हॉक-आई ने मानी अपनी गलती, क्या विश्व कप में ऐसे ही आउट होंगे खिलाड़ी?

By: | Last Updated: Thursday, 11 December 2014 1:53 PM

नई दिल्लीः डिसीजन रिव्यू सिस्टम को लेकर एक बार फिर विवाद शुरु हो गया है. एक तरफ जहां भारत इस सिस्टम को लेकर लगातारा विरोध करता आया है तो वहीं ऑस्ट्रेलिया में खेले जा रहे टेस्ट सीरीज में इस सुविधा को न लेने पर बहस चल रही है.

 

इस बीच डीआरएस में मुख्य रूप से इस्तेमाल होने वाले हॉक आई तकनीक खुद ही सवालों के घेरे में आ गई है. हॉक आई सेवा प्रदाता कंपनी ने आईसीसी के साथ हुई बैठक में न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के बीच खेले गए दूसरे टेस्ट में पाकिस्तान के ओपनर शान मसूद को आउट दिए जाने में अपनी गलती स्वीकार ली है.

 

हॉक आई ने माना है कि उसकी रिव्यू सिस्टम में खामी थी. गौरतलब है कि पिछले महीने दूबई में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में ट्रेंट बॉल्ट की यॉर्कर लेंथ की गेंद मसूद की पैड से टकराई जिसे मैदानी अंपायर ने आउट करार दिया. अपने साथी खिलाड़ी और कप्तान मिसबाह उल हक के साथ बात करने के बाद मसूद ने डीआरएस की मदद मांगी जिसके हॉक आई में उन्हें आउट करार दिया गया. जबकि गेंद को लेफ्ट आर्म गेंदबाज ने डाली थी जो विकेट पर गिरने के बाद एंगल के साथ बाहर निकल जाती लेकिन हॉक आई में उसे गिरने के बाद अंदर की ओर जाता दिखाया. 

 

वहीं अब क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, गुरुवार को मैच के दौरान ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज नाथन लियोन ने भारतीय बल्लेबाज मुरली विजय के खिलाफ पगबाधा की अपील की.

 

लियोन की इस अपील को अंपायर ने ठुकरा दिया और स्पष्ट तौर पर यदि डीआरएस प्रणाली लागू होती तो ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क इसका उपयोग करना चाहते.

 

टेलीविजन रिप्ले में हालांकि साफ तौर पर गेंद स्टम्प से बाहर जा रही थी, लेकिन इस घटना ने डीआरएस प्रणाली को एक बार फिर चर्चा में जरूर ला दिया है.

 

बीसीसीआई के विरोध के बाद कॉमनवेल्थ बैंक टेस्ट सीरीज में डीआरएस प्रणाली लागू नहीं की गई है. इन विवाद के बीच भी अगले साल होने वाले विश्व कप में डिआरएस सुविधा होगी. ऐसे में सवाल उठना लाज़मी है कि जब खुद ही हॉक आई अपनी गलती स्वीकार कर रही है तो फिर उन फैसलों का क्या होगा जो इस तकनीक के कारण दिया जाता है.

 

इससे पहले 2011 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मैच के दौरान भी एक वाक्या हुआ था जब हॉक आई विवादों में आई थी. उस वक्त पाकिस्तानी गेंदबाज सईद अजमल की गेंद पर सचिन मैदानी अंपायर के द्वारा पगवाधा आउट करार दिए गए थे. सचिन ने डीआरएस का इस्तेमाल किया और वो आउट होने से बच गए. हॉक आई में दिखाया गया था कि गेंद पिच होने के बाद स्टंप से बाहर जा रही थी.