट्राफी टीम से बाहर किये जाने वाले आलराउंडर रजत भाटिया ने आज यहां कहा कि डीडीसीए जैसे संघ से कोई कुछ भी उम्मीद नहीं कर सकता है और उनका मानना है कि अंदरूनी कलह के कारण दिल्ली की क्रिकेट गर्त में जा रही है.

 

एक दशक से भी अधिक समय तक दिल्ली टीम की तरफ से खेलने वाले भाटिया को राजस्थान के खिलाफ होने वाले पहले रणजी मैच के लिये टीम में नहीं चुना गया. माना जा रहा है कि कप्तान गौतम गंभीर के कहने पर ऐसा किया गया.

 

बिना किसी नोटिस के बाहर किये जाने से आहत और गुस्साये भाटिया ने कहा, ‘‘मैं कल नेट्स पर पहुंचा तो पाया कि पहले रणजी मैच से एक सप्ताह पहले कुछ भी व्यवस्थित नहीं है. अभ्यास के लिये पर्याप्त गेंदें नहीं थी और पीने के लिये पानी भी मुश्किल से नसीब हो रहा था. बाद में शाम को मुझे पता चला कि मुझे टीम से बाहर कर दिया गया है. मैंने (दिल्ली क्रिकेट) में इससे बुरे समय नहीं देखा था. ’’

 

गंभीर ने कल टीम के चयन में अहम भूमिका निभायी लेकिन जब 35 वर्षीय भाटिया से उन्हें बाहर किये जाने के कारण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि डीडीसीए में कैसे काम होता है. संघ में सब कुछ अव्यवस्थित है. उन्हें प्राक्सी वोट और खुद के हितों या खेल समिति को लेकर आपस में झगड़ने के बाद यदि समय मिलता है तो तभी वे खिलाड़ियों के बारे में सोचते हैं. ’’

 

भाटिया हालांकि मझधार में फंसे हुए है कि अंतरराज्यीय स्थानान्तरण का समय समाप्त हो चुका है और उनके पास अब कोई विकल्प नहीं है. उनका आईपीएल करियर भी अधर में लटक गया है क्योंकि उनकी टीम राजस्थान रायल्स पर दो साल का प्रतिबंध लगाया गया है.

 

उन्होंने कहा, ‘‘बेहतर होता यदि डीडीसीए मुझे पहले सूचित करता (कि मेरे नाम पर विचार नहीं किया जाएगा). इससे मैं अपने भविष्य के लिये योजना बना सकता था. मैं खिलाड़ी हूं और मेरा काम खेलना है चाहे कोई भी टीम हो. मुझे नहीं लगता कि इस सत्र में मैं किसी अन्य टीम की तरफ से खेल सकता हूं इसलिए मैं केवल अभ्यास जारी रखूंगा. ’’

 

भाटिया ने कहा कि उस संघ से आप ज्यादा उम्मीद नहीं कर सकते जिसके पास अपने पुराने खिलाड़ियों की बात सुनने के लिये भी समय नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘बिशन सिंह बेदी और मदनलाल जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने डीडीसीए की कार्यप्रणाली में सुधार के लिये काफी कोशिश की थी लेकिन वे भी कुछ नहीं कर पाये. वीरेंद्र सहवाग और मिथुन मन्हास जैसे सीनियर खिलाड़ियों ने अन्य टीमों की तरफ से खेलने का फैसला किया जिससे आप अनुमान लगा सकते हैं कि डीडीसीए में क्या चल रहा है. मुझे उम्मीद है कि चीजें बदलेंगी. ’’

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Web Title: Have not seen a worse time in Delhi cricket: Rajat Bhatia
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